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मेदांता अस्पताल की फार्मेसी का लाइसेंस सात दिन के लिए सस्पेंड किया गया

मेदांता अस्पताल की फार्मेसी के लाइसेंस को ड्रग कंट्रोल ऑफिसर ने सात दिन के लिए सस्पेंड कर दिया है। यह कार्रवाई...

Danik Bhaskar | Apr 06, 2018, 03:15 AM IST
मेदांता अस्पताल की फार्मेसी के लाइसेंस को ड्रग कंट्रोल ऑफिसर ने सात दिन के लिए सस्पेंड कर दिया है। यह कार्रवाई डेंगू पेशेंट से दवाओं का ओवर चार्ज करने और इंस्पेक्शन के दौरान मिली कमियों को लेकर की गई है। ड्रग कंट्रोल ऑफिसर संदीप ने बताया कि इससे पहले अस्पताल प्रबंधन को नोटिस जारी किया था, जिसका जवाब संतोषजनक नहीं देने पर फार्मेसी के लाइसेंस को रद्द करने की कार्रवाई की है। शौर्य प्रताप के डेंगू के इलाज में मेदांता हॉस्पिटल को मेडिकल नेग्लीजेंसी बोर्ड ने द‌वाओं का एमआरपी से ज्यादा चार्ज वसूलने का दोषी पाया था। मामले में शिकायतकर्ता ने आउट ऑफ कोर्ट सेटलमेंट किया, इसके बावजूद भी ड्रग कंट्रोल ऑफिसर संदीप ने अस्पताल के फार्मेसी के लाइसेंस को सात दिन के लिए सस्पेंड किया है। गुड़गांव के बहुचर्चित शौर्य प्रताप के डेंगू केस में शिकायतकर्ता गोपेंद्र सिंह परमार ने मेडिकल नेग्लीजेंसी बोर्ड की रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की है। मेडिकल नेग्लीजेंसी बोर्ड की रिपोर्ट के तहत अस्पताल ने मरीज को चढ़ाए गए ब्लड में हरियाणा स्टेट ब्लड ट्रांसफ्यूजन काउंसिल व सिविल सर्जन की ओर से दिए गए आदेशों का उल्लंघन पाया था। ब्लड का रेट 400 रुपए तय है, उसके लिए मरीज से 1950 रुपए वसूले गए हैं। इसके अलावा कई दवाओं के अलग-अलग ब्रांड के अलग-अलग रेट वसूले गए थे। इंजेक्शन के लिए भी लगभग दोगुने रेट पर बिल में जोड़े गए थे।