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‘मर्यादित जीवन खुशहाली का आधार’

गोहाना | ईश्वर ने प्रत्येक जीव के लिए मर्यादाएं निर्धारित की हैं। मनुष्य भी अपनी मर्यादाओं में बंधा हुआ है।...

Danik Bhaskar | May 18, 2018, 04:10 AM IST
गोहाना | ईश्वर ने प्रत्येक जीव के लिए मर्यादाएं निर्धारित की हैं। मनुष्य भी अपनी मर्यादाओं में बंधा हुआ है। समुंद्र में भरा पानी जब अपनी मर्यादाएं तोड़ता है तो विनाश करता है। उसी प्रकार मनुष्य अपनी मर्यादाएं लांघता है तो केवल नुकसान उठाना पड़ता है। मर्यादाओं से बंधकर जीवन जीना ही संस्कारों की सार्थकता को सिद्ध करता है। इससे जीवन में खुशहाली आती है। यह कहना है गोकर्ण डेरे के महंत कमलपुरी जी महाराज का। वे गुरूवार को अलाबादी चौक पर श्रद्धालुओं को उपदेश दे रहे थे। उन्होंने श्रद्धालुओं को मर्यादाओं में रहने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि परिवार से मिलने वाले संस्कार हमारी मर्यादा का आधार होते हैं। जो मनुष्य अपनी मर्यादाएं पहचान लेता है, उसका जीवन सार्थक हो जाता है। इस अवसर पर सविता मदान, उषा, रमेश, सन्नी कपूर, जस्सी, राज, सरोज, उमा, नीतू, विभा आदि उपस्थित थे।