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सरकारी स्कूलों के छात्रों को पढ़ाया जाएगा नशे से बचाव का पाठ

गुड़गांव सरकारी स्कूलों के बच्चों को नशे के दुष्परिणामों के बारे में जागरूक करने के लिए शिक्षा विभाग इसे...

Dainik Bhaskar

Feb 01, 2018, 02:05 AM IST
सरकारी स्कूलों के छात्रों को पढ़ाया जाएगा नशे से बचाव का पाठ
गुड़गांव सरकारी स्कूलों के बच्चों को नशे के दुष्परिणामों के बारे में जागरूक करने के लिए शिक्षा विभाग इसे पाठ्यक्रम में शामिल करने जा रहा है। नैतिक शिक्षा की पाठ्य पुस्तक में नशे के बचाव को पाठ के रूप में जोड़ा जाएगा। मिडिल से लेकर सीनियर सेकंडरी तक के पाठ्यक्रम में नशा व इसके दुष्परिणाम के नाम से शामिल किया जाएगा। स्कूली बच्चों को नशे की लत से बचाने के लिए शिक्षा निदेशालय पहल करने जा रहा है। जिससे की बच्चों को मादक पदार्थ से होने वाले नुकसान के बारे में बताया जा सके। कई बार ऐसा देखने में आया है कि बच्चे अनजाने में नशे का शिकार हो जाते हैं। इसलिए शिक्षा निदेशालय इसे पाठ्यक्रम में शामिल करने की तैयारी कर रह रहा है। इसके लिए मिडिल में नैतिक शिक्षा की किताब में नशे के बचाव से संबंधित पाठ के रूप में जोड़ा जाएगा।

निदेशालय के निर्देश पर राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद की ओर से तैयारियां की जा रही हैं। मिली जानकारी के अनुसार इसके लिए एससीईआरटी के ‘पाठ्यबुक सेल’ की ओर से एक पांच सदस्यीय टीम का गठन कर दिया गया है। टीम के सदस्य नशे के प्रकार और दुष्प्रभाव पर विषय का चुनाव करेंगे। जिसके बाद इसे किताब में जोड़ा जाएगा। इसमें तंबाकू, शराब, भांग जैसे नशीले पदार्थों के बारे में जानकारी दी जाएगी। एससीईआरटी की निदेशक ज्योति चौधरी ने बताया कि निदेशालय के निर्देश पर काम किया जा रहा है।

क्लास 9 से 12वीं तक के स्टूडेंट रहे सर्वे में शामिल

गौरतलब है कि एससीईआरटी ने प्रदेश में छात्रों में तनाव, नशीले पदार्थ और यौन शोषण की स्थिति जानने के लिए पिछले साल सर्वे कराया था। इसमें कक्षा 9 से 12 तक के सरकारी स्कूलों के छात्र-छात्राओं (किशोर-किशोरी) शामिल थे। प्रारंभिक रिपोर्ट के अनुसार 12.84 फीसदी छात्रों ने माना था कि ड्रग्स दोस्तों के द्वारा ऑफर किया गया। 7.50 फीसदी ने सेल्फ यूज करने की बात कही। 52 फीसदी ने बताया कि घर में कोई न कोई नशे का सेवन करता है। इस सर्वे के बाद ही एससीईआरटी ने बच्चों को नशामुक्ति संबंधी जानकारी देने के लिए ये पहल की है।

एससीईआरटी ने प्रदेश में छात्रों में तनाव, नशीले पदार्थ और यौन शोषण की स्थिति जानने के लिए कराए सर्वे के बाद फैसला लिया

सर्वे के अनुसार प्राप्त आंकड़े

सर्वे में शामिल छात्र-छात्राएं 33460

42.13 % का जवाब यस

52.66 % का जवाब नो

5.22% का जवाब जानकारी नहीं

119 ब्लॉक में हुआ सर्वे

लड़के 14467 (42.62 %)

लड़किया 19193 (57.36%)

शहरी 19.29 %

ग्रामीण 80.71%

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