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मीटर लगाने से लेकर रीडिंग में किसी तरह की गड़बड़ी की शिकायत मिलने पर फोटो ले करना होगा समाधान

बिजली कर्मचारियों के मीटर रीडिंग में गड़बड़ी के घटनाक्रम के बाद अब बिजली निगम ने इस प्रक्रिया को जटिल व जवाबदेही कर...

Dainik Bhaskar

Apr 02, 2018, 03:15 AM IST
मीटर लगाने से लेकर रीडिंग में किसी तरह की गड़बड़ी की शिकायत मिलने पर फोटो ले करना होगा समाधान
बिजली कर्मचारियों के मीटर रीडिंग में गड़बड़ी के घटनाक्रम के बाद अब बिजली निगम ने इस प्रक्रिया को जटिल व जवाबदेही कर दिया है। ज्यादा रीडिंग आने की शिकायतों पर अब जल्दी से कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी। शिकायत के आधार पर पहले रीडिंग को फिजिबल चेक कराया जाएगा। यदि जरूरत पड़ी तो दुरुस्त किया जाएगा। वहीं उस प्रक्रिया में जो भी सुबूत होंगे, उसका पूरा रिकॉर्ड संबंधित कार्यालय, कर्मचारियों और अधिकारियों को रखना होगा।

बिजली निगम की ओर से इसे लेकर आदेश जारी किए गए हैं कि यदि उपभोक्ताओं की ओर से उनके मीटर रीडिंग में अचानक बढ़ोतरी की कोई शिकायतें आई हैं तो सबसे पहले रीडिंग लेने वाली एजेंसी के कर्मचारियों से संपर्क करें। उनसे संबंधित उपभोक्ता के मीटर रीडिंग के लिए गए फोटो से रीडिंग का मिलान करें। यदि दोनों रीडिंग मैच होती है तो किसी तरह कोई कार्रवाई करने की जरूरत ही नहीं है। इस रीडिंग के फोटो उपभोक्ता को दिखाकर उसे संतुष्ट किया जाए।

फोटो लेकर सुबूत एसडीओ के समक्ष प्रस्तुत करें

इसके अलावा यदि रीडिंग लेने वाले कर्मचारी के पास संबंधित उपभोक्ता के मीटर रीडिंग का फोटो उपलब्ध नहीं है तो शिकायत मिलने के बाद सबसे पहले मीटर रीडिंग को चेक करके उसका फोटो कराएं। फोटो में रीडिंग साफ स्पष्ट दिखाई देनी चाहिए। इसमें किसी तरह का कोई बहाना नहीं चलेगा। फोटो लेने के बाद संबंधित शिकायत व सुबूत एसडीओ के पास प्रस्तुत करें। उसके बाद ही रीडिंग कम करने पर निर्णय लिया जाए।

सुबूत भी रखने होंगे : इस तरह के मामलों में संबंधित कर्मचारी व कार्यालयों को निर्देश दिए गए हैं कि मीटर रीडिंग से संबंधित आने वाली शिकायतों, रीडिंग के फोटो व अन्य जो भी सुबूत हैं, उनका पूरा स्थाई तौर पर रिकॉर्ड रखा जाए। ताकि किसी तरह के विवाद, विभागीय जांच या ऑडिट के समय उन सबूतों को दिखा जाए। सुबूत न रखने को लेकर भी कर्मचारियों पर कार्रवाई की जा सकती है।

इसलिए लिया निर्णय: बता दें कि 17 दिन पहले बिजली निगम के एसई ने शहरी बिजली निगम कार्यालय के सीए, जेई, लाइनमैन आदि को सस्पेंड कर दिया था। उनपर आरोप था कि सीएम ने कर्मचारियों से मिलीभगत कर अपने मीटर कनेक्शन की रीडिंग को कम दिखा दी। इस मामले के बाद से निगम इस तरह के केसों की जांच भी करा रहा है, जिसकी अभी रिपोर्ट भी आनी है। इस बीच निगम ने इस तरह के मामलों को गंभीरता से लेते हुए सभी निगम में यह नियम लागू करते हुए अधिकारियों को जवाब बनाया है।

14 मार्च को लोकल संस्करण में प्रमुखता से प्रकाशित खबर।

शिकायतों पर ध्यान दिया जाएगा: एसई


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