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गंदगी से लोग हो रहे परेशान, सफाई एजेंसियों में चल रही है खींचतान

शहर की सफाई व्यवस्था में बदलाव के साथ ही डोर-टू-डोर कूड़ा उठाने वाली एजेंसी ईको ग्रीन और सड़कों पर झाड़ू लगाने के लिए...

Bhaskar News Network | Last Modified - Mar 11, 2018, 02:00 AM IST

गंदगी से लोग हो रहे परेशान, सफाई एजेंसियों में चल रही है खींचतान
शहर की सफाई व्यवस्था में बदलाव के साथ ही डोर-टू-डोर कूड़ा उठाने वाली एजेंसी ईको ग्रीन और सड़कों पर झाड़ू लगाने के लिए लगाई गई नई एजेंसियों के बीच खींचतान शुरू हो गई है। सड़कों पर जमा कचरा कौन उठाएगा। इसको लेकर दुविधा की स्थिति बनी हुई है। दूसरी तरफ, सफाई नहीं होने से स्थानीय लोग परेशान हो रहे हैं। वर्तमान में शहर में सफाई के लिए कुल 5 एजेंसियां काम कर रही हैं। डोर-टू-डोर गार्बेज कलेक्शन से लेकर शहर का कचरा उठाकर बंधवाड़ी स्थित ट्रीटमेंट प्लांट में पहुंचाने की जिम्मेदारी ईको ग्रीन को सौंपी गई है। शहर के सभी कूड़ेदान और डंपिंग सेंटरों की व्यवस्था से लेकर नियमित कूड़ा उठाने की जिम्मेदारी भी ईको ग्रीन की है। अभी भी शहर में सैकड़ों अव्यवस्थित कूड़ेदान हैं, जहां रेहड़ी वाले चुपके से कचरा डाल जाते हैं। इसके अलावा सड़कों के किनारे भी कचरा इकट्ठा हो रहा है। सेक्टर-4/7 चौक पर कूड़ेदान के बाहर भारी मात्रा में कचरा पड़ा रहता है। इसी तरह से न्यू कॉलोनी मोड़, सेक्टर-4, सेक्टर-9, सेक्टर-37 व अन्य क्षेत्रों में भी स्थानीय लोग जगह-जगह गंदगी की शिकायत कर रहे हैं। अब समस्या यह खड़ी हो गई है कि सड़क किनारे व कूड़ेदान के आस-पास से कचरा कौन उठाएगा।

शहर में सफाई के लिए कुल 5 एजेंसियां काम कर रही हैं

गुड़गांव. सेक्टर 4-7 चौक पर फैली पड़ी गंदगी।

निगम सदन में भी उठ चुकी है बात

बुधवार को नगर निगम की सामान्य बैठक में भी यह समस्या उठ चुकी है। पार्षदों ने ईको ग्रीन और अन्य चार सफाई एजेंसियों की कार्य प्रणाली पर भी सवाल उठाए थे, जिसका जवाब नहीं मिला पाया था। कमिश्नर ने बाद में स्थिति स्पष्ट करने की बात की थी। अब समस्या गंभीर हो रही है। एजेंसियों के बीच खींचतान से शहर में गंदगी फैल रही है। नगरवासियों को समझ में नहीं आ रहा है कि क्या करें। सफाई कर्मी सिर्फ झाडू लगा देते हैं। वहीं इकोग्रीन इसे नजरअंदाज कर रही है।

पार्षद को नहीं मिल रहा जवाब

वार्ड 19 के पार्षद अश्वनी शर्मा का कहना है कि उन्हें पहले से ही इस समस्या की आशंका थी। आउटसोर्स पर सफाई कर्मी तैनात करने के लिए किए गए टेंडर में स्पष्ट नहीं है कि सड़कों के किनारे प्रतिदिन इकट्ठा होने वाले कचरे को कौन उठाएगा। दूसरी तरफ, शहर से बंधवाड़ी प्लांट में पहुंचे रहे कूड़े के लिए ईको ग्रीन को प्रति टन एक हजार रुपए का भुगतान किया जा रहा है, इस आधार पर पूरे क्षेत्र से कूड़ा उठाने की जिम्मेवारी भी ईको ग्रीन की होनी चाहिए। उन्होंने इस पर सदन में सवाल उठाया था, जिसका जवाब नहीं मिल पाया है।

झाड़ू लगाने के लिए चार एजेंसियां

दूसरी तरफ निगम के चारों जोनों में आउटसोर्स से 1963 कर्मियों की तैनाती के लिए अलग-अलग चार एजेंसियों को ठेका दिया गया है। कर्मियों की तैनाती के लिए नगर निगम द्वारा इन एजेंसियों को डीसी रेट पर भुगतान किया जाएगा। जोन-1 में 627 कर्मियों की तैनाती के लिए इंटरप्राइजेज को टेंडर दिया गया है। इसी तरह से जोन-2 के अंतर्गत 525 कर्मी लगाने के लिए बालाजी सिक्योरिटी सर्विसेज, जोन-3 में 426 कर्मियों के लिए केएस मल्टी फेसिलिटी और जोन-4 अंतर्गत 385 कर्मियों की तैनाती के लिए वशिष्ठ मैनपावर को टेंडर दिया गया है। चारों एजेंसियां एक मार्च से काम कर रही हैं। चारों एजेंसियों ने अपने-अपने जोन में सफाई कर्मी तैनात कर दिए हैं। कर्मियों ने झाड़ू लगाने का काम शुरू कर दिया है। इस तरह से प्रत्येक जोन में कुल दो एजेंसियां काम कर रही हैं। ईको ग्रीन कचरा उठाने का काम कर रही है, जबकि डीसी रेट पर कर्मी तैनात करने वाली एजेंसी झाड़ू लगवा रही हैं।

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