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पहले दिन साइबर काइम का एक भी केस दर्ज नहीं

गुड़गांव. डीएलएफ 5 में साइबर क्राइम थाने का उद्घाटन करते जीएमडीए (गुड़गांव मेट्रोपॉलिटन डिवेलपमेंट अथॉरिटी) के...

Dainik Bhaskar

Mar 08, 2018, 02:05 AM IST
पहले दिन साइबर काइम का एक भी केस दर्ज नहीं
गुड़गांव. डीएलएफ 5 में साइबर क्राइम थाने का उद्घाटन करते जीएमडीए (गुड़गांव मेट्रोपॉलिटन डिवेलपमेंट अथॉरिटी) के सीईओ वी. उमाशंकर।

भास्कर न्यूज| गुड़गांव

गुड़गांव पुलिस साइबर अपराधों को त्वरित कार्रवाई कर सकेगी। इसके लिए ई-डैस मशीन (फारेंसिक जांच) व कॉल डिटेल की जांच के लिए मशीन पुलिस को उपलब्ध हो गई है। अब पुलिस साइबर मामलों को अपने स्तर पर जांच कर सकेगी। नए साइबर क्राइम थाने का शुभारंभ गुड़गांव मेट्रोपॉलिटन डिवेलपमेंट अथॉरिटी (जीएमडीए) के सीईओ वी. उमाशंकर व पुलिस आयुक्त संदीप खिरवार ने किया। पहले दिन एक भी साइबर क्राइम का केस दर्ज नहीं हुआ। प्रदेश सरकार ने गुड़गांव में साइबर थाना खोलने की स्वीकृत कुछ दिन पहले दी थी। यह प्रदेश का पहला साइबर थाना है। जिसका बुधवार को डीएलएफ फेज 5 स्थित साइबर क्राइम पुलिस थाने की विधिवत शुरुआत की गई। जीएमडीए के सीईओ वी. उमाशंकर ने कहा कि तकनीक के विकास के साथ अपराधों की प्रकृति और अधिक जटिल हो गई है, इसलिए ऐसे अपराधों से निपटने में सक्षम होने के लिए प्रशासन को आगे बढ़ने की जरूरत है। गुड़गांव के पहले साइबर पुलिस स्टेशन की स्थापना एक बड़ी उपलब्धि है। पुलिस कमिश्नर संदीप खिरवार ने कहा कि साइबर अपराधों में तेजी आई है। थाने में तैनात पुलिस कर्मचारियों को आईटी में ट्रेंड बनाया गया है। थाने में साइबर अपराधों से जुड़े साफ्टवेयर समेत जरूरी उपकरण उपलब्ध कराए गए है। इस मौके पर डीसीपी क्राइम सुमित कुमार,डीएलएफ के आकाश ओहरी,एसीपी समेत अन्य लोग उपस्थित थे।

50 लाख के फोरेंसिक सॉफ्टवेयर मिले

साइबर थाना खुलने के साथ पुलिस को हाईटेक बनाने के लिए 50 लाख रुपये के सॉफ्टवेयर मिले हैं। पुलिस को साइबर अपराध सुलझाने में मदद मिलेगी और अपराधियों को जल्द पकड़ा जा सकेगा। इसमें पुलिस सर्वर, मोबाइल डाटा,सीडीआर जैसे उपकरणों को जल्द जांच कर आईटी के मामलों को सुलझाया जा सकेगा।

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