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दिनभर उमसभरी गर्मी के बाद शाम को हुई बूंदाबांदी

2 वर्ष पहले
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फरीदाबाद समेत आसपास के क्षेत्रों में दिनभर की उमसभरी गर्मी के बाद शाम को राहत िमली। शहर के विभिन्न क्षेत्रों में शाम को बूंदाबांदी से तापमान 2 डिग्री की गिरावट के साथ 31 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। इससे लोगों को गर्मी से थोड़ी राहत िमली। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि रविवार को भी छिटपुट बारिश की संभावना है। इससे तापमान में गिरावट आ सकती है। शहर में 1 जुलाई से अब तक 73.2 एमएम बारिश दर्ज की जा चुकी है। जो औसत बारिश से काफी कम है। पिछले साल जुलाई में 299.3 एमएम तक बारिश दर्ज की गई थी।

गुरुवार को हुई तेज बारिश से लोगों को काफी राहत मिली थी। इसके उलट शुक्रवार को फिर से गर्मी ने परेशान करना शुरू कर दिया था। मौसम वैज्ञानिक महेश पहलावत ने बताया कि इस बार फरीदाबाद समेत आसपास के क्षेत्रों में मानसून के कमजोर होने का मुख्य कारण अलनीनो है। मानसून की एक कमान अल-नीनो के हाथ रहती है। यह वह मौसमी कारक है जो मानसून की चाल पर असर डालता है। जिस साल अलनीनो की सक्रियता बढ़ती है, उस साल दक्षिण-पश्चिम मानसून पर उसका निश्चित असर पड़ता है। इस बार इसी के प्रभाव से मानसून कमजोर आंका जा रहा है।

उमस बढ़ा सकती है परेशानी

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार 24 जुलाई तक 65 से 75 फीसदी तक उमस रह सकती है। बिजली निगम के अधिकारियों का कहना है कि उमस में शहर में रात के समय बिजली की मांग बढ़ जाती है। इस समय प्रतिदिन 1 करोड़ 70 लाख यूनिट के आसपास शहर में बिजली की डिमांड है।

फरीदाबाद. शनिवार शाम बारिश के बीच रेलवे रोड पर अपने परिजनों के साथ चहलकदमी करती युवती।

इतनी फीसदी रह सकती है उमस

शनिवार-69 फीसदी, हवा की रफ्तार-8 िक.मी.

रविवार- 71 फीसदी, हवा की रफ्तार- 10 िक.मी.

सोमवार- 71 फीसदी, हवा की रफ्तार- 10 िक.मी.

मंगलवार- 68 फीसदी, हवा की रफ्तार-10 िक.मी.

बुधवार- 77 फीसदी, हवा की रफ्तार- 11 िक.मी.

भास्कर न्यूज | फरीदाबाद

फरीदाबाद समेत आसपास के क्षेत्रों में दिनभर की उमसभरी गर्मी के बाद शाम को राहत िमली। शहर के विभिन्न क्षेत्रों में शाम को बूंदाबांदी से तापमान 2 डिग्री की गिरावट के साथ 31 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। इससे लोगों को गर्मी से थोड़ी राहत िमली। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि रविवार को भी छिटपुट बारिश की संभावना है। इससे तापमान में गिरावट आ सकती है। शहर में 1 जुलाई से अब तक 73.2 एमएम बारिश दर्ज की जा चुकी है। जो औसत बारिश से काफी कम है। पिछले साल जुलाई में 299.3 एमएम तक बारिश दर्ज की गई थी।

गुरुवार को हुई तेज बारिश से लोगों को काफी राहत मिली थी। इसके उलट शुक्रवार को फिर से गर्मी ने परेशान करना शुरू कर दिया था। मौसम वैज्ञानिक महेश पहलावत ने बताया कि इस बार फरीदाबाद समेत आसपास के क्षेत्रों में मानसून के कमजोर होने का मुख्य कारण अलनीनो है। मानसून की एक कमान अल-नीनो के हाथ रहती है। यह वह मौसमी कारक है जो मानसून की चाल पर असर डालता है। जिस साल अलनीनो की सक्रियता बढ़ती है, उस साल दक्षिण-पश्चिम मानसून पर उसका निश्चित असर पड़ता है। इस बार इसी के प्रभाव से मानसून कमजोर आंका जा रहा है।

उमस बढ़ा सकती है परेशानी

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार 24 जुलाई तक 65 से 75 फीसदी तक उमस रह सकती है। बिजली निगम के अधिकारियों का कहना है कि उमस में शहर में रात के समय बिजली की मांग बढ़ जाती है। इस समय प्रतिदिन 1 करोड़ 70 लाख यूनिट के आसपास शहर में बिजली की डिमांड है।

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