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हजार रुपए में किया था 550 करोड़ का सौदा, हनीमून से आया था इन्हें आइडिया

ये ही वो शख्स हैं, जिसने 2012 में 550 करोड़ रु. के सिनेमैक्स की खरीद एक हजार रु. का बयाना देकर की थी।

Danik Bhaskar | Dec 02, 2017, 12:45 AM IST
अजय बिजली पीवीआर सिनेमा के प्रमोटर है। अजय बिजली पीवीआर सिनेमा के प्रमोटर है।

गुड़गांव। पीवीआर के प्रमोटर अजय बिजली के खिलाफ हाल ही में कोर्ट ने एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए हैं। अजय बिजली को ‘किंग ऑफ मल्टीप्लैक्सेज़’ यूं ही नहीं कहा जाता है। ये ही वो शख्स हैं, जिसने 2012 में 550 करोड़ रु. के सिनेमैक्स की खरीद एक हजार रु. का बयाना देकर की थी। दरअसल सिनेमैक्स के मालिक रशेस कनकिया को अजय पर भरोसा था, लेकिन अजय की जेब में उस वक्त केवल हजार रु. थे। सबूत के तौर पर ली गई थी फोटो

- दोनों ही कंपनियां स्टॉक एक्सचेंज में लिस्टेड थीं। किसी भी तरह की खरीदी बिक्री के लिए स्टॉक एक्सचेंज में सूचना देना होती। तब अजय द्वारा कनकिया को 1000 रु. दिए गए, बतौर सबूत इसका फोटो लिया गया।

- अजय के साथ इस सौदे में रेणुका रामनाथ थीं, जिन्होंने कभी आईसीआईसीआई वेंचर में रहते हुए लोन दिया था और इसमें भी मदद वे ही कर रही थीं।

अमृतसर से आकर दिल्ली में खोला ट्रांसपोर्ट का कारोबार

- अजय के पिता किशन मोहन 1964 में अमृतसर से दिल्ली आए थे। किशन मोहन को लोग अमृतसर में बिजली पहलवान कहते थे।

- दिल्ली में वे अमृतसर ट्रांसपोर्ट कंपनी चलाने लगे। लोगों के झगड़े भी सुलझाते थे।

- बसंत विहार में प्रिया सिनेमा था। इसके 7 पार्टनर आपस में लड़ रहे थे। झगड़ा अजय के पिता के पास आया।

- उन्होंने प्रिया सिनेमा खरीदने की पेशकश कर दी और भागीदारों का झगड़ा सुलझा दिया। जबकि उन्हें सिनेमा में कोई रुचि नहीं थी।

- बेटे अजय की रुचि शुरू से ही सिनेमा में थी। पढ़ने के बाद, कॉलेज में गए। तब पिता के कारोबार में हाथ बंटाते थे, तो ट्रांसपोर्ट का काम करने जाते थे, क्योंकि 20 करोड़ का सालाना कारोबार तब इसका था। लेकिन तब भी उनका मन सिनेमा में ही रहता था। जबकि प्रिया सिनेमा कोई खास नहीं था। थर्ड ग्रेड की फिल्में चलती थीं।

- 1990 में अजय की शादी स्कूल में ही साथ पढ़ने वाली सेलिना कोठारी से हुई। सेलिना के माता-पिता डॉक्टर हैं और वे पिडीलाइट के बलवंत पारेख की रिश्तेदार हैं।


टर्निंग पॉइंट
- दोनों हनीमून मनाने ओरलैंडो गए। वहां पर अजय को जीवन का उद्देश्य मिल गया। वहां उन्होंने मल्टीप्लैक्स देखा तो लगा कि अपने सिनेमा को ऐसा बना सकते हैं। घर आकर पिता से कहा कि वे सिनेमा के कारोबार को संवारेंगे। पिता तैयार नहीं थे।

- अजय ने कहा सिर्फ मुझे डॉल्बी साउंड करवा दो। जैसे-तैसे बात बनी। 1991 में नया प्रिया सिनेमा बना तो अजय ने इसमें इंग्लिश फिल्में दिखाना शुरू किया।

- 1992 में अजय के पिता को दिल का दौरा पड़ा, भारी ट्रैफिक के कारण अस्पताल नहीं पहुंच सके और चल बसे। ट्रांसपोर्ट और सिनेमा दोनों का काम देखना पड़ता था। जैसे-तैसे मामा एचएल खन्ना ट्रांसपोर्ट का काम देखने को तैयार हुए।

- इंग्लिश फिल्मों के लिए अजय मुंबई में वार्नर ब्रदर्स के ऑफिस जाते ही थे। तभी इस ऑफिस में एक दोस्त ने उन्हें विलेज रोड शो नामक ऑस्ट्रेलियाई कंपनी के बारे में बताया, जो सिनेमाघरों में पैसा लगाकर मल्टीप्लैक्स का रूप देती है।

- अजय इस कंपनी के लोगों से मिले। इस तरह से दोनों की सहमति से 1995 में प्रिया विलेज रोडशो (पीवीआर) का जन्म हुआ। इसके बाद सिनेमैक्स, फिर डीटी सिनेमाज़ का अधिग्रहण करते हुए अजय ‘किंग ऑफ मल्टीप्लैक्सेस’ हो गए।

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अजय की रुचि शुरू से ही सिनेमा में थी। अजय की रुचि शुरू से ही सिनेमा में थी।
एक्ट्रेस नरगिस फाकरी के साथ अजय बिजली। एक्ट्रेस नरगिस फाकरी के साथ अजय बिजली।
कॉलेज के टाइम अजय अपने पिता के साथ काम में हाथ बटाते थे। कॉलेज के टाइम अजय अपने पिता के साथ काम में हाथ बटाते थे।
अपनी पत्नी सेलिना और दोस्तों  के साथ अजय। अपनी पत्नी सेलिना और दोस्तों के साथ अजय।
इंग्लिश फिल्मों के लिए अजय मुंबई में वार्नर ब्रदर्स के ऑफिस जाते ही थे। इंग्लिश फिल्मों के लिए अजय मुंबई में वार्नर ब्रदर्स के ऑफिस जाते ही थे।
अपनी पत्नी सेलिना और शशि थरूर के साथ अजय। अपनी पत्नी सेलिना और शशि थरूर के साथ अजय।
अपने भाई, पत्नी और दोस्तों के साथ अजय। अपने भाई, पत्नी और दोस्तों के साथ अजय।
सिनेमैक्स, फिर डीटी सिनेमाज़ का अधिग्रहण करते हुए अजय ‘किंग ऑफ मल्टीप्लैक्सेस’ हो गए। सिनेमैक्स, फिर डीटी सिनेमाज़ का अधिग्रहण करते हुए अजय ‘किंग ऑफ मल्टीप्लैक्सेस’ हो गए।