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भाव कम होने पर मिल नहीं भेज रहा है बाजार में चीनी

प्रदेश के मिलों में तैयार चीनी की प्रदेश के बाजारों में मांग में कमी आई है। चीनी की मांग में कमी आने का मुख्य कारण...

Dainik Bhaskar

Feb 02, 2018, 03:05 AM IST
प्रदेश के मिलों में तैयार चीनी की प्रदेश के बाजारों में मांग में कमी आई है। चीनी की मांग में कमी आने का मुख्य कारण दूसरे देश और प्रदेशों से सस्ते भाव में चीनी का आयात होना बताया जा रहा है। चीनी के भाव कम होने पर क्षेत्र के शुगर मिल आहुलाना के अधिकारियों ने भी स्टॉक को भाव बढ़ने तक बाजार में बेचना कम कर दिया है। अधिकारियों का कहना है कि कम भाव में चीनी बेचने से मिल को नुकसान होगा। ऐसे में भाव बढ़ने पर ही बाजार में चीनी का स्टॉक उतारा जाएगा।

गोहाना क्षेत्र में गन्ना की फसल किसानों की मुख्य व्यापारिक फसल है। किसान गन्ने की फसल को शुगर मिल में ही डालते हैं। गन्ने की फसल अधिक होने के चलते इस बार मिल का पेराई सत्र नवंबर माह में ही आरंभ हो गया। शुगर मिल में पेराई सत्र के दौरान करीब 18.14 लाख क्विंटल गन्ने की क्रसिंग हो चुकी है। क्रसिंग के चलते मिल में 161815 क्विंटल चीनी की तैयार हुई है। चीनी की अच्छी रिक्वरी होने पर भी मिल प्रशासन की चिंता कम नहीं हुई। बाजार में चीनी के भाव बहुत कम मिल रहे हैं। कम भाव में चीनी बेचने से मिल को घाटा होगा। मिल का घाटा होने का असर क्षेत्र के किसानों पर भी पड़ेगा। चीनी की बिक्री से ही मिल किसानों को गन्ने का भुगतान करता है। बाजार में चीनी की कीमतें 3450 से लेकर 3500 रूपए प्रति क्विंटल तक हैं। जबकि बीते वर्ष चीनी की कीमतें 3900 रूपए प्रति क्विंटल तक थी। भाव कम होने पर बाजार में चीनी का कम स्टॉक निकाला जा रहा है।

भाव में सुधार होने पर ही स्टॉक बाजार में भेजेंगे


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