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119 साल पुराना है सीनियर सेकंडरी स्कूल (बाल), 300 बेड का बनना है अस्पताल

जिला नागरिक अस्पताल के विस्तार के लिए 119 साल पुराने (साल 1899 में बना) सीनियर सेकंडरी स्कूल (बाल) की बिल्डिंग को गिराने...

Dainik Bhaskar

Mar 16, 2018, 02:05 AM IST
119 साल पुराना है सीनियर सेकंडरी स्कूल (बाल), 300 बेड का बनना है अस्पताल
जिला नागरिक अस्पताल के विस्तार के लिए 119 साल पुराने (साल 1899 में बना) सीनियर सेकंडरी स्कूल (बाल) की बिल्डिंग को गिराने की योजना है। सरकार स्कूल की जमीन लेकर यहां 300 बेड का नया अस्पताल बनाने जा रही है, फिलहाल सिविल अस्पताल में 200 बेड की क्षमता है। हाल में इसका ऐलान स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव अमित झा ने गुड़गांव में सेक्टर-10 अस्पताल के निरीक्षण के दौरान किया था। दूसरी तरफ सरकार के इस फैसले ने स्कूल में पढ़ रहे करीब 900 बच्चों के पैरेंट्स की चिंता बढ़ा दी है। पैरेंट्स स्कूल प्रिंसिपल और टीचर्स से स्कूल शिफ्ट किए जाने को लेकर सवाल कर रहे हैं। उनका कहना है कि स्वास्थ्य सुविधाओं का बढ़ना बेहतर है, लेकिन शिक्षा भी उतनी ही जरूरी है। सरकार को इसे लेकर विकल्प तलाशना चाहिए, ताकि अगले सत्र में बच्चों की पढ़ाई बाधित ना हो।

डीसी ने शिक्षा विभाग को लिखा पत्र

स्कूल शिफ्टिंग के लिए लोक निर्माण मंत्री राव नरबीर सिंह कई मंचों से सीएम से मांग कर चुके हैं। इसके बाद डीसी ने भी शिक्षा विभाग को पत्र लिखकर स्कूल शिफ्ट करने की संभावना तलाशने का निर्देश दिया है। स्कूल में कक्षा छह से 12वीं तक के करीब 900 बच्चे पढ़ते हैं। ऐसे में इन बच्चों के पठन-पाठन पर संकट आ गया है। दूसरी ओर पुलिस लाइंस स्थित राजकीय प्राइमरी स्कूल भी स्कूल कैंपस में चलता है। ऐसे में प्राइमरी स्कूल को भी शिफ्ट करना होगा। इससे पहली से पांचवीं तक के बच्चों को भी दिक्कत होगी। यह स्कूल बस स्टैंड के पास है। यहां दिव्यांग बच्चों के अलावा भिवानी बोर्ड का कार्यालय भी है।

स्कूल के खेल परिसर में मॉडल स्कूल खुलेगा

सरकार की योजना के अनुसार सीनियर सेकंडरी स्कूल की जमीन को हेल्थ विभाग को सौंप दिया जाए। इसके बाद सीनियर सेकंडरी स्कूल के खेल के मैदान (गोशाला ग्राउंड) में न्यू मॉडल संस्कृति सीनियर सेकंडरी स्कूल खोला जाए।

डीसी कैंप कार्यालय में डीसी के अध्यक्षता में 12 फरवरी को बैठक में सीएम की घोषणाओं पर चर्चा हुई थी। इस आधार पर सिविल सर्जन डॉ. बीके राजौरा ने 19 फरवरी को शिक्षा विभाग को लिखे पत्र में कहा है कि मौजूदा बच्चों व वर्ष 2018-19 आगामी एडमिशन के लिए आने वाले बच्चों को किसी अन्य स्कूलों में स्थानांतरित किया जा सकता है।

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