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रेहड़ी वालों का होगा बीमा, जीपीएस सिस्टम से जुड़ा आईकार्ड भी मिलेगा

अब नगर परिषद शहर की रेहड़ियों का पूरा रिकॉर्ड रखेगा। जिससे पता चल जाएगा कि किस नंबर की रेहड़ी अपने तय स्थान पर खड़ी है...

Bhaskar News Network | Last Modified - Feb 01, 2018, 02:10 AM IST

अब नगर परिषद शहर की रेहड़ियों का पूरा रिकॉर्ड रखेगा। जिससे पता चल जाएगा कि किस नंबर की रेहड़ी अपने तय स्थान पर खड़ी है या नहीं। इस सिस्टम को बनाने के लिए एक कंपनी को ठेका दिया गया है। अब कंपनी के अधिकारी शहर में सर्वे करेंगे और रेहड़ी वालों के बारे में तमाम जानकारियां हासिल करेंगे। जल्द शहर में भी नगर परिषद में चंडीगढ़ से एक टीम पहुंचेगी जो शहर में लगने वाली हर रेहड़ी लगाने वाले से उसके बारे में तमाम जानकारी हासिल करेगी। हर रेहड़ी लगाने वाले के पास टीम जाकर उसका नाम, पता, आधार कार्ड नंबर, कितने समय से वह रेहड़ी लगा रहा है, किस खाद्य पदार्थ की रेहड़ी लगा रहा है और जहां वह रेहड़ी लगा रहा है वहां कितने समय से है सहित अन्य जानकारियां लेकर एक रिकॉर्ड दर्ज करेगी।

कंपनी द्वारा टाउन वेडिंग कमेटी रेहड़ी लगाने वाले लोगों का रजिस्ट्रेशन के बाद बीमा भी करवाया जाएगा। जिससे अगर रेहड़ी लगाने के दौरान जान- माल की हानि होती है तो उसे बीमा की सहायता राशि मिल जाएगी। शहर में तमाम रेहड़ी वालों के बारे में जानकारी हासिल करने के बाद उसका रिकॉर्ड नगर परिषद में दर्ज करवाया जाएगा। इसके बाद हर एक रेहड़ी लगाने वालों को उसकी रेहड़ी का रजिस्ट्रेशन नंबर दिया जाएगा और उन्हें एक आईडी भी दी जाएगी। जिसमें रेहड़ी लगाने वाले के बारे में तमाम जानकारी होगी। उस आईकार्ड में खास बात यह होगी कि उसमें जीपीएस सिस्टम लगा होगा। जिससे यह जान सकेंगे कौन- कौन सा रेहड़ी वाला कहां रेहड़ी लगा रहा है। वही इसके साथ ही अगर किसी व्यक्ति को भी किसी खाद्य पदार्थ की रेहड़ी के बारे में पता करना होगा तो उसकी जानकारी इंटरनेट पर डाली जाएगी। फिर वह इंटरनेट के जरिए हर रेहड़ी वाले के बारे में कही भी बैठा पता कर सकता है।

शहर में कहां-कहा लगती हैं कौन- कौन सी रेहड़ियां होगा सर्वे, घर बैठे मिलेगी हर रेहड़ी लगाने वाले के बारे में जानकारी

शहर में लगी रेहड़ियां जिनका सर्वे कर डाटा रिकॉर्ड किया जाएगा

फतेहाबाद: भट्टूरोड पर सड़क पर लगी हुई सब्जी की रेहड़ियां।

बाजार में नहीं लगेगी रेहड़ी, चार जॉन बनाएं जाएंगे

टाउन वेडिंग कमेटी के नियमानुसार शहर में जहां- जहां भी रेहड़ी लगी हुई है। उन्हें सड़कों से हटवा दिया जाएगा। क्योंकि रेहड़ी के चलते शहर में जाम की समस्या बनी रहती है। शहर के अंदर चार जॉन बनाएं जाएंगे। जहां रेहड़ी अपना रजिस्ट्रेशन नंबर के अनुसार ही रेहड़ी खड़ी करेगा। उसकी जगह पर कोई दूसरा भी रेहड़ी नहीं लगा सकता है। इसके अलावा कोई यू हीं कही भी रेहड़ी नहीं लगाएगा। अगर कोई रेहड़ी लगाकर सब्जी, फल या अन्य चीज बेचने का काम करता है तो उसे रजिस्ट्रेशन नंबर नगर परिषद से लेना होगा। अगर कोई बिना रजिस्ट्रेशन के रेहड़ी लगाता है तो उसके खिलाफ पुलिस को कार्रवाई के लिए लिखा जाएगा।

समस्या निवारण के लिए समय-समय पर होगी बैठक

टाउन वेडिंग कमेटी में सबसे खास बात यह है कि रेहड़ी वालों की समस्याओं को सुनने के लिए बैठक हुआ करेगी जो महीने या दो महीने होगी। इस बैठक नगर परिषद कमिश्‍नर, डीसी, एडीसी, नगर परिषद ईओ, मेडिकल ऑफिसर, फायर अफसर, टाउन प्लानर, पुलिस कर्मचारी, बैंक कर्मी, रेहड़ी यूनियन पदाधिकारी व कुछ महिलाएं भी होगी जो रेहड़ी या अन्य छोटी मोटी दुकान चलाती है यह सब बैठक का हिस्सा होंगे। जो अगर किसी रेहड़ी वालों को किसी प्रकार की कोई समस्या आती है या कोई शिकायत है तो उसका निवारण करेंगे।

उच्च निदेशालय के पास भेजा: ईओ

शहर में टाउन वेडिंग कमेटी चंडीगढ़ से अधिकारी शहर में सर्वे करेंगे जिसमें शहर में रेहड़ी लगाने वालों के बारे में जानकारी जुटा आईकार्ड व उनका रजिस्ट्रेशन नंबर दिया जाएगा। आईकार्ड में जीपीएस होगा। शहरवासी घर बैठे भी हर रेहडी लगाने के बारे में इंटरनेट के माध्यम से जानकारी ले सकेंगे। हमारे द्वारा टाउन वेडिंग कमेटी के अनुसार कमेटी भी बनाकर उच्च निदेशालय के पास पत्र भेज दिया है।'' अमन ढांडा, ईओ, नगर परिषद।

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Web Title: रेहड़ी वालों का होगा बीमा, जीपीएस सिस्टम से जुड़ा आईकार्ड भी मिलेगा
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)

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