--Advertisement--

हिंसा रोकने के लिए3000 जवानों का पहरा, 11 थियेटर में पद्मावत रिलीज

करणी सेना के कार्यकर्ता दोबारा हिंसा ना फैला सकें हर थियेटर पर पुलिस के 30 जवान तैनात रहे।

Danik Bhaskar | Jan 26, 2018, 07:45 AM IST

गुड़गांव. फिल्म पद्मावत को लेकर बुधवार को हुई हिंसा के बाद जिला प्रशासन और पुलिस गुरुवार को पूरी तरह मुस्तैद रही। मधुबन और भोंडसी से करीब 700 पुलिस जवानों समेत करीब 3000 पुलिसकर्मियों की सुरक्षा के बीच शहर के 11 थियेटर्स में फिल्म रिलीज हुई। करणी सेना के कार्यकर्ता दोबारा हिंसा ना फैला सकें हर थियेटर पर पुलिस के 30 जवान तैनात रहे। चप्पे-चप्पे पर पुुलिस की नजर रही।

जिले के सभी 25 थानों पर थाना प्रभारियों के अलावा एक-एक ड्यूटी मजिस्ट्रेट लगाए गए। पूरे जिले में धारा 144 लागू की गई। पुलिस आयुक्त संदीप खिरवार ने एमजी रोड स्थित सभी सिनेमा हाल की सुरक्षा इंतजामों की जायजा लिया। इसके बाद सोहना रोड पर भोंडसी गांव भी गए। वहीं पुलिस की सतर्कता के बावजूद दिल्ली-गुड़गांव एक्सप्रेस वे पर खाड़सा गांव के दूसरी ओर मिनी ट्रक को कुछ लोगों ने बुधवार रात 11 बजे आग के लगा दी। इससे यातायात प्रभावित हुआ।


राजपूतों के गांवों पर रही पुलिस की नजर
भोंडसी में हुई हिंसा के बाद पुलिस यहां काफी चौकन्नी रही। यहां बड़ी संख्या में पुलिसबल तैनात रहा। इसके अलावा मानेसर के कासन गांव, वजीरपुर, बोहडा कलां, खाड़सा, पटौदी और फर्रुखनगर में राजपूतों के गांवों पर पुलिस की नजर रही। सभी जगहों पर पुलिस की टीमें लगातार गश्त करती रहीं। साथ ही लोगों से शांति बनाए रखने की अपील भी की जाती रही।

भोंडसी थाना साढ़े चार महीने में दूसरी बार सुर्खियों में आया
प्रिंस हत्याकांड के बाद भोंडसी थाना साढ़े महीने के अंदर दूसरी बार सुर्खियों में आया है। निजी स्कूल में प्रिंस की हत्या थाने से मात्र 4 किमी दूरी पर हुई थी। वहीं बुधवार को थाना से तीन किमी दूर रोडवेज की बस में आग लगा दी गई। करीब 20 मिनट बाद पुलिस पहुंची। जिला पुलिस नाकामी ही रही है कि भोंडसी गांव राजपूतों का सबसे बड़ा गांव है, लेकिन एहतियात के तौर पर यहां पहले पुलिस तैनात नहीं की गई। डीसी विनय प्रताप सिंह ने कहा कि भोंडसी गांव में पुलिस घटना से पहले ही तैनात की गई थी, लेकिन उग्र भीड़ को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस बुलानी पड़ी थी। जबकि भोंडसी थाना प्रभारी उमेश से जब पूछा कि बस में आगजनी के दौरान क्या पुलिस तैनात थी, तो वो जवाब नहीं दे सके और फोन काट दिया।

रोडवेज की कई बसें बंद, कई रूट बदले गए

पद्मावत के विरोध के दौरान बुधवार को रोडवेज की दो बसों को निशाना बनाया गया। ऐसे में गुरुवार को गुड़गांव के कई रूटों को बदलकर बसें चलाई, जबकि पटौदी व सोहना रूटों की बसों को बंद रखा। वहीं आगरा रूट पर चलने वाली बस का सोहना रूट से बदलकर गुड़गांव- बल्लभगढ़ रूट से चलाया। ऐसे में यात्रियों को भी काफी परेशानी उठानी पड़ी। अगले तीन दिन तक छुट्टी होने के कारण इफको चौक, राजीव चौक व बस स्टैंड पर भी यात्रियों को बसें नहीं मिलने से काफी परेशानी होगी। गुड़गांव डिपो महाप्रबंधक दलबीर सिंह ने बताया कि गुड़गांव रेलवे स्टेशन से मेट्रो स्टेशन के लिए भी बसें नहीं भेजी गई। बसों में नुकसान ना हो, ऐसे में एहतियात के तौर पर बसें बंद की गई हैं। बसें नहीं मिलने से इफको चौक, राजीव चौक व महावीर चौक पर यात्रियों की काफी भीड़ रही। इसका फायदा निजी बस संचालकों को हुआ।

मामले में 4 एफआईआर दर्ज, 31 गिरफ्तार

प्रदर्शन के दौरान सड़क जाम करने, सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के मामले में पुलिस ने अलग-अलग थाना एरिया में चार एफआईआर दर्ज की हैं। 31 लोगों को अरेस्ट किया है। भोंडसी केस में 10 आरोपियों को भोंडसी जेल और 8 किशोर को बाल सुधारगृह फरीदाबाद भेजा गया है। पलवल रोडवेज के चालक सुखबीर की शिकायत पर बुधवार देर शाम 60 अज्ञात लोगों पर केस दर्ज किया था। इधर खेड़कीदौला एरिया में प्रदर्शन और सड़क जाम लगाने के आरोप में 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया। दूसरी ओर निवारक कार्रवाई के तहत 8 आरोपियों को अरेस्ट किया गया। उन्हें कार्रवाई के बाद जमानत दे दी गई। वहीं गुड़गांव-पटौदी रोड को जाम करने पर भी सेक्टर 10 थाना पुलिस ने अज्ञात 40 लोगों पर केस दर्ज किया। इधर सुल्तानपुर यूपी निवासी उमा नाथ यादव ने सदर थाना पुलिस को बताया कि 24 जनवरी की रात 11 बजे उपद्रवियों ने उसके कैंटर में भी आग लगा दी थी। पुलिस ने उसकी शिकायत पर केस दर्ज किया

ग्रामीण बोले, पकड़े गए युवक निर्दोष, आज सीपी से मिलेंगे
भोंडसी के युवकों की गिरफ्तारी के विरोध में शुक्रवार रात 9 बजे सोहना रोड पर जाम लगा दिया। वहीं गुरुवार को भोंडसी गांव में ग्रामीणों ने पंचायत कर युवकों को निर्दोष बताया। फैसला लिया गया कि शुक्रवार को ठाकुरों के गांव के सभी लोग कमिश्नर से मिलने जाएंगे।

आंदोलन का समर्थन कर रहे पूर्व बीजेपी नेता सूरजपाल अम्मू गिरफ्तार
बीजेपी के पूर्व नेता सूरजपाल अम्मू को पुलिस ने गुरुवार को अरेस्ट गिया गया। एसीपी डीएलएफ अनिल यादव ने बताया कि अम्मू को प्रिवेंटिव एक्ट के तहत गिरफ्तार किया गया है। अम्मू को डीसीपी हेड क्वार्टर के सामने शुक्रवार को पेश किया जाएगा। पुलिस को शक है कि सूरज के कारण माहौल खराब हो सकते हंै। उल्लेखनीय है कि अम्मू एमजी रोड पर जाना चाहते थे, लेकिन पुलिस ने उनको उनके घर पर ही नजरबंद कर रखा था। उनके घर के बाहर भारी पुलिस बल भी तैनात रहा। बता दें कि पहले सूरज पाल बीजेपी के प्रदेश मीडिया प्रभारी थे। फिल्म पद्मावत को लेकर वो भी आंदोलन कर रहे हैं। उन्होंने फिल्म निर्माता संजय लीला भंसाली और एक्ट्रेस दीपिका पादुकोण का सिर कलम करने वाले को 10 करोड़ रुपए देने का ऐलान किया था।