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मरीजों को बाहर निकाल पार्क में लेटाकर जारी रखा उपचार

महिला मेडिकल कॉलेज, खानपुर कलां में शनिवार दोपहर बाद इलेक्ट्रिक पैनल में शॉर्ट सर्किट होने से एमआरआई मशीन में आग...

Bhaskar News Network | Last Modified - Apr 01, 2018, 02:10 AM IST

मरीजों को बाहर निकाल पार्क में लेटाकर जारी रखा उपचार
महिला मेडिकल कॉलेज, खानपुर कलां में शनिवार दोपहर बाद इलेक्ट्रिक पैनल में शॉर्ट सर्किट होने से एमआरआई मशीन में आग लग गई। मशीन में आग लगने के बाद लपटें छत पर लगे थर्मोकोल तक पहुंच गई। थर्मोकोल में आग तेजी से फैल गई और हर तरफ धुंआ भर गया। मेडिकल में आग लगने की सूचना से मरीजों में अफरा-तफरी मच गई। धुएं को देख स्वास्थ्यकर्मियों और सुरक्षाकर्मियों ने मरीजों को बाहर निकालना शुरू कर दिया। आपातकाल विभाग में भर्ती करीब पांच मरीजों को उपचार के लिए पीजीआई रोहतक रेफर किया। वहीं अन्य मरीजों को मेडिकल कॉलेज के पार्क में लेटाकर उपचार किया। दमकल की पांच गाड़ियों ने ढाई घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। मेडिकल कॉलेज के निदेशक डॉ. पीएस गहलोत और एसडीएम सुभीता ढाका ने स्थिति का जायजा लिया।

शनिवार को दोपहर बाद ग्राउंड फ्लोर पर एमआरआई कक्ष में मरीजों की एमआरआई चल रही थी। एमआरआई मशीन के पास इलेक्ट्रॉनिक पैनल में शॉर्ट सर्किट से अचानक आग लग गई। एमआरआई मशीन पैनल के बिलकुल नजदीक रखी हुई है। इससे मशीन में भी आग लग गई। आग की लपटों ने छत पर लगे थर्मोकोल को भी अपनी चपेट में ले लिया। आग बुझाने के लिए कर्मचारियों ने फायर सिलेंडरों का प्रयोग किया, लेकिन आग की लपटें कम नहीं हुई। मेडिकल प्रशासन ने आग लगने की सूचना दमकल केंद्र को दी। दमकल कर्मचारियों ने मौके पर पहुंचकर पानी डालना शुरू कर दिया। आग मेडिकल के करीब चार कमरों तक पहुंच चुकी थी। आग पर काबू पाने के लिए सोनीपत और गन्नौर से भी गाड़ियां बुलानी पड़ी।

आपातकाल विभाग के मरीज पीजीआई रोहतक रेफर

खानपुर कलां. महिला मेडिकल कॉलेज में आग लगने के बाद मरीजों को बाहर पार्क में लेटाकर उपचार करते स्वास्थ्यकर्मी।

लाइट बंद होने से नहीं चले सबमर्सिबल

मेडिकल कॉलेज के ग्राउंड फ्लोर पर आग लगने के बाद स्वास्थ्यकर्मियों ने स्वयं ही आग बुझाना शुरू कर दिया। स्वास्थ्यकर्मियों ने फायर सिलेंडरों से आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन आग की लपटें अधिक तेज थी। आग ने बिजली की तारों को अपनी चपेट में ले रखा था। बिजली की तारों से आग अधिक क्षेत्र में तेजी से फैल सकती थी। आग को अधिक क्षेत्र में फैलने से रोकने के लिए मेडिकल प्रशासन ने बिजली आपूर्ति बंद करवा दी। बिजली आपूर्ति बंद होने के बाद आपात स्थिति के लिए लगाए गए सबमर्सिबल नहीं चले।

देर रात तक चला मरीजों को वार्डों में शिफ्ट का कार्य

मेडिकल में आग बुझने के बाद करीब छह बजे बिजली आपूर्ति बहाल की गई। बिजली आपूर्ति होने के बाद बाहर निकाले गए मरीजों को वार्डों में शिफ्ट करने का कार्य शुरू हुआ। ग्राउंड और प्रथम तल पर धुआं होने के चलते इन मरीजों को ऊपर के फ्लोर पर शिफ्ट किया गया। मेडिकल प्रशासन का कहना था कि ग्राउंड और प्रथम तल पर धुएं के सुक्ष्म कणों के कारण मरीजों को सांस लेने में परेशानी हो सकती है। इसे देखते हुए सभी मरीजों को दूसरे वार्डों में शिफ्ट किया जा रहा है।

ये वार्ड हुए प्रभावित

मेडिकल के ग्राउंड तल पर आपातकाल, ओपीडी, ब्लड बैंक, फिजियोथैरेपी, एमआरआई और दवाइयां मिलती हैं। वहीं प्रथम तल पर ओपीडी, लेबर रूम, ओटी, आईसीयू स्थित है। आग लगने पर ग्राउंड और प्रथम तल के करीब 150 मरीजों को बाहर निकाला गया। मरीजों को मेडिकल कॉलेज के पार्क में लेटाकर डॉक्टरों ने उनका उपचार किया।

जांच की जा रही है

आपातकाल के कुछ मरीजों को पीजीआई रोहतक रेफर किया है। पीजीआई में इन मरीजों की सुविधा के लिए प्रशासनिक अधिकारियों को सूचित कर दिया है। आग लगने के कारणों की जांच के लिए कमेटी गठित की जाएगी जिसके आधार पर कार्रवाई की जाएगी।’-डॉ. पीएस गहलोत, निदेशक, महिला मेडिकल कॉलेज, खानपुर कलां।

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