Hindi News »Haryana »Gohana» किसान बोले- पशुपालन घाटे का सौदा बीमार होने पर दवाएं तक नहीं मिलती

किसान बोले- पशुपालन घाटे का सौदा बीमार होने पर दवाएं तक नहीं मिलती

गोहाना | कृषि एवं किसान कल्याण विभाग में बुधवार को ग्राम स्वराज अभियान के तहत किसान सम्मेलन हुआ। सम्मेलन में आए...

Bhaskar News Network | Last Modified - May 03, 2018, 02:25 AM IST

किसान बोले- पशुपालन घाटे का सौदा बीमार होने पर दवाएं तक नहीं मिलती
गोहाना | कृषि एवं किसान कल्याण विभाग में बुधवार को ग्राम स्वराज अभियान के तहत किसान सम्मेलन हुआ। सम्मेलन में आए किसानों ने पशु पालन को घाटे का सौदा बताया। किसानों का कहना है कि पशु बीमार होने पर अस्पतालों से दवाएं नहीं मिलती, पशुओं में गर्भधारण को लेकर भी समस्या बनी रहती है। इससे पशुपालकों को नुकसान हो रहा है। नगर गांव निवासी किसान विजय ने कहा कि पशुओं को चराने के लिए चारागाह समाप्त हो चुके हैं। चारागाह समाप्त होने से पशु एक ही स्थान पर बंधे रहते हैं। इससे पशु बार-बार बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। पशु बीमार होने पर अस्पतालों में दवाएं नहीं मिलती हैं। डॉ. जगदीश ने कहा कि पशु पालन में घाटा होने का मुख्य कारण कम और बिना नस्ल के पशु पालना है। इस अवसर पर एसडीओ राजेंद्र प्रसाद मेहरा, डॉ. जोगिंद्र तोमर, मत्स्य विभाग से राजेश हुड्डा, मुकेश, राजेंद्र सिंह नेहरा, पिंकी, ज्योति आदि उपस्थित थे।

जैविक खेती अपनाकर बढ़ाएं आय : सम्मेलन में एसडीओ राजेंद्र मेहरा ने कहा कि किसान जैविक खेती को अपनाकर कम खर्च पर अधिक लाभ कमा सकते हैं। जैविक खेती में अधिक रासायनिक खादों एवं दवाओं की आवश्यकता नहीं होती है। रासायनिक खादों का प्रयोग करने से खर्च भी बढ़ता है। इसका सीधा असर किसान की आय पर पड़ता है। वहीं जैविक खेती में किसान का खर्च आधे से भी कम हो जाता है। इससे किसान की आय बढ़ेगी।

गोहाना. कृषि एवं किसान कल्याण विभाग कार्यालय में किसान जागरूकता सेमिनार में उपस्थित किसान।

दैनिक भास्कर पर Hindi News पढ़िए और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट | अब पाइए News in Hindi, Breaking News सबसे पहले दैनिक भास्कर पर |

More From Gohana

    Trending

    Live Hindi News

    0

    कुछ ख़बरें रच देती हैं इतिहास। ऐसी खबरों को सबसे पहले जानने के लिए
    Allow पर क्लिक करें।

    ×