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पाकिस्तान की पॉलिटिक्स का पावर हाउस पंजाब

पाकिस्तान की पॉलिटिक्स का पावर हाउस पंजाब 342 सीटें नेशनल असेंबली में हैं। इनमें 272 पर वोटिंग होगी। 70 सीटें...

Bhaskar News Network | Last Modified - Jul 04, 2018, 02:10 AM IST

  • पाकिस्तान की पॉलिटिक्स का पावर हाउस पंजाब
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    पाकिस्तान की पॉलिटिक्स का पावर हाउस पंजाब

    342सीटें नेशनल असेंबली में हैं। इनमें 272 पर वोटिंग होगी। 70 सीटें रिजर्व हैं।

    10.59करोड़ वोटर इस बार मतदान करेंगे। यह 2013 से करीब 23% ज्यादा हैं।

    पंजाब में 52% सीटें, 63% वोटर, 47% उम्मीदवार;

    तीनों बड़ी पर्टियों के प्रमुख भी यहीं से लड़ रहे चुनाव



    पाकिस्तान की राजनीति का पावर हाउस पंजाब है। चाहे वह सीटों की संख्या हो, वोटरों की संख्या हो या दिग्गज नेता हों। हर लिहाज से पंजाब नंबर एक है। जिस राजनीतिक दल ने पंजाब जीत लिया, उसकी देश में सरकार बनना तय माना जाता है। इस बार भी पाकिस्तान के नेशनल असेंबली चुनाव में राजनीतिक दलों का चुनावी कैंपेन पंजाब के इर्द-गिर्द ही केंद्रित है। तीनों सबसे बड़ी पार्टियां पाकिस्तान मुस्लिम लीग नवाज (पीएमएल-एन), पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) और पाकिस्तान तहरीके-इ-इंसाफ (पीटीआई) के चीफ पंजाब से चुनाव लड़ हैं। पाकिस्तान में 272 सामान्य सीटों के लिए इस बार कुल 3459 उम्मीदवार मैदान में हैं। इनमें 1623 यानी 46.92% पंजाब से चुनाव लड़ रहे हैं। नेशनल असेंबली की 272 में से 141 सीटें यहीं से आती हैं, यानी 51.83% सीटें पंजाब से ही हैं। पाकिस्तान में 10.59 करोड़ वोटर हैं। इनमें 6.67 करोड़ यानी 63% वोटर अकेले पंजाब में हैं। 1972 में बांग्लादेश के अलग होने के बाद से पाकिस्तान में अब तक 10 प्रधानमंत्री बने हैं। इनमें से 6 पंजाब प्रांत से रहे हैं। 3 प्रधानमंत्री पाकिस्तान के सिंध प्रांत से और एक बलूचिस्तान से हुए हैं। खैबर पख्तूनख्वा से एक भी नहीं हुए हैं।

    30 साल से शरीफ बंधु पंजाब के सरताज हैं

    पंजाब शरीफ बंधुओं का गृह राज्य है। 1988 में नवाज शरीफ ने पीएमएल-एन का गठन किया था। तब से पंजाब की राजनीति उन्हीं के इर्द-गिर्द घूमती रही है। वह 4 बार यहां से जीतकर पाकिस्तान के प्रधानमंत्री बने। उनके भाई शहबाज 3 बार पंजाब के सीएम रहे हैं।

    बलूचिस्तान

    एफएटीए

    सिंध

    खैबर पख्तूनख्वा

    इस्लामाबाद

    पंजाब

     फरीदाबाद , बुधवार, 04 जुलाई, 2018

    पाक में 46 साल में 10 प्रधानमंत्री चुने गए हैं; इनमें 6 पंजाब से, 3 सिंध से, एक बलूचिस्तान प्रांत से बने हैं, खैबर पख्तूनख्वा से कोई नहीं रहा

    राष्ट्रीय राजनीति में 12 साल सिंध और 20 साल पंजाब का दबदबा रहा है

    पाकिस्तान में पिछले 46 साल की राष्ट्रीय राजनीति में करीब 12 साल तक सिंध और 20 साल पंजाब का दबदबा रहा है।

    सिंध प्रांत भुट्‌टो परिवार का गढ़ रहा है। पूर्व पीएम जुल्फिकार अली और बेनजीर भुट्‌टो हमेशा यहीं से चुनाव लड़ते थे।

    पंजाब प्रांत शरीफ परिवार का गढ़ है। नवाज यहीं से चुनाव लड़ते थे। अब उनके भाई और बेटी यहां चुनाव लड़ रही हैं।

    पीपीपी ने राजनीतिक ध्रुवीकरण के लिए 2008 में पंजाब के यूसुफ रजा गिलानी को पार्टी की ओर से प्रधानमंत्री बनाया था।

    नेशनल असेंबली: पंजाब में 141, सिंध में 61 सीटे हैं

    राज्यप्रशासनिक क्षेत्र सामान्य सीटें महिला सीटें

    पंजाब 141 33

    सिंध 61 14

    खैबर पख्तूनख्वा 39 09

    बलूचिस्तान 16 04

    एफएटीए 12 00

    इस्लामाबाद 03 00

    कुल 272 60

    वोटर: पंजाब में सबसे ज्यादा 6.67 करोड़ हैं

    6.67करोड़

    2.23 करोड़

    पंजाब

    पाक में इस बार 10.59 करोड़ मतदाता वोट करेंगे। 2013 में 8.61 करोड़ वोटर थे।

    इनमें 5.92 करोड़ पुरुष और 4.67 करोड़ महिला वोटर हैं। पांच साल में सबसे ज्यादा 23% वोटर पंजाब और 18% सिंध में बढ़े हैं।

    करोड़/लाख वोटरों की संख्या

    1.53 करोड़

    43 लाख

    खैबर

    सिंध

    25 लाख

    बलूचिस्तान

    7.7 लाख

    इस्लामाबाद

    एफएटीए

    पीपीपी के चेयरमैन बिलावल भुट्‌टो पहली बार चुनाव लड़ रहे हैं। वह गृह प्रांत सिंध की लयारी सीट से मैदान में हैं।

    पाकिस्तान में 4 प्रांत और एफएटीए (फेडरल एडमिनिस्ट्रेटिव ट्राइबल एरिया), फेडरल कैपिटल इस्लामाबाद हैं। 342 सीटें हैं। महिलाओं के लिए 60 और अल्पसंख्यकों के लिए 10 सीटें रिजर्व हैं।

    प्रत्याशी: 1623 लोग पंजाब से लड़ रहे चुनाव

    287 बलूचिस्तान

    725 खैबर पख्तूनख्वा

    824 सिंध

    272 सीटों के लिए 3459 प्रत्याशी मैदान में हैं। 2013 में कुल 4671 उम्मीदवार मैदान में थे।

    नेशनल असेंबली की 272 सामान्य सीटों पर 44 गैर मुस्लिम और 172 महिला उम्मीदवार भी मैदान में हैं।

    1623

    पंजाब

    प्रमुख पार्टियों के बड़े चेहरे और उनकी सीटें

    इस बार खैबर पख्तूनख्वा से आने वाले इमरान पेश कर रहे बड़ी चुनौती

    पीटीआई चीफ इमरान खान खैबर पख्तूनख्वा प्रांत से आते हैं। वह पीएमएल-एन और पीपीपी को कड़ी टक्टर दे रहे हैं।

    पीटीआई ने 2013 में खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में पहली बार सरकार बनाई थी। नेशनल असेंबली में 35 सीटें जीतीं थीं।

    16 साल में 3 पार्टियों के 7 प्रधानमंत्री हुए हैं। इनमें से 6 पंजाब से रहे हैं। उन्होंने करीब 14 साल शासन किया है।

    बलूचिस्तान से आने वाले पीएमएल-क्यू नेता जफरुल्ला जिलानी दो साल तक पाकिस्तान के प्रधानमंत्री रहे हैं।

    पीएमएल-एन, पीटीआई, और पीपीपी अध्यक्ष पंजाब से आजमा रहे हैं किस्मत

    इमरान 5, शहबाज 4, बिलावल तीन सीटों से लड़ रहे हैं चुनाव

    पीएमएल-एन:मरियम, खकान पंजाब से

    पीएमएल-एन के अध्यक्ष शहबाज शरीफ 4 सीटों से चुनाव लड़ रहे हैं। इनमें पंजाब की एन-132 लाहौर, एन-192 डेरा गाजी खान, सिंध की एनए-249 कराची और खैबर पख्तूनख्वा की एन-3 स्वात सीट हैं। मरियम नवाज लाहौर की एनए-127 सीट से मैदान में हैं। पूर्व पीएम शाहिद खकान पंजाब की एनए-57 मुरी और इस्लामाबाद से लड़ रहे हैं।

    पीटीआई:इमरान की 2 सीटें पंजाब में

    पीटीआई चीफ इमरान खान 5 सीटों से चुनाव लड़ रहे हैं। इनमें खैबर पख्तूनख्वा की एनए-35 बानू, इस्लामाबाद की एनए-53, पंजाब की एनए-95 मियानवाली, एनए-131 लाहौर और सिंध की एनए-243 कराची शामिल हैं।

    पांच साल में 30% गैर मुस्लिम वोटर पाकिस्तान में बढ़े हैं पाकिस्तान में पिछले 5 साल में गैर मुस्लिम वोटरों की संख्या में 30% का इजाफा हुआ है। इस बार चुनाव में गैर मुस्लिम वोटर 36.3 लाख हैं। इनमें 17.7 लाख हिंदू, ईसाई 1.40 लाख हैं। सिख वोटर महज 8 हजार हैं।

    पीपीपी:शरीफ के गढ़ में सेंध की तैयारी

    पीपीपी चेयरमैन बिलावल भुट्‌टो 3 सीटों से चुनाव लड़ रहे हैं। इनमें खैबर पख्तूनख्वा की मालाकंद, पंजाब की लाहौर, सिंध की लयारी सीट शामिल हंै। उनके पिता जरदारी सिंध व पूर्व पीएम यूसुफ रजा गिलानी पंजाब से मैदान में हैं।

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