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तीन महीने पहले तक दुनिया के दो सबसे बड़े दुश्मन रहे देश 70 साल बाद आज मिलाएंगे हाथ

Bhaskar News Network | Last Modified - Jun 12, 2018, 02:10 AM IST

  • तीन महीने पहले तक दुनिया के दो सबसे बड़े दुश्मन रहे देश 70 साल बाद आज मिलाएंगे हाथ
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    ट्रम्प और किम सिंगापुर के दो अलग द्वीपों पर रुके हैं

    एजेंसी | सिंगापुर

    दुनिया के दो सबसे बड़े दुश्मन देश आज पहली बार दोस्ती का हाथ मिलाएंगे। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और उत्तर कोरिया के राष्ट्रपति किम जोंग मंगलवार सुबह सिंगापुर के सैंटाेसा द्वीप पर कपैला होटल में शिखर वार्ता करेंगे। इस दौरान उनके साथ सिर्फ एक-एक ट्रांसलेटर रहेंगे। इसके बाद दोनों अपने प्रतिनिधियों के साथ भी बातचीत कर सकते हैं। इस मुलाकात को दुनिया की अब तक की सबसे बड़ी शांति पहल कहा जा रहा है। दोनों देशों में 70 साल से कोई संबंध नहीं हैं। पहली बार दोनों के देशों के सर्वोच्च नेता मिलेंगे। ट्रम्प अपने 72वें जन्मदिन से दो दिन पहले दुनिया को शांति का सबसे बड़ा पैगाम देंगे। वह 14 जून को 72 साल के हो जाएंगे। सोमवार को सिंगापुर के पीएम ली सीन लुंग ने ट्रम्प से बर्थ-डे केक भी कटवाया। वहीं, किम मुलाकात से 12 घंटे पहले सिंगापुर में टहलते नजर आए।

    अमेरिका ने 46 साल में 5वीं बार अपने सबसे बड़े विरोधी देश के साथ बातचीत शुरू की

    अमेरिका-क्यूबा|जब60 साल बाद दोनों देशों के नेता मिले

    अमेरिका-क्यूबा के बीच दुश्मनी 1953 में शुरू हुई थी। पहली बार 2013 में नेल्सन मंडेला के अंतिम संस्कार में क्यूबा के नेता राउल कास्त्रो और अमेरिकी राष्ट्रपति ओबामा ने हाथ मिलाया था। 2016 में ओबामा ने क्यूबा जाकर इतिहास रचा।

    ट्रम्प ने अपने 72वें जन्मदिन से दो दिन पहले ही सिंगापुर के पीएम के साथ केक काटा

    सोमवार को ट्रम्प ने सिंगापुर के प्रधानमंत्री ली सीन के साथ अपने 72वें जन्मदिन से दो दिन पहले केक काटा।

    अमेरिका-वियतनाम| 25 साल बाद क्लिंटन वियतनाम गए

    अमेरिका और वियतनाम में 1964 में युद्ध शुरू हुआ था। 10 साल तक चले युद्ध में 58,000 अमेरिकी और 15 लाख वियतनामी सैनिक मारे गए थे। 2000 में पहली बार अमेरिकी राष्ट्रपति क्लिंटन 4 दिन के लिए वियतनाम पहुंचे थे।

    फरीदाबाद, मंगलवार, 12 जून, 2018

    रिचर्ड निक्सन के साथ माओत्से तुंग

    ट्रम्प-किम मुलाकात की 3 बड़ी बातें

    ट्रम्प को मिल सकता है शांति का नोबेल प्राइज

    इसी साल मार्च में ट्रम्प ने पहली बार किम के साथ वार्ता की पहल की थी। तब से उनके समर्थक यह भी कह रहे हैं कि उन्हें नोबेल पुरस्कार दिया जाना चाहिए। यदि किम जोंग और ट्रम्प की मुलाकात सफल रहती है, तो ट्रम्प नोबेल पुरस्कार हासिल भी कर सकते हैं।

    सबसे शक्तिशाली देश, बेहद कमजोर देश से मिलेगा

    अमेरिका दुनिया की सबसे बड़ी इकोनॉमी है। उसकी कुल जीडीपी 12052 लाख करोड़ रुपए है। फिलहाल अमेरिका का दुनिया की जीडीपी में 17% हिस्सा है। वहीं, उत्तर कोरिया की कुल जीडीपी 1.92 लाख करोड़ रुपए है। जीडीपी के लिहाज से दुनिया के टॉप 125 देशों में उसकी 96वीं रैंक है। उत्तर कोरिया का दुनिया की जीडीपी में करीब 2.1% का हिस्सा है।

    अमेरिका-चीन| 25 साल बाद निक्सन, माओ से मिलने चीन गए

    अमेरिकी राष्ट्रपति रिचर्ड निक्सन 1972 में चीन पहुंचे थे। 1948 के बाद पहली बार कोई अमेरिकी राष्ट्रपति चीन पहुंचा था। उन्होंने चीनी राष्ट्रपति माओत्से तुंग से मुलाकात की थी। इससे पहले चीन-अमेरिका में कोई कूटनीतिक संबंध नहीं थे।

    अमेरिका, उ. कोरिया से प्रतिबंध हटा सकता है

    यदि किम परमाणु निरस्त्रीकरण की तरफ बढ़े तो यह ट्रम्प की जीत होगी। इसके बाद अमेरिका, उ. कोरिया के सामने निरस्त्रीकरण की शर्त रख कर उससे आर्थिक प्रतिबंध हटा सकता है। द. कोरिया में मौजूद अपने 23 हजार सैनिकों को भी वापस बुला सकता है।

    किम-ट्रम्प की जुबानी जंग...

    तीन महीने पहले पहले तक अमेरिका और उत्तर कोरिया के बीच कूटनीतिक, राजनीतिक, सामरिक, आर्थिक और जुबानी तरीके से मोर्चे बंदी देखने को मिलती थी। यहां तक ट्रम्प अौर किम जोंग एक-दूसरे से कट्‌टर दुश्मन की तरह पेश आते थे। इसी साल एक बार जब किम जोंग ने कहा कि उत्तर कोरिया के परमाणु हथियारों की जद में पूरा अमेरिका है, न्यूक्लियर बटन मेरे डेस्क पर होता है। इस पर ट्रम्प ने ट्वीट किया कि कोई किम को बताए कि मेरे पास भी न्यूक्लियर बटन है, जो उसके बटन से बहुत बड़ा और ताकतवर है। मेरा बटन काम भी करता है।

    किम जोंग सिंगापुर अपना टॉयलेट लेकर भी गए हैं

    ट्रम्प-किम के बीच जिस सैंटोसा द्वीप पर बातचीत हो रही है, वहां दो किमी इलाके में ‘लिटिल इंडिया’ है। यहां भारतीय मूल के लोगों के 300 रेस्त्रां हैं।

    किम जोंग सुरक्षा कारणों से पोर्टटेबल टॉयलेट भी लेकर सिंगापुर आए हैं। ताकि दूसरे देश की खुफिया एजेंसियां उनके मल का नमूना न चुरा सकें।

    अमेरिका-रूस| रीगन और गोर्बाचेव आइसलैंड में मिले थे

    अमेरिका-रूस में 25 साल तक चले शीत युद्ध के बाद 1986 में आइसलैंड में अमेरिकी राष्ट्रपति रोनाल्ड रीगन और रूसी राष्ट्रपति मिखाइल गोर्बाचेव की मुलाकात हुई थी। ये भी कुछ किम और ट्रम्प की मुलाकात जैसी ही थी।

    ट्रम्प और किम जोंग के बीच सिंगापुर में समिट, एक घंटे की बातचीत में उनके साथ सिर्फ दो ट्रांसलेटर होंगे

    जब किम से ट्रम्प ने कहा था कि मेरा परमाणु बटन ज्यादा बड़ा है

    7 साल में 89 मिसाइल टेस्ट के बाद किम शांति पथ पर

    उ. कोरिया 33 साल में 150 मिसाइल और 6 परमाणु परीक्षण कर चुका है। इनमें से 89 मिसाइल और 6 परमाणु टेस्ट किम ने अपने 7 साल में किए हैं।

    1950 से 1953 तक चले कोरियाई युद्ध के बाद से उत्तर कोरिया और अमेरिका में बातचीत बंद है। इसमें 25 लाख लोग मारे गए थे। जिनमें 9 लाख सैनिक थे।

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