--Advertisement--

फर्स्ट वर्ल्ड वार से लेकर अब तक 7 मेजर, 2 कैप्टन सहित गुड़गांव के 125 रणबांकुरे दे चुके हैं शहादत

देश की रक्षा के लिए फर्स्ट वर्ल्ड वार से लेकर अब तक गुड़गांव जिले के 125 जवानों ने शहादत दे चुके हैं।

Dainik Bhaskar

Feb 08, 2018, 07:05 AM IST
मेजर ध्रुव के टैंक के नीचे आ गय मेजर ध्रुव के टैंक के नीचे आ गय

गुड़गांव. गुड़गांव रणबांकुरों की धरती है। देश की रक्षा के लिए फर्स्ट वर्ल्ड वार से लेकर अब तक गुड़गांव जिले के 125 जवानों ने शहादत दी है। इनमें दो कैप्टन, 7 मेजर भी शामिल हैं। वर्तमान में गुड़गांव से 10 हजार से अधिक जवान सीमाओं की रक्षा कर रहे हैं, जबकि 25 हजार जवान सेवानिवृत्त होकर पेंशन पा रहे हैं। ऐसे में गुड़गांव को वीरों की धरती कहना गलत नहीं होगा। जिले के कई ऐसे गांव हैं, जिनमें से 10 से 12 जवान देश सेवा करते हुए वीरगति को प्राप्त हुए हैं। इसके बाद भी गांवों के युवाओं में देश सेवा का जज्बा बरकरार है। जानिए...देश पर प्राण न्यौछावर करने वाले वीरों की शौर्य गाथा ...

मेजर ध्रुव के टैंक के नीचे आ गया था हथगोला

मेजर ध्रुव के पिता विंग कमांडर राजबीर बताते हैं कि ध्रुव जैसलमेर में 22 सितंबर 2015 को बॉर्डर से टैंक से लौट रहे थे। अचानक टैंक के नीचे हथगोला आ गया, ध्रुव के सिर में चोट लगने से वो शहीद हो गए।

प्लाटून पीछे कर ले. अतुल ने आतंकियों से लिया लोहा

लेफ्टिनेंट अतुल कटारिया के पिता रिटायर्ड कर्नल धनराज बताते हैं कि साउथ कश्मीर में 14 अक्टूबर 1998 को गांव में आतंकी होने की सूचना पर प्लाटून को पीछे कर अकेले आतंकियों से लोहा लेते हुए वीरगति पाई।

कैप्टन उमंग ने 21 आतंकियों को मौत के घाट उतारा

कैप्टन उमंग भारद्वाज साल 2002 में राजौरी जम्मू में दुश्मनों से लोहा लेते हुए शहीद हुए थे। पिता कर्नल कंवर भारद्वाज बताते हैं कि उमंग 21 आतंकियों को मौत के घाट उतारकर वीरगति को प्राप्त हुए थे।

X
मेजर ध्रुव के टैंक के नीचे आ गयमेजर ध्रुव के टैंक के नीचे आ गय
Bhaskar Whatsapp

Recommended

Click to listen..