• Hindi News
  • Haryana
  • Faridabad
  • 60 किमी की दूरी, 134 सुरक्षाकर्मियों के हवाले 1.25 लाख ट्रेन यात्रियों की सुरक्षा
--Advertisement--

60 किमी की दूरी, 134 सुरक्षाकर्मियों के हवाले 1.25 लाख ट्रेन यात्रियों की सुरक्षा

नई दिल्ली से पलवल जा रही शटल में बल्लभगढ़-असावटी स्टेशन के बीच 22 जून 2017 को हुई जुनैद हत्याकांड की गूंज देशभर में सुनाई...

Dainik Bhaskar

Jun 22, 2018, 02:10 AM IST
60 किमी की दूरी, 134 सुरक्षाकर्मियों के हवाले 1.25 लाख ट्रेन यात्रियों की सुरक्षा
नई दिल्ली से पलवल जा रही शटल में बल्लभगढ़-असावटी स्टेशन के बीच 22 जून 2017 को हुई जुनैद हत्याकांड की गूंज देशभर में सुनाई दी थी। इस घटना के बाद नेता से लेकर सुरक्षा एजेंसियां तक हरकत में आई थी। तब यात्रियों की सुरक्षा के तमाम दावे किए गए थे, लेकिन एक साल बीतने के बाद भी हालात जस के तस हैं। न सुरक्षाकर्मी बढ़े और न शटल में सीसीटीवी कैमरे लगे। शाम को नई दिल्ली से मथुरा जाने वाली ट्रेनों की सुरक्षा भगवान भरोसे रहती है। इस चर्चित हत्याकांड के बाद जीआरपी ने असावटी स्टेशन पर चौकी तो खोल दी लेकिन पुलिस कर्मियों के लिए भवन नसीब नहीं हुआ। आरपीएफ और जीआरपी में कार्यरत मुलाजिमों में 70 फीसदी सुरक्षाकर्मियों की उम्र 45 के पार है। ऐसे में यात्रियों की सुरक्षा कितनी मजबूत होगी अंदाजा लगाया जा सकता है।

जीआरपी पर जताया अविश्वास सीबीआई जांच की मांग : जुनैद के परिजनों ने जीआरपी की जांच प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए इस हत्याकांड की जांच सीबीआई से कराने की मांग की है। परिजन हाईकोर्ट गए। वहां याचिका खारिज हो गई। इसके बाद अब सुप्रीमकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। दो जुलाई को सुप्रीमकोर्ट में सीबीआई जांच कराने की सुनवाई होगी। सिविल कोर्ट में चल रही सुनवाई पर फिलहाल रोक लगी है।

नई दिल्ली से पलवल तक सफर के दौरान रात में प्लेटफॉर्म पर नहीं दिखे सुरक्षाकर्मी

शटल में 2688 यात्रियों की जगह, बैठते हैं 4000

नई दिल्ली से फरीदाबाद और पलवल की दूरी 30-30 किलोमीटर है। इस सेक्शन में कुल 44 लोकल ट्रेनों का परिचालन होता है। 12 कोच वाली एक शटल में करीब 2688 यात्रियों के बैठने की व्यवस्था होती है लेकिन सफर करते हैं 3500 से 4000 यात्री। सुरक्षाकर्मियों की बात करें तो फरीदाबाद से पलवल तक आरपीएफ कर्मियों की कुल संख्या 55 और जीआरपी की 85 है। इन 134 सुरक्षाकर्मियों से ही 24 घंटे थाने व चौकियां चलाई जा रही हैं। इसमें ट्रेन यात्रियों की सुरक्षा भी शामिल है।

नहीं लग पाए सीसीटीवी कैमरे

शाम के वक्त प्लेटफॉर्म पर नहीं दिखती सुरक्षा

जुनैदा हत्याकांड के बाद जीआरपी और आरपीएफ हरकत में आई थी। सुबह से लेकर रात तक प्लेटफॉर्मों पर सशस्त्र पुलिसकर्मी नजर आने लगे थे। लेकिन समय के साथ धीरे-धीरे व्यवस्था खत्म हो गई। दिन में तो प्लेटफॉर्म पर सुरक्षाकर्मी नजर आ भी जाते हैं लेकिन रात के वक्त उनका पता नहीं होता। भास्कर ने बुधवार को मथुरा जा रही 64910 शटल से पलवल तक सफर कर सुरक्षा के हालात का जायजा लिया। किसी भी स्टेशन के प्लेटफॉर्म पर कोई सुरक्षाकर्मी नहीं दिखाई दिया। ट्रेनों की जांच करने की बात तो दूर की है।

घटना के बाद रेलवे ने दावा किया था कि जल्द ही शटल व अन्य एक्सप्रेस ट्रेनों और स्टेशनों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। लेकिन एक साल बाद भी न तो शटलों में सीसीटीवी कैमरे लग पाए और न ही स्टेशनों पर। फरीदाबाद से पलवल के बीच में कुल पांच स्टेशन हैं। एक भी स्टेशन पर कैमरे की व्यवस्था नहीं है।

बूढ़ी होने के कगार पर आरपीएफ व जीआरपी

जानकर हैरानी होगी कि यात्रियों की सुरक्षा का जिम्मा संभाल रही आरपीएफ और जीआरपी बूढ़ी हो चली है। सबसे अधिक बुरा हाल आरपीएफ का है। इसमें अधिकांश मुलाजिम 55 के पार हो चुके हैं। जबकि 70 फीसदी 45 से अधिक उम्र के हैं। कई ऐसे मुलाजिम हैं जिनकी रिटायरमेंट सीमा महज 3-4 साल रह गई है। यही हाल जीआरपी का है। इसमें भी 50 पार मुलाजिमों की संख्या अधिक है। ऐसे में उक्त मुलाजिम कितने सक्रिय होंगे अंदाजा लगाया जा सकता है।

ये है पूरा मामला

22 जून 2017 को खंदावली गांव निवासी जलालुद्दीन के बेटे जुनैद की ट्रेन में सीट पर बैठने को लेकर हुए विवाद में नई दिल्ली से मथुरा ज रही 64904 शटल ट्रेन में बल्लभगढ़-असावटी स्टेशन के बीच चाकुओं से गोदकर हत्या कर दी गई थी। इस हत्याकांड में पलवल के खांबी गांव निवासी रामेश्वर, उसके दोस्त प्रदीप, चंद्रप्रकाश, रमेश, गौरव और नरेश कुमार आरोपी बनाए गए। जीआरपी ने पांचों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। बाद में कोर्ट ने रमेश, चंद्रप्रकाश, प्रदीप, रामेश्वर और गौरव को जमानत दे दी। मुख्य आरोपी नरेश को अभी जमानत नहीं मिल पाई है।

नई दिल्ली-पलवल की दूरी 60 किलोमीटर













यात्रियों की सुरक्षा का पूरा प्रयास





X
60 किमी की दूरी, 134 सुरक्षाकर्मियों के हवाले 1.25 लाख ट्रेन यात्रियों की सुरक्षा
Bhaskar Whatsapp

Recommended

Click to listen..