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ई-वे बिल का पोर्टल पहले दिन ही क्रैश, भारी जुर्माने से डरकर व्यापारियों ने रोकी डीलिंग

टैक्स चोरी रोकने के लिए ई-वे बिल की नई व्यवस्था के पहले दिन गुरुवार को पाेर्टल पर वर्कलोड ज्यादा होने के चलते सर्वर...

Dainik Bhaskar

Feb 02, 2018, 02:05 AM IST
टैक्स चोरी रोकने के लिए ई-वे बिल की नई व्यवस्था के पहले दिन गुरुवार को पाेर्टल पर वर्कलोड ज्यादा होने के चलते सर्वर डाउन हो गया। जिसके कारण फतेहाबाद जिले में एक भी ई-वे बिल नहीं बन सका। ऐसे में टैक्स विभाग के 200 फीसदी तक जुर्माने से डरकर व्यापारियों ने अपनी डीलिंग रोक दी। साथ ही व्यापारियों की शिकायत के बाद सेल्स टैक्स विभाग ने मुख्यालय को समस्या से अवगत करवा दिया है। ताकि जल्द ही सर्वर को ठीक करवाया जा सके।

फतेहाबाद जिले में करीब 7 हजार व्यापारी जीएसटी के दायरे में आते है। ये व्यापारी फुटवियर, कपड़ा, मैन्यूफ्रेक्चरिंग, इंडस्ट्रीज आदि क्षेत्रों से जुड़े हुए है। जीएसटी लागू होने के बाद इन व्यापारियों को अब अपने लोडिंग व अनलोडिंग सामान की ई-वे बिल के माध्यम से सेल टैक्स विभाग को जानकारी देनी पड़ेगी। नई व्यवस्था के पहले दिन ई-वे बिल का पाेर्टल अधिक वर्क लोड के चलते क्रैश हो गया।

सुबह सवेरे किया घंटों इंतजार, रोकी डीलिंग

कई व्यापारियों द्वारा घंटों इंतजार के बाद भी पोर्टल से ई-वे बिल नहीं बन पाया। ई-वे बिल न बनने के कारण एचएसएन कोड जनरेट नहीं हो सका। पोर्टल पर सामान लाने व ले जाने वाले वाहन की डाटा फीड नहीं हो पाया। जिसके कारण व्यापारियों ने सर्वर सही होने पर अपनी डीलिंग रोक दी है। जिसके कारण सामान को आगे डिस्ट्रीब्यूटर को नहीं भेजा गया और न ही किसी से माल खरीदा जा सके।

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साइट से ई वे बिल जेनरेट ही नहीं हुए

ई वे बिल लागू होने के पहले ही दिन सर्वर में दिक्कत आने से साइट से ई वे बिल जेनरेट ही नहीं हुए। वहीं बिल जेनरेट नहीं हुआ तो वाहनों की कतारें भी ट्रांसपोटर्स के प्रतिष्ठानों के आगे लगी रही। ई वे बिल के जिला में नोडल अधिकारी ने बताया कि सुबह से ही दिक्कतों के कारण सीए, वकील व ट्रांसपोटर्स के कॉल आने शुरू हो गए थे। वैरीफाई करने में भी दिक्कतें आईं। बाद में ऊपर से आदेश आए कि अभी ई वे बिल के बिना ही वाहनों को गुजरने दिया जाए।

मुख्यालय को करवाया है अवगत : जीएसटी इंचार्ज


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