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सरकार किसानों को आर्थिक सुधार के लिए कर्ज मुक्त और डेढ़ गुना लाभ देकर न्यूनतम मूल्य घोषित करे: आर्य

भारतीय किसान यूनियन जिला करनाल की मासिक मीटिंग किसान भवन करनाल में चौ. कबूल सिंह की अध्यक्षता में हुई, इसमें...

Bhaskar News Network | Last Modified - Feb 02, 2018, 03:05 AM IST

भारतीय किसान यूनियन जिला करनाल की मासिक मीटिंग किसान भवन करनाल में चौ. कबूल सिंह की अध्यक्षता में हुई, इसमें किसानों की समस्याओं पर विचार-विमर्श किया गया व गुरुवार को जो बजट केंद्र सरकार ने पेश किया उस पर विचार मंथन हुआ। किसानों ने कहा है कि सरकार द्वारा लोक लुभावने बजट तो पेश कर दिए जाते हैं, लेकिन उनको समय से लागू नहीं किया गया। जो मांग लगातार किसान कर रहे थे उनमें से कुछ मुद्दों को छू करके यह अहसास कराया है कि अब सरकार किसानों की ओर भी ध्यान देने की सोच रही है।

प्रदेश अध्यक्ष सेवा सिंह आर्य ने कहा है कि सरकार की नीति और नीयत में फर्क नहीं होना चाहिए। जो सरकार कहे उसको पूरा करें। किसानों ने केंद्रीय बजट को देखते हुए कहा है कि यह बजट किसानों के हित में होगा, लेकिन कागजों में ही इसको दबाए रखा तो किसान फिर इससे विचलित होंगे। किसानों की मांग थी कि सरकार किसानों को कर्जमुक्त करे ताकि किसानों की आर्थिक हालत में सुधार हो सके और डेढ़ गुणा लाभ देकर न्यूनतम समर्थन मूल्य घोषित करे।

सभी फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य घोषित हों : किसानों की यह भी मांग बहुत पुरानी है कि सरकार सभी फसलों एवं सब्जियों के न्यूनतम समर्थन मूल्य घोषित करके देश के हर कोने में मंडियों की व्यवस्था करे और यह भी सुनिश्चित करे कि न्यूनतम समर्थन मूल्य से किसान की फसल मंडियों में न लूटी जाए। आज के बजट में यह नहीं बताया गया कि स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट लागू क्यों नहीं की गई। किसानों ने कहा कि आज भी दिल्ली का प्रदूषण उतना ही था जब फसल कटी थी। ग्रीन ट्रिब्यूनल द्वारा सरकार को आदेश दिया था कि किसानों को मशीनरी दी जाए जोकि पराली की समस्या को हल कर सके, लेकिन सरकार ने किसानों को मशीनरी न देकर किसानों पर ही दबाव देना शुरु कर दिया कि वो मशीनरी खुद खरीदें। किसानों की जोत छोटी छोटी रह गई है वो इतनी महंगी मशीन नहीं खरीद सकते।

करनाल. भाकियू की मासिक मीटिंग को संबोधित करते प्रदेशाध्यक्ष सेवा सिंह आर्य। फोटो | भास्कर

ये हैं किसानों की प्रमुख मांगें

किसानों के बिजली के कनैक्शन पानी नीचे चले जाने की वजह से करनाल व घरौंडा ब्लाक में बंद किए गए हैं उनको तुरंत चालू किया जाए, यमुना से लगती जमीन जिस प्रदेश की हो उसका दायित्व उसी प्रदेश को सौंपा जाए ताकि किसानों को भटकना ना पड़े, 60 साल के बाद किसान की पेंशन कर्मचारियों की तर्ज पर न्यूनतम 18000 की जाए। इस अवसर पर मुख्य रूप से सेवा सिंह आर्य प्रदेश अध्यक्ष हरियाणा, जिला सेक्रेट्री टेकचंद दहिया, चौ. कबूल सिंह संरक्षक, अर्जुन शर्मा, कुलदीप सिंह बब्बर ब्लाक प्रधान, मा. रामकुमार जी, जीवन सिंह ब्लाक प्रधान असंध, बाबूराम ब्लाक प्रधान करनाल, जसपाल सिंह उपप्रधान ब्लाक निसिंग, पाला राम राणा, लख्मी चंद, नरसिंह, जगमोहन, साहब सिंह, बलधीर सिंह प्रचार, मलखान सिंह उपप्रधान करनाल, रामस्वरूप आदि मौजूद रहे।

किसानों पर डाला जा रहा है दबाव : ग्रीन ट्रिब्यूनल

ग्रीन ट्रिब्यूनल ने कहा था कि सरकार मशीनरी दे, लेेकिन सरकार ने अभी तक किसी भी किसान को मशीन नहीं दी उलटा किसानों को ही कहा जा रहा है कि तुम खरीदो अन्यथा आपका चालान किया जाएगा या आपको जेल में डाल दिया जाएग। ऐसा कहकर किसानों को डराया धमकाया जा रहा है। यदि किसानों को समय पर मशीनरी दे दी जाए तो किसान इसके लिए तैयार है। किसानों की आय तय होनी चाहिए कि इतना पैसा हर किसान को प्रतिमास मिलेगा। ताकि किसान भी सम्मान के साथ जी सके।

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