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साढ़े 3 घंटे बहस, ज्यूरिडिक्शन का मामला अटका आरोपी अशोक को नहीं मिली बेल

प्रद्युम्न हत्याकांड की सुनवाई गुरुवार को एडिशनल डिस्ट्रिक्ट एंड सेशन जज रजनी यादव की कोर्ट में हुई।

Dainik Bhaskar

Nov 17, 2017, 05:48 AM IST
कोर्ट में प्रद्युम्न के पिता वरुण ठाकुर और उनके वकील सुशील टेकरीवाल मौजूद रहे। कोर्ट में प्रद्युम्न के पिता वरुण ठाकुर और उनके वकील सुशील टेकरीवाल मौजूद रहे।

गुड़गांव. प्रद्युम्न हत्याकांड की सुनवाई गुरुवार को एडिशनल डिस्ट्रिक्ट एंड सेशन्स जज रजनी यादव की कोर्ट में हुई। करीब एक घंटे की सुनवाई के बाद मामले पर बहस के लिए लंच के बाद का वक्त तय हुआ। 2 बजे दोबारा बहस शुरू हुई जो करीब सवा 4 बजे तक चली। सीबीआई, आरोपी अशोक और प्रद्युम्न के वकीलों ने अपनी दलीलें दी। सीबीआई ने कोर्ट में मामले से जुड़े डॉक्युमेंट्स पेश किए। वकीलों की बहस करीब साढ़े तीन घंटे से ऊपर चली, लेकिन अशोक को बेल नहीं मिल सकी। इस बीच सीबीआई ने भी अशोक की जमानत का विरोध किया है।

सीबीआई कोर्ट में हो केस की सुनवाई

- लोअर कोर्ट में सुनवाई के दौरान प्रद्युम्न के वकील सुशील टेकरीवाल ने कहा कि इस केस की सुनवाई पंचकूला की सीबीआई कोर्ट में होनी चाहिए। इस पर सीबीआई के वकील ने कहा कि उन्हें सरकार की ओर से नोटिफिकेशन है कि वे कहीं भी केस का ट्रायल करा सकते हैं।

- अशोक के वकील मोहित वर्मा ने कहा कि मामले में दोनों पक्षों ने दलील दी। अगली सुनवाई में सीबीआई कागजात पेश करेगी। इन सब दलीलों के बीच आरोपी कंडक्टर अशोक की बेल का मामला अटक गया। अब अशोक की बेल पिटीशन पर सुनवाई 20 नवंबर को होना तय की गई है।

जमानत मिलने पर सबूत मिटा सकता है अशोक : प्रद्युम्न के वकील

- कोर्ट में प्रद्युम्न के पिता वरुण ठाकुर और उनके वकील सुशील टेकरीवाल मौजूद रहे।
- सुशील ने कोर्ट से कहा कि आरोपी अशोक को राहत नहीं मिलनी चाहिए। सीबीआई ने उसे क्लीन चिट नहीं दी है। अभी कई और सबूत सामने सकते हैं। अशोक को बेल नहीं दी जानी चाहिए। आरोपी बाहर जाकर सबूत मिटा सकता है।

सीबीआई ने अशोक की जमानत याचिका का विरोध किया

- गुरुवार को सीबीआई ने हरियाणा पुलिस द्वारा गिरफ्तार बस कंडक्टर अशोक कुमार की जमानत याचिका का विरोध किया।
- सीबीआई ने कंडक्टर के बारे में जानकारी हासिल करने के लिए और वक्त मांगा है। सीबीआई ने कोर्ट से कहा कि अशोक और स्कूल के माली ने दावा किया था कि हरियाणा पुलिस ने उन्हें हिरासत में लिया था और अपराध पर वर्जन देने के लिए उन्हें मजबूर किया गया।
- इससे पहले गुरुग्राम सेशन्स कोर्ट ने सीबीआई से अशोक की गिरफ्तारी के आधार के बारे में डिटेल जवाब मांगा था, लेकिन जांच एजेंसी ऐसा नहीं कर सकी।

- सीबीआई ने कोर्ट को बताया कि अब तक की जांच में अशोक के खिलाफ कोई ठोस सबूत नहीं मिले हैं। मामले की जांच चल रही है और अभी चार्जशीट पेश नहीं की गई है। इसलिए अशोक को क्लीन चिट नहीं दी जा सकती।

कोर्ट ने वारदात वाली जगह के फुटेज देखे, प्रद्युम्न, अशोक और आरोपी स्टूडेंट टॉयलेट की तरफ जाते दिखे

- कोर्ट ने सीबीआई द्वारा पेश की गई वारदात वाली जगह की सीसीटीवी फुटेज देखी।

- अशोक के वकील मोहित ने बताया कि फुटेज में टॉयलेट की ओर पहले प्रद्युम्न, इसके पीछे अशोक और आखिर में 11वीं का आरोपी स्टूडेंट जाते दिखा। फुटेज को तीन चार बार देखकर मौके के हालत को जानने की कोशिश की गई।

- मोहित ने कोर्ट से रिक्वेस्ट की कि सीबीआई प्रद्युम्न की हत्या के मामले की जांच कर रही है। एजेंसी ने उसी स्कूल के 11वीं के स्टूडेंट को आरोपी बनाया है। लिहाजा, अशोक को इस मामले में जमानत दी जाए।


यह है मामला

- बता दें कि 8 सितंबर को रेयान स्कूल के दूसरी क्लास के स्टूडेंट प्रद्युम्न की स्कूल कैम्पस में ही गला रेतकर हत्या की गई थी।
- मामले में गुड़गांव पुलिस ने स्कूल बस कंडक्टर अशोक को गिरफ्तार किया था। बाद में मामले ने तूल पकड़ा तो सरकार ने सीबीआई को जांच सौंपी।
- सीबीआई ने इस मामले में 8 नवंबर को खुलासा करते हुए स्कूल के ही 11th क्लास के स्टूडेंट को आरोपी बनाया है।

आरोपी कंडक्टर अशोक के वकील मोहित वर्मा ने कोर्ट से बेल की मांग की। आरोपी कंडक्टर अशोक के वकील मोहित वर्मा ने कोर्ट से बेल की मांग की।
सीबीआई ने अशोक अशोक को आरोपी नहीं माना है, क्योंकि एजेंसी ने उसी स्कूल के 11वीं के छात्र को आरोपी बनाया है। - फाइल सीबीआई ने अशोक अशोक को आरोपी नहीं माना है, क्योंकि एजेंसी ने उसी स्कूल के 11वीं के छात्र को आरोपी बनाया है। - फाइल
प्रद्युम्न की स्कूल कैम्पस में ही गला रेतकर हत्या की गई थी। - फाइल प्रद्युम्न की स्कूल कैम्पस में ही गला रेतकर हत्या की गई थी। - फाइल
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कोर्ट में प्रद्युम्न के पिता वरुण ठाकुर और उनके वकील सुशील टेकरीवाल मौजूद रहे।कोर्ट में प्रद्युम्न के पिता वरुण ठाकुर और उनके वकील सुशील टेकरीवाल मौजूद रहे।
आरोपी कंडक्टर अशोक के वकील मोहित वर्मा ने कोर्ट से बेल की मांग की।आरोपी कंडक्टर अशोक के वकील मोहित वर्मा ने कोर्ट से बेल की मांग की।
सीबीआई ने अशोक अशोक को आरोपी नहीं माना है, क्योंकि एजेंसी ने उसी स्कूल के 11वीं के छात्र को आरोपी बनाया है। - फाइलसीबीआई ने अशोक अशोक को आरोपी नहीं माना है, क्योंकि एजेंसी ने उसी स्कूल के 11वीं के छात्र को आरोपी बनाया है। - फाइल
प्रद्युम्न की स्कूल कैम्पस में ही गला रेतकर हत्या की गई थी। - फाइलप्रद्युम्न की स्कूल कैम्पस में ही गला रेतकर हत्या की गई थी। - फाइल
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