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धंसे और उभरे मेनहोल को सड़क के समानांतर करेगा जलापूर्ति विभाग

शहर में मुख्य सड़कों और कॉलोनी की गलियों में सीवर के मेनहोल का लेवल सही नहीं है। किसी क्षेत्र में मेनहोल उभरे हुए...

Dainik Bhaskar

Feb 01, 2018, 02:20 AM IST
शहर में मुख्य सड़कों और कॉलोनी की गलियों में सीवर के मेनहोल का लेवल सही नहीं है। किसी क्षेत्र में मेनहोल उभरे हुए हैं तो कहीं सड़क के लेवल से नीचे हैं। दोनों ही स्थिति में वाहनों का संतुलन बिगड़ने से दुर्घटना होने का अंदेशा बना रहता है। ऐसे मेनहोल का पता लगाकर ठीक कराने के लिए जलापूर्ति विभाग ने शहर का सर्वे कराया था। शहर में करीब 93 मेनहोल पाए गए, जो सड़क के लेवल में नहीं हैं। विभाग द्वारा इन मेनहोल का लेवल ठीक किया जाएगा। विभाग ने यह कार्य एक माह में पूरा करने का निर्णय लिया है।

विभाग के सर्वे अनुसार शहर में सीवर के 28 मेनहोलों का स्तर सड़क से ऊंचा है जबकि 65 मेनहोल सड़क के स्तर से नीचे हैं। मेनहोल सड़क के समानांतर नहीं होने से सबसे अधिक परेशानी वाहन चालकों को होती है। मुख्य सड़कों पर तेजी से आने वाले वाहनों को धंसे हुए मेनहोल दिखाई नहीं देते हैं। इससे हर समय हादसा होने का डर बना रहता है। सर्वे के दौरान पाया कि महम रोड, जींद रोड, मुगलपुरा, शिव नगर, गुढा रोड, आदर्श नगर, इंद्रगढी आदि क्षेत्रों में मेनहोल गली व सड़क के लेवल पर नहीं है। रात को अंधेरा होने पर वाहन चालकों को परेशानी होती है, इसलिए लोगों द्वारा अधिकारियों से लंबे समय से मेनहोलों का लेवल सड़क के समानांतर करने की मांग की जा रही है। लोगों की शिकायतों को देखते हुए जलापूर्ति विभाग ने शहर में सर्वे कराया था। इस दौरान उन सभी मेनहोल की सूची तैयार की गई थी, जो सड़क के लेवल पर नहीं है।

शिव नगर में सीवर लाइन अवरूद्ध हो जाती है। जिससे सीवर के मेनहोल ओवरफ्लो होने से पानी गली में भर जाता है। लोगों का कहना है कि जलापूर्ति विभाग के अधिकारियों से सुपर शकर मशीन से लाइन की सफाई करने की मांग कर चुके हैं।

गोहाना . आदर्श नगर में नीचे धंसे हुए मेनहोल के पास से गुजरता बाइक सवार।

रात में मेनहोल दिखाई नहीं देते, वाहन टकरा जाते हैं



मेनहोल धंसा होने से बार-बार टूट रहे हैं ढक्कन

सीवर के मेनहोल पर रखे ढक्कन भी बार-बार टूट रहे हैं। ढक्कन टूटने का कारण मेनहोलों का लेवल सड़क के समानांतर नहीं होना है। अधिकारियों का कहना है कि भारी वाहनों के गुरजने से वाइब्रेशन पैदा होती है, जिससे ढक्कन बार-बार टूट जाते हैं। ढक्कन टूटने के बाद मलबा मेनहोल के अंदर ही गिर जाता है। मलबे के कारण सीवर से पानी की निकासी भी प्रभावित हो जाती है। मुगलपुरा, पुरानी अनाज मंडी, जींद रोड, महम-जींद बाईपास, देवीपुरा, बरोदा रोड पर बार-बार ढक्कन टूट रहे हैं।


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