Hindi News »Haryana »Gurgaon» Dronacharya Award Honored With Sunil Dabas

स्पोर्ट्स सूट में देख गांव वाले मारते थे ताने, मां बोली- खेल पर ध्यान दो, बनी देश की पहली कबड्‌डी कोच

सुनील डबास हरियाणा की पहली महिला खिलाड़ी है, जिनका नाम इस किताब में दर्ज है। साल 2018 में फर्स्ट लेडी एवार्ड भी मिला।

Bhaskar News | Last Modified - May 13, 2018, 10:39 AM IST

  • स्पोर्ट्स सूट में देख गांव वाले मारते थे ताने, मां बोली- खेल पर ध्यान दो, बनी देश की पहली कबड्‌डी कोच
    +1और स्लाइड देखें
    Dronacharya award honored with Sunil Dabas

    गुड़गांव.देश की पहली महिला कबड्‌डी कोच सुनील डबास ने कहा कि जब स्पोर्ट्स सूट पहनकर गांव में कबड्‌डी खेलने जाती थी तो लोग मां को ताने मारते थे। तब मां कहती थी कि बेटी इनकी बातों पर ध्यान न देकर खेल में ध्यान दो। मां की बदौलत सुनील ने खेल में गांव, प्रदेश और देश का नाम रोशन किया। मां ने उनके आगे बढ़ने में सहयोग दिया...

    पद्मश्री अवार्ड व द्रोणाचार्य अवार्ड से सम्मानित सुनील डबास ने कहा कि मां सावित्री देवी के कारण आज इस मुकाम पर पहुंची है। उन्होंने कहा कि गांव में लड़की स्पोर्ट्स शूट पहने यह कोई पंसद नहीं करता था। फिर भी मां ने लोगों को ताने को नजर अंदाज कर उनके साथ तीनों बहनों को खेलने के लिए भेजा करती थी। मां ने उनके आगे बढ़ाने में पूरा सहयोग दिया।

    सुनील ने बताया कि कबड्डी का शौक होने की वजह से किसी तरह चुपके से स्कूल के मैदान में जाकर प्रैक्टिस करती थी। घर से बाहर कॉलेज पढ़ने गई, तो अपनी जरूरतेंं पूरी करने के लिए ज्यादा से ज्यादा खेल में हिस्सा लेती थी ताकि जीतने पर कुछ ईनामी रकम मिले। उससे अपनी जरूरते पूरी कर सकूं। इंटर यूनिवर्सिटी से गोल्ड मेडल जीतना शुरू किया। फिर राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर जीत का सिलसिला जारी रहा। उनकी कामयाबी के पीछे मां सावित्री ने हर समय साथ दिया।

    लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड में नाम दर्ज

    किसान की बेटी सुनील डबास का नाम लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड में दर्ज किया गया है। पेज नंबर 346 में उन्हें एशिया के अग्रणी कबड्डी कोच के रूप में प्रकाशित किया गया है। बुक ऑफ रिकॉर्ड के मुताबिक, यह एक मात्र ऐसी महिला खिलाड़ी है, जिन्हें दो अग्रणी अवार्ड पद्मश्री (2014) और द्रोणाचार्य अवार्ड (2012) मिला है। सुनील डबास हरियाणा की पहली महिला खिलाड़ी है, जिनका नाम इस किताब में दर्ज है। साल 2018 में फर्स्ट लेडी एवार्ड भी मिला।

    उपलब्धि

    वर्ष-2014- पद्मश्री अवार्ड
    वर्ष -2014- स्पोर्ट्र्स वूमेन अचीवर अवार्ड (हरियाणा)
    वर्ष -2012- द्रोणाचार्य अवार्ड
    वर्ष -2013- चौथे एशियन इंडोर एंड मार्शल आर्ट गेम्स, कोरिया में गोल्ड
    वर्ष -2012- प्रथम वूमेन कबड्डी वर्ल्ड कप में गोल्ड
    वर्ष -2010- चीन के 16वें एशियन गेम्स में गोल्ड
    वर्ष -2010- 11वें साउथ एशियन गेम्स में गोल्ड

  • स्पोर्ट्स सूट में देख गांव वाले मारते थे ताने, मां बोली- खेल पर ध्यान दो, बनी देश की पहली कबड्‌डी कोच
    +1और स्लाइड देखें
    राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने पद्मश्री अवार्ड से सम्मानित किया।
Topics:
आगे की स्लाइड्स देखने के लिए क्लिक करें
दैनिक भास्कर पर Hindi News पढ़िए और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट | अब पाइए News in Hindi, Breaking News सबसे पहले दैनिक भास्कर पर |

More From Gurgaon

    Trending

    Live Hindi News

    0

    कुछ ख़बरें रच देती हैं इतिहास। ऐसी खबरों को सबसे पहले जानने के लिए
    Allow पर क्लिक करें।

    ×