गोहाना

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दीवारों से हटाकर खंभे पर लगाए मीटर

शहर में लाइन लोस का आंकड़ा 20 प्रतिशत से कम नहीं हो रहा है। लाइन लोस को कम करने के लिए निगम ने शहर में खुली तारों को...

Danik Bhaskar

Feb 02, 2018, 03:05 AM IST
शहर में लाइन लोस का आंकड़ा 20 प्रतिशत से कम नहीं हो रहा है। लाइन लोस को कम करने के लिए निगम ने शहर में खुली तारों को बदलकर एबी केबल लगाने का कार्य शुरू किया है। वहीं दीवारों पर लगे मीटरों को खंभों पर लगाया जा रहा है। शिफ्ट करने का कार्य एक माह में पूरा करने का लक्ष्य रखा है।

शहर में लाइन लॉस कम करने के लिए निगम ने घरों में लगे मीटरों को बाहर निकालकर खंभों और दीवारों पर लगाया था। इसके वांछित परिणाम नहीं मिले। बीते दिनों एसई ने अधिकारियों की मीटिंग लेकर दीवारों पर लगे मीटरों को खंभों पर शिफ्ट करने के निर्देश दिए थे। जिसके बाद मीटरों को खंभों पर शिफ्ट करने का कार्य शुरू किया गया है। निगम द्वारा शहर में सात फीडरों द्वारा बिजली आपूर्ति दी जा रही है। अधिकारियों के अनुसार केवल समता फीडर के उपभोक्ताओं के मीटर ही घरों की दीवारों पर लगे हुए हैं। वहीं खुली तारें भी इसी फीडर की हैं। निगम द्वारा इस फीडर से मेन बाजार, वाल्मीकी बस्ती, पुराना अड्‌डा, समता चौक, मुगलपुरा रोड आदि क्षेत्रों में बिजली सप्लाई दी जाती है। अधिकारियों का कहना है कि इन क्षेत्रों में खुली तारें होने के कारण बिजली चोरी अधिक हो रही है। बिजली चोरी रोकने के लिए खुली तारों को हटाकर उनके स्थान पर एबी केबल लगाई जा रही हैं।

74 उपभोक्ताओं पर लगाया 17 लाख रुपए जुर्माना : बिजली चोरी रोकने के लिए निगम ने जनवरी माह में छापेमारी कर 74 उपभोक्ताओं को बिजली चोरी करते हुए पकड़ा। इन उपभोक्ताओं पर 17 लाख रुपए जुर्माना लगाया गया है। अधिकारियों का कहना है कि ये उपभोक्ता खंभों पर सीधे ही कुंडी लगाकर बिजली चोरी कर रहे थे। इन पर छापेमारी करके जुर्माना लगाया जाएगा। समय पर जुर्माना नहीं भरने पर इन उपभोक्ताओं पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

लाइन लॉस कम करने को

एसई के निर्देशों पर बिजली निगम ने चलाया अभियान, एक माह में पूरा करेगें कार्य

दोबारा से होगी बिजली मीटरों की जांच

अधिकारियों का कहना है कि मीटरों को घरों से बाहर निकालने के बाद भी कुछ उपभोक्ता मीटरों के साथ छेड़छाड़ कर बिजली चोरी कर रहे हैं। उपभोक्ता मीटरों में डिवाइस लगवाकर उनकी गति धीमी कर देते हैं। इससे मीटर में खपत की गई बिजली की कम यूनिट दर्ज होती है। इससे निगम को उपभोक्ता द्वारा प्रयोग की गई रीडिंग का पूर्ण बिल प्राप्त नहीं होता है। अधिकारियों का कहना है कि शहर में सभी उपभोक्ताओं के मीटरों की दोबारा से जांच करवाई जाएगी। जांच का कार्य पावर एंड एरिगेश्न पुलिस द्वारा किया जाएगा। मीटरों के साथ छेड़छाड़ मिलने पर उपभोक्ता के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।


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