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सरकारी स्कूल हटाने का हसला व पैरेंट्स ने किया विरोध

सिविल लाइन गुडगांव स्थिति राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय (बाल) में हरियाणा स्कूल लेक्चरर एसोसिएशन (हसला) के...

Dainik Bhaskar

Mar 25, 2018, 02:05 AM IST
सरकारी स्कूल हटाने का हसला व पैरेंट्स ने किया विरोध
सिविल लाइन गुडगांव स्थिति राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय (बाल) में हरियाणा स्कूल लेक्चरर एसोसिएशन (हसला) के पूर्व महासचिव कर्मवीर चौहान की अध्यक्षता में जिलास्तरीय बैठक हुई। इसमें हसला जिला अध्यक्ष अशोक ठाकरान, हरियाणा अध्यापक संघ प्रदेश उपाध्यक्ष सत्यनारायण यादव, हसला गुड़गांव ब्लॉक अध्यक्ष सुशील कटारिया, हसला फर्रुखनगर ब्लॉक अध्यक्ष कुलदीप सिंह, बलराम, बृजकिशोर, हसला के पूर्व उपाध्यक्ष सुनील यादव, सुधीर शर्मा, कमल सिंह व समस्त विद्यालय स्टाफ मौजूद रहा। बैठक का उद्देश्य सरकार द्वारा सीनियर सेकंडरी स्कूल बाल का स्थानांतरण कर सामान्य नागरिक अस्पताल का विस्तार करने के विरोध में था। कर्मवीर चौहान ने कहा कि सरकार के इस फैसले का हम स्वागत करते हैं कि नागरिक अस्पताल का विस्तार हो, लेकिन स्कूल हटाकर नहीं। बच्चों के सर्वांगीण विकास का दम भरने वाली सरकार उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही है। सरकारी विद्यालयों में गरीबों के बच्चे पढ़ते हैं। यदि उन्हें दूरदराज के विद्यालयों में स्थानांतरित किया गया तो मुमकिन है कि बच्चे शिक्षा से वंचित हो जाएं। सरकार को पहले विद्यालय के लिए नई इमारत का निर्माण कराना चाहिए। इसके बाद विद्यालय को स्थानांतरित करना चाहिए।

हसला जिला अध्यक्ष अशोक ठाकरान ने कहा कि बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ नहीं होने देंगे। हम हर संर्घष को तैयार हैं। जल्द ही इसके लिए हसला सरकार को ज्ञापन देगी। बैठक में शामिल पैरेंट्स ने भी इसका विरोध किया। हसला के पूर्व उपाध्यक्ष सुनील यादव ने बताया कि स्कूल भवन 1899 में तैयार हुआ था। इस दौरान स्कूल का नाम कोलोनेल हाई स्कूल रखा गया था। उस समय इस जगह का नाम हिदायतपुर छावनी था।

सिविल अस्पताल के विस्तार के लिए राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय (बाल) को बचाने आगे आए टीचर्स और पैरेंट्स

गुड़गांव. सीनियर सेकंडरी बाल में आयोजित मीटिंग में भाग लेते अध्यापक।

इधर, अध्यापक संघ के सदस्यों ने बताए

सरकारी स्कूल में बच्चों को पढ़ाने के फायदे

फर्रुखनगर | सरकारी स्कूल के स्टाफ सदस्य सरकारी विद्यालयों में छात्रों की संख्या बढ़ाने के लिए डोर टू डोर अभियान चलाकर अभिभावकों को जागरूक कर रहे हैं। इसके तहत हरियाणा अध्यापक संघ के सदस्य ग्रामीणों के बीच नुक्कड़ सभा, रैली निकालकर, तथा स्कूलों में मिलने वाली सुविधाओं के बारे में पैरेंट्स को बता रहे हैं। शनिवार को संघ के जिला अध्यक्ष सुभाष यादव के नेतृत्व में खंड के गांव पातली में रैली निकालकर ग्रामीणों को जागरूक किया गया। लोगों को बताया गया कि प्राइवेट स्कूल शिक्षा के नाम पर लूट रहे हैं। अभिभावकों से अधिक फीस वसूलते हैं। पिछले 5 सालों में 12वीं कक्षा की बोर्ड के परिणाम में सरकारी विद्यालयों का परिणाम प्राइवेट से बेहतर आया है। यहां अनुभवी और ट्रेंड शिक्षक हैं। कक्षा पहली से आठवीं तक मुफ्त शिक्षा, वर्दी, पुस्तकें और पौष्टिक आहार, एससी, बीसी व बीपीएल स्टूडेंट्स को छात्रवृत्ति, मुफ्त कंप्यूटर शिक्षा की सुविधा, नर्सरी से अंग्रेजी विषय लागू, मुफ्त मेडिकल चेकअप व विकलांग बच्चों को मुफ्त अंग व चश्में, एनसीसी, एनएसएस, स्काउट एंड गाइड के लिए प्रशिक्षण व्यवस्था है।

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