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स्कूल प्रबंधकों ने की शिकायत-गलत दस्तावेज के आधार पर अभिभावक करवा रहे हैं दाखिला

जिला के डीसी विनय प्रताप सिंह ने कहा कि निजी विद्यालयों को हरियाणा विद्यालय शिक्षा अधिनियम-2003 के नियम 134ए के तहत...

Danik Bhaskar | May 25, 2018, 02:00 AM IST
जिला के डीसी विनय प्रताप सिंह ने कहा कि निजी विद्यालयों को हरियाणा विद्यालय शिक्षा अधिनियम-2003 के नियम 134ए के तहत गरीब बच्चों को अपने विद्यालयों में दाखिला देना अनिवार्य है। लघु सचिवालय में विभिन्न निजी स्कूलों के प्राचार्यों के साथ बैठक में डीसी ने कहा कि यदि विद्यालय प्रबंधन को लगता है कि इस नियम को लेकर लोगों द्वारा फर्जीवाड़ा कर अपने बच्चों का एडमिशन करवाया जा रहा है तो वे इसकी शिकायत 31 मई तक प्रमाण के साथ शिक्षा विभाग में दे सकते हैं।

बैठक में निजी विद्यालयों के प्रमुखों ने डीसी को बताया कि कुछ अभिभावकों द्वारा गलत दस्तावेज के आधार पर दाखिला करवाया जा रहा है। इस पर उपायुक्त ने कहा कि जिस पर उन्हें इस प्रकार का शक है, उसके बारे में 31 मई तक जिला शिक्षा अधिकारी को प्रमाण सहित शिकायत दे सकते हैं। जिला प्रशासन द्वारा ऐसे मामलों की वेरिफिकेशन उससे अगले 15 दिनों के भीतर करवाई जाएगी और फर्जीवाड़ा पाए जाने की स्थिति में संबंधित व्यक्ति के खिलाफ सख्त कानूनी कार्यवाही होगी। डीसी ने कहा कि निजी विद्यालयों को हरियाणा विद्यालय शिक्षा अधिनियम-2003 के नियम 134ए के तहत गरीब परिवारों के बच्चों को एडमिशन देना अनिवार्य है। नियमानुसार स्कूल को 10 प्रतिशत गरीब परिवारों के बच्चों को एडमिशन देने का प्रावधान है ताकि गरीब प्रतिभाशाली और मेधावी बच्चे भी निजी स्कूलों में अन्य विद्यार्थियों की तरह शिक्षा प्राप्त कर सकें। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन कतई इस हक में नही है कि लोग फर्जीवाड़ा कर (इकनॉमिक वीकर सेक्शन) ईडब्ल्यूएस कैटेगरी में अपने बच्चों का एडमिशन करवाएं, लेकिन पात्र बच्चों को निजी विद्यालयों में शिक्षा पाने का अधिकार है। डीसी ने कहा कि ऐसे मामलों की 15 दिन के भीतर जांच कर वेरिफिकेशन करवाई जाएगी और यदि जांच के दौरान ऐसा कोई मामला सामने आता भी है तो संबंधित व्यक्ति के खिलाफ मामला दर्ज कर कड़ी कार्यवाही की जाएगी।

गुड़गांव. लघु सचिवाल में 134 ए नियम के तहत निजी स्कूलों के प्रिंसिपलों की बैठक लेते जिला उपायुक्त विनय प्रताप सिंह।

उन्होंने शिक्षा विभाग द्वारा निर्धन व साधनहीन परिवारों के 302 बच्चों के नाम निजी स्कूलों में दाखिले संस्तुति किए गए थे, जिनमें से अब तक 200 बच्चों को विभिन्न स्कूलों को दाखिला दिया जा चुका है। कि नियमानुसार यदि किसी विद्यार्थी के परिवार की आय 2 लाख रुपए प्रतिवर्ष से कम है तो वह अपने नजदीकी निजी प्राइवेट स्कूल में दाखिला लेने का हकदार है। डीसी ने खंड मौलिक शिक्षा अधिकारी सुशील से कहा कि नियम 134ए के तहत जो भी आपत्तियां निजी स्कूलों द्वारा दी गई है उनकी छानबीन कर सूची तैयार करें। उन्होंने तहसीलदारों को पत्र लिखकर निर्देश दिए कि वे स्कूलों द्वारा दर्ज की गई आपत्तियों की रिपोर्ट एक सप्ताह के भीतर दें।

अब तक 200 बच्चों का हो चुका है दाखिला