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सऊदी अरब महिलाओं को ड्राइविंग का हक देने वाला दुनिया का आखिरी देश बना; 28 साल संघर्ष के बाद हटी पाबंदी, अाधी रात कार लेकर निकलीं महिलाएं / सऊदी अरब महिलाओं को ड्राइविंग का हक देने वाला दुनिया का आखिरी देश बना; 28 साल संघर्ष के बाद हटी पाबंदी, अाधी रात कार लेकर निकलीं महिलाएं

Faridabad News - रियाद| सऊदी अरब में शनिवार-रविवार रात का नजारा बिल्कुल अलग था। बड़ी संख्या में महिलाएं सड़कों पर जश्न मना रही थीं।...

Jun 25, 2018, 02:10 AM IST
सऊदी अरब महिलाओं को ड्राइविंग का हक देने वाला दुनिया का आखिरी देश बना; 28 साल संघर्ष के बाद हटी पाबंदी, अाधी रात कार लेकर निकलीं महिलाएं
रियाद| सऊदी अरब में शनिवार-रविवार रात का नजारा बिल्कुल अलग था। बड़ी संख्या में महिलाएं सड़कों पर जश्न मना रही थीं। रात 12 बजते ही महिलाएं गाड़ी लेकर सड़कों पर निकल पड़ीं। रास्ते में लोग इन्हें शुभकामनाएं दे रहे थे। चेक प्वाइंट्स पर पुलिसवालों ने गुलाब के फूल देकर इनका स्वागत किया, जो इससे पहले गाड़ी चलाने पर महिलाओं को जेल भेज देते थे। उन पर आतंक से जुड़ी धाराएं लगाते थे। इसी के साथ सऊदी में 24 जून इतिहास में दर्ज हो गया। इस दिन महिलाओं को गाड़ी चलाने की अनुमति मिल गई। दुनिया में सिर्फ सऊदी में महिलाओं पर इस तरह की पाबंदी थी। ये आजादी पाने के लिए इन्हें 28 साल संघर्ष करना पड़ा।

पर ये 5 पाबंदी अब भी जारी... गार्जियनशिप सिस्टम: महिलाओं को पुरुषों की गार्जियनशिप में रहना पड़ता है। उनकी इच्छा के विरुद्ध शादी नहीं कर सकतीं, विदेश नहीं जा सकतीं। पुरुषों से मिलने पर रोक: गैर पुरुष से मित्रता नहीं कर सकतीं। न ही उनके साथ कहीं जा सकती हैं। ड्रेस कोड: पब्लिक प्लेस पर महिलाओं को लंबे और ढीले कपड़े के अलावा हिजाब पहनना जरूरी है। वर्किंग रूल्स: महिला डॉक्टर, मेल डॉक्टर की अनुमति बगैर पुरुषों का इलाज नहीं कर सकतीं। वॉकिंग रूल्स: महिलाएं अकेले घूम नहीं सकतीं। ऐसा करने से रोकने के लिए धार्मिक पुलिस है।

संघर्ष का बड़ा चेहरा

ये महज शुरुआत है, हमें बहुत लंबी दूरी तय करनी है, हम पूरी आजादी लेकर रहेंगे: मानल अल-शरीफ

, फरीदाबाद, सोमवार 25 जून, 2018

मानल अल-शरीफ 19 मई 2011 में तब चर्चा में आई थीं, जब उन्होंने गाड़ी ड्राइव करते हुए गिरफ्तारी दी थी। उन्हें 73 दिन जेल में रहना पड़ा था। इसके बाद वूमन टू ड्राइव मूवमेंट ने रफ्तार पकड़ी। अभी मानल सिडनी में रहती हैं। ड्राइविंग का हक मिलने पर वो कहती हैं- यह महज शुरुआत है। अभी हमें लंबी दूरी तय करनी है। सऊदी में महिलाओं को पुरुषों के सुपरविजन में रहना पड़ता है। उनकी इजाजत पर ही शादी कर सकती हैं। विदेश जा सकती हैं। आपकी क्षमता कोई मायने नहीं रखती। पुरुषों का गुलाम बनकर रहना पड़ता है। घरेलू हिंसा का भी कानून नहीं है। मेरे लिए आजादी का मतलब है कि गर्व के साथ जीना। इस एेतिहासिक दिन के साथ मैंने माइल्स फॉर फ्रीडम कैंपेन लाॅन्च किया है। दुनियाभर की महिलाओं से मेरी अपील है कि वे साइट पर जाकर अपनी गाड़ी चलाते हुए नाम और लोकेशन शेयर करें। 10 लाख मील पूरे होने पर मैं प्रिंस सलमान को ओपन पिटीशन भेजूंगी। हमारा मकसद गार्जियनशिप सिस्टम को खत्म कर पूरी आजादी हासिल करना है।

बदलाव की तस्वीर: एक दिन पहले कार चलाने पर जो पुलिस महिलाओं को गिरफ्तार कर जेल भेज देती थी। उसी पुलिस ने रविवार को ‘टेक केयर’ के मैसेज के साथ गुलाब के फूल दिए।

इससे 2030 तक सऊदी इकोनॉमी को छह लाख करोड़ रु. का फायदा होगा






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सऊदी अरब महिलाओं को ड्राइविंग का हक देने वाला दुनिया का आखिरी देश बना; 28 साल संघर्ष के बाद हटी पाबंदी, अाधी रात कार लेकर निकलीं महिलाएं
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