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सिजेरियन स्कार एटॉपिक प्रेग्नेंसी से डॉक्टर्स ने महिला की जान बचाई

शहर के एक प्राइवेट अस्पताल में सिजेरियन स्कार एटॉपिक प्रेग्नेंसी के चलते डॉक्टरों ने महिला का इलाज कर उसकी जान...

Danik Bhaskar | Sep 13, 2018, 02:01 AM IST
शहर के एक प्राइवेट अस्पताल में सिजेरियन स्कार एटॉपिक प्रेग्नेंसी के चलते डॉक्टरों ने महिला का इलाज कर उसकी जान बचाई। ऐसी परेशानी करीब 2500 महिलाओं में से एक को होती है। गर्भावस्था के दौरान होने वाली इस समस्या के कारण मां और बच्चे दोनों की जान भी जा सकती है। निजी अस्पताल की गायनाकोलॉजी विभाग की प्रमुख प्रोफेसर अल्का कृपलानी ने बताया कि स्कार एटॉपिक प्रेग्नेंसी अक्सर सिजेरियन डिलिवरी के बाद होती है। एक आंकड़े के अनुसार कुल आबादी के 6 प्रतिशत मामलों में ये पाया गया है। यह गर्भावस्था की एक जटिल प्रक्रिया है, जिसमें बच्चा बच्चेदानी में न ठहरकर स्कार में पनपने लगता है। मां के लिए ये कष्टकारक होता है। इस केस में भी महिला को गर्भावस्था के समय से ही लगातार ब्लीडिंग हो रही थी। इससे कोमा में जाने का खतरा था। इलाज आधुनिक लैप्रोस्कोपिक तकनीक से किया गया। इसमें छोटे कैमरे की सहायता से शरीर के अंदर का हिस्सा देखा गया और इलाज किया गया। महिला का एक वेस्कुलर मास यूटरिन स्कार बाएं हिस्से में पाया गया। जो बाएं यूरेटस तक बढ़ रहा था, जिससे महिला को दर्द होता था। मूल रूप से हरियाणा की रहने वाली सुमन ने बताया कि जब उन्हें प्रेग्नेंसी हुई उस समय वे चाइना में थीं। लगातार ब्लीडिंग होने के कारण उन्होंने वहीं पर अल्ट्रासाउंड कराया तो बीमारी का पता चला। वहां भाषा समझने में उन्हें काफी परेशानी हुई तो गुड़गांव आकर इलाज कराया। अब वे पूरी तरह से स्वस्थ हैं।

गुड़गांव. पत्रकारों से बातचीत करते अस्पताल के चिकित्सक।