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वर्ल्ड कप पर दुनिया में 1.43 लाख करोड़ रु. खर्च हांेगे, यह रकम 99 देशों की जीडीपी से ज्यादा है

स्टेडियम के लिए 13 हजार करोड़ का बजट रूस में होने जा रहे फीफा वर्ल्ड कप-2018 का आधिकारिक बजट करीब 13,140 करोड़ रुपए है।...

Danik Bhaskar | Jun 12, 2018, 02:10 AM IST
स्टेडियम के लिए 13 हजार करोड़ का बजट

रूस में होने जा रहे फीफा वर्ल्ड कप-2018 का आधिकारिक बजट करीब 13,140 करोड़ रुपए है। यह बजट मुख्यत: स्टेडियम के लिए था। लेकिन रूस ने ट्रांसपोर्ट, सुरक्षा, स्वास्थ्य को मिलाकर कुल 88 हजार करोड़ रुपए खर्च किए हैं। यदि दुनियाभर में वर्ल्ड कप से जुड़े टूरिज्म, विज्ञापन, स्पोर्ट्सवियर आदि का खर्च जोड़ दें तो यह आंकड़ा 1 लाख, 43 हजार करोड़ रुपए पार कर जाता है। यह रकम दुनिया के 211 देशों मंे से 99 की जीडीपी से ज्यादा है। रूस को मेजबानी पर इतनी राशि इसलिए भी खर्च करनी पड़ी क्योंकि उसके पास अन्य विकसित यूरोपीय देशों की तुलना में फुटबॉल से जुड़ा तंत्र उतना मजबूत नहीं था।

24 लाख टिकट बेचे गए हैं फीफा वर्ल्ड कप के

मेजबान रूस... 2.22 लाख रोजगार पैदा हुए

इकोनॉमी को 10 साल में 2.10 लाख करोड़ रु. का फायदा होगा

रूस की इकोनॉमी को वर्ल्ड कप की बदौलत 2.1 लाख करोड़ रुपए का फायदा होगा। रूस ने वर्ल्ड कप के आयोजन के लिए खेल और इन्फ्रास्ट्रक्चर पर 88 हजार करोड़ रुपए खर्च किए हैं। इसकी 30% (28 हजार करोड़) रकम खेल से जुड़े निर्माण, 50% (46 हजार करोड़) ट्रांसपोर्ट-हेल्थ-सिक्योरिटी और 20% (14 हजार करोड़) होटल व अन्य सपोर्ट एक्टिविटीज पर खर्च हुई है। इससे 2013 से 2023 के बीच रूस की इकोनॉमी को 2.1 लाख करोड़ रुपए का फायदा होगा। वर्ल्ड कप की तैयारियों की बदौलत रूस में 2.22 लाख रोजगार पैदा हुए। अप्रैल से सिंतबर-2018 के बीच रूस की इकोनॉमी 0.2% की रफ्तार से बढ़ेगी।

स्रोत: फीफा की ऑफीशियल वेबसाइट, रूस का प्रतिष्ठित अखबार मॉस्को टाइम्स, डेटा एजेंसी स्टैटिस्टा, न्यूज-फोटो एजेंसी एसोसिएटेड प्रेस, जेनिथ और इंग्लैंड की स्पोर्ट्सबिजनेस वेबसाइट।



88 हजार करोड़ रु. रूस ने खर्च किए आयोजन पर


रूस तैयारी में सबसे अधिक 30 हजार करोड़ रुपए ट्रांसपोर्ट पर खर्च कर रहा है

11 शहरों के बीच 3200 किमी की दूरी कवर करने के लिए 100 से अधिक फ्लाईओवर बनाए गए। मॉस्को में 24 घंटे मेट्रो चलेगी।

15 लाख टिकट विदेशी प्रशंसकों ने खरीदे हैं। जबकि, रूसी नागरिकों ने 8.72 लाख टिकट खरीदे हैं।

88 हजार टिकट खरीदे हैं अमेरिकी प्रशंसकों ने। सबसे अधिक। हालांकि, अमेरिका क्वालिफाई नहीं कर सका है।

72 हजार टिकट ब्राजील के फैंस ने खरीदे। यह संख्या वर्ल्ड कप खेलने वाले देशों में रूस के बाद सबसे अधिक है।

28 हजार टिकट भारतीयों ने खरीदे। वर्ल्ड कप नहीं खेलने वाले देशों में तीसरा नंबर। अमेरिका पहले, चीन दूसरे नंबर पर।

850 टिकट दिए गए हैं उन देशों के एसोसिएशंस को, जो क्वालिफाई नहीं कर सके हैं। इन देशों की संख्या 177 है।

फुटबॉल वर्ल्ड कप दुनिया में सबसे अधिक देखा जाने वाला और सबसे महंगा स्पोर्ट्स इवेंट है। रूस ने मेजबानी पर 88 हजार करोड़ रुपए खर्च किए हैं। यह 88 साल के वर्ल्ड कप इतिहास में सबसे अधिक है।

15 लाख विदेशी पर्यटक आएंगे रूस, 400% टूरिज्म बढ़ेगा

आयोजकों को उम्मीद है कि 15 लाख से अधिक लोग वर्ल्ड कप के बहाने रूस आएंगे। यानी, रूस में टूरिज्म पर 400% की बढ़ोतरी होगी। ये लोग मैच देखने के अलावा कई शहरों और ऐतिहासिक स्थलों की यात्रा करेंगे। इस दौरान ये सभी कुल 20 हजार करोड़ रुपए खर्च करेंगे। वर्ल्ड कप के लिए शनिवार को फीफा के अतिरिक्त 1.20 लाख टिकट एक घंटे के अंदर ही बिक गए। आयोजकों को उम्मीद है कि विदेश से आने वाला फुटबॉल प्रशंसक रूस में वर्ल्ड कप के दौरान औसतन 12 दिन बिताएगा। खास बात यह भी कि जो देश वर्ल्ड कप के लिए क्वालिफाई नहीं कर पाए हैं, वहां से भी लोग रूस पहुंचेंगे।

30 हजार करोड़ रु. विज्ञापन-फैशन पर
दुनिया... चीन को 5,630 करोड़ का विज्ञापन मिलेगा

211 देशों में 25 हजार करोड़ रु. का विज्ञापन दिखाया जाएगा

वर्ल्ड कप के दौरान और अगले एक महीने में विभिन्न कंपनियां 25 हजार करोड़ रुपए विज्ञापन पर खर्च करेंगी। विज्ञापन का सबसे बड़ा हिस्सा टीवी को मिलेगा। इसके बाद वेबसाइट और सोशल मीडिया को विज्ञापन मिलेंगे। सबसे अधिक 5,630 करोड़ का विज्ञापन चीन में दिखाया जाएगा। इसके बाद अमेरिका में विज्ञापन पर 2,700 करोड़ खर्च किए जाएंगे। चीन और अमेरिका दोनों ही देशों ने वर्ल्ड कप के लिए क्वालिफाई नहीं किया है। पर यहां फुटबॉल लगातार लोकप्रिय हो रहा है। यहां के लोग शॉपिंग पर अधिक खर्च करते हैं। इसी कारण कंपनियाें का जोर इन देशों पर है। मेजबान रूस में 432 करोड़ विज्ञापन पर खर्च होंगे।

25 हजार करोड़ रु. टूरिज्म, ड्रिंक्स-फूड पर
20 साल में साढ़े छह गुना बढ़ गया वर्ल्ड कप आयोजन का खर्च


13.4

फ्रांस 1998

20

17.5

कोरिया-जापान 2002

बांग्लादेश ने वर्ल्ड कप के लिए 675 करोड़ के स्पोर्ट्सवियर बेचे

वर्ल्ड कप में हिस्सा ले रही टीमों की किट बांग्लादेश में बनी हैं। बांग्लादेश ने वर्ल्ड कप के लिए 675 करोड़ रु. के स्पोर्ट्सवियर और झंडे सप्लाई किए हैं। इसमें खिलाड़ियों, फैंस और देश की जर्सी भी शामिल है। यहां एडिडास, प्यूमा, नाइकी, जी-स्टार, एचएंडएम और मार्क्स एंड स्पेंसर जैसे इंटरनेशनल ब्रांड्स स्पोर्ट्सवियर बनाते हैं। बांग्लादेश की कई कंपनियां साल भर यूरोपियन क्लब के खिलाड़ियों के लिए भी स्पोर्ट्सवियर सप्लाई करते हैं। दूसरी ओर, वर्ल्ड कप 2018 की गेंद टेलस्टार-18 पाकिस्तान में बनी है। पाकिस्तानी कंपनी फॉरवर्ड स्पोर्ट को इसके लिए करीब 300 करोड़ रुपए की डील मिली थी।

जर्मनी 2006

 फरीदाबाद, मंगलवार, 12 जून, 2018

79.5

26

द.अफ्रीका 2010

88

(आंकड़े हजार करोड़ रुपए में)

ब्राजील 2014

रूस 2018

फीफा के बाद तीन सबसे पाॅपुलर खेलों के वर्ल्ड कप

क्रिकेट वर्ल्ड कप-15 के आयोजन पर 1214 करोड़ रुपए खर्च हुए थे





रग्बी वर्ल्ड कप-15 के आयोजन पर 890 करोड़ रुपए खर्च हुए थे




हॉकी भुवनेश्वर वर्ल्ड कप-18 के आयोजन पर 90 करोड़ रु. खर्च होंगे





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