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पहली से पांचवीं के तक के बच्चों की छह सप्ताह तक होगी कॉम्पिटेंसी आधारित पढ़ाई

नए शिक्षा सत्र में पहली से आठवीं के बच्चों को स्किल पासबुक कैचअप प्रोग्राम के तहत छह सप्ताह तक कार्यक्रम चलाया...

Bhaskar News Network | Last Modified - Apr 04, 2018, 02:05 AM IST

नए शिक्षा सत्र में पहली से आठवीं के बच्चों को स्किल पासबुक कैचअप प्रोग्राम के तहत छह सप्ताह तक कार्यक्रम चलाया जाएगा। इसमें पहली बार विशेष तौर पर कक्षा एक से पांचवीं तक के बच्चों को एलईपी के तहत पूरे दिन छह सप्ताह तक कॉम्पिटेंसी आधारित पढ़ाई कराई जाएगी। बच्चों को दो-दो घंटे हिंदी, अंग्रेजी, गणित व ईवीएस पढ़ाया जाएगा। जिससे कि पढ़ाई शुरू होने से पहले बच्चे को पीछे के कोर्स में किसी प्रकार का कोई उलझन ना रहे। 9 वीं से 12 वीं कक्षा तक सिलेबस से पढ़ाई कराने का निर्देश टीचरों को दिया है।

शिक्षा विभाग ने इस साल सरकारी स्कूलों में समय से किताबें उपलब्ध करा दी हैं। जिससे दो अप्रैल से ही स्कूलों में शैक्षिक कार्य शुरू हो गया है। दूसरी ओर विभिन्न सर्वेक्षण रिपोर्ट में बच्चों की कॉम्पिटेंसी स्तर में कमी पाई गई है। जिसे देखते हुए विभाग ने स्किल पासबुक कैचअप प्रोग्राम के तहत पहली से पांचवीं के बच्चों के लिए विशेष कार्यक्रम चलाने का फैसला लिया गया है। इस दौरान बच्चों को विषय की पढ़ाई कराने के बजाय कॉम्पिटेंसी की जांच के अनुसार पढ़ाया जाएगा। राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी)में एलईपी के समन्वयक मनोज कौशिक ने बताया कि दो अप्रैल से 14 मई तक पहली से पांचवीं तक के बच्चों को लर्निंग एनहांसमेंट प्रोग्राम (एलईपी) के तहत कॉम्पिटेंसी आधारित पढ़ाई कराई जाएगी। पहले टीचरों को बच्चों के शैक्षिक स्तर का आंकलन उन्हें कक्षा स्तर पर लाना होगा। इसके लिए बीआरपी और एबीआरसी को रोजाना 10 स्कूलों की जांच करनी होगी। इसके अलावा डीजी एलईपी ग्रुप पर इससे संबंधित कंटेंट व वीडियो पोस्ट करना होगा। दूसरी ओर कक्षा छह से आठवीं तक स्किल पासबुक के तहत कार्यक्रम चलाया जाएगा। राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ के महासचिव अशोक कुमार ने बताया कि बच्चों की कॉम्पिटेंसी का आंकलन किया जा रहा है। जिसके बाद उसी अनुसार पढ़ाई कराई जाएगी। इसके बाद विभाग की ओर से सभी ऐसे बच्चों की जांच कराई जाएगी। ताकि बच्चों का भविष्य उज्जवल हो।

स्किल पासबुक कैचअप प्रोग्राम के तहत चलेगा कार्यक्रम

गुड़गांव. राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक कन्या स्कूल में बच्चों को पढ़ाती अध्यापिका। (फाइल फोटो)

कम्पीटेंसी स्तर

L-2 यानि अपने क्लास के स्तर का छात्र

L- 1- अपनी क्लास से एक कक्षा पीछे की स्थिति का छात्र

L-0 में अपनी क्लास से दो कक्षा पीछे की स्थिति का छात्र

सभी डीईईओ, डीपीसी,डायट व बीईईओ को भेज दी गई है जानकारी

इस साल सभी सरकारी स्कूलों में किताबें समय से पहुंच गई हैं। ऐसे में पहली से पांचवीं के बच्चों को छह सप्ताह तक विशेष रूप से कॉम्पिटेंसी आधारित पढ़ाई कराई जाएगी। इसके लिए सभी डीईईओ, डीपीसी,डायट व बीईईओ को जानकारी दे दी गई है। - ज्योति चौधरी, निदेशक एससीईआरटी, गुड़गांव

प्राइमरी की पढ़ाई के लिए जारी हुआ शेड्यूल

विभाग ने छह सप्ताह तक प्राइमरी स्तर पर पढ़ाई के लिए दिन व समय तय कर दिया है। इसमें पहली से दूसरी तक गणित, अंग्रेजी व हिन्दी पर ध्यान दिया जाएगा। जिसमें सोमवार व मंगलवार को पहला दो घंटा गणित, दूसरे दो घंटे अंग्रेजी की पढ़ाई होगी। तीसरे सेशन में दो घंटे हिन्दी की पढ़ाई होगी। बुधवार व गुरुवार को पहले अंग्रेजी, हिन्दी व गणित की पढ़ाई कराई जाएगी। शुक्रवार व शनिवार को हिंदी, गणित व अंग्रेजी है। दूसरी ओर तीसरी से पांचवी में ईवीएस को शामिल किया गया है।

L-0 छात्रों का अलग से शिक्षा दी जाएगी

तीसरे से पाचवें सप्ताह में बच्चों को कॉम्पि टेंसी के अनुसार पढ़ाया जाएगा। छठवें वीक में आंकलन किया जाएगा कि कितने बच्चे कॉम्पिटेंसी में कितना पारंगत हुए है। मसलन कक्षा तीन के बच्चों को कक्षा दो की विषय वस्तु की जानकारी होनी चाहिए। ऐसे बच्चों को अलग कर उनकी पढ़ाई पर विशेष ध्यान देना होगा। ताकि बच्चों का बेस मजबूत हो।

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