• Home
  • Haryana News
  • Gurgaon
  • फीडबैक के आधार पर तय होगी सिविल अस्पतालों की गुणवत्ता रैंकिंग
--Advertisement--

फीडबैक के आधार पर तय होगी सिविल अस्पतालों की गुणवत्ता रैंकिंग

प्रदेश के सरकारी अस्पतालों की गुणवत्ता कैसी है इसे लेकर नीति आयोग ने फीडबैक के आधार पर रैंकिंग तैयार करने का आदेश...

Danik Bhaskar | Jun 01, 2018, 02:00 AM IST
प्रदेश के सरकारी अस्पतालों की गुणवत्ता कैसी है इसे लेकर नीति आयोग ने फीडबैक के आधार पर रैंकिंग तैयार करने का आदेश दिया है। इतना ही नहीं अस्पतालों में मरीजों की संतुष्टि दर से लेकर चिकित्सकों द्वारा एक मरीज पर दिए जा रहे समय, अस्पतालों में साफ-सफाई सहित कई बिंदुओं पर इसका मूल्यांकन करने का आदेश दिया है। सभी की रिपोर्ट लेकर उसे केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय को भेजी जाएगी, जिसके बाद कौन सा अस्पताल किस स्तर का है, उसकी रैंकिंग निर्धारित होगी। केंद्र व प्रदेश सरकार की ओर से स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर करने व मरीजों को गुणवत्तापरक इलाज को लेकर बुनियादी स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने की कोशिश की जा रही है।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने प्रदेश के सभी नागरिक अस्पतालों की गुणवत्ता जांच करने के आदेश दिए हैं। गुणवत्ता जांच में अस्पतालों की साफ-सफाई, हाइजीन, संसाधनों की उपलब्धता से लेकर नर्स व चिकित्सकों आदि के व्यवहार आदि को शामिल किया जाएगा। निर्देश में ये भी कहा गया है कि अस्पताल में मरीज के साथ केवल एक या दो परिजनों को एंट्री दी जाए, ताकि ऑपरेशन थिएटर से लेकर निक्कू व गायनी वार्ड में होने वाले संक्रमण को रोका जा सके।

अस्पताल आने वाले मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं देना उद्देश्य

मरीज के साथ एक या दो अटेंडरों को ही मिलेगी अंदर आने की अनुमति

गुड़गांव. नागरिक अस्पताल। (फाइल फोटो)

मरीजों द्वारा दर्ज कराने वाले 20% मोबाइल नंबर गलत

सिविल अस्पताल में प्रतिमाह आने वाले कुल मरीजों में से 20 फीसदी मरीजों के मोबाइल नंबर गलत पाए जा रहे हैं। इससे 100 प्रतिशत फीडबैक मिलने पर दिक्कतें आ रही हैं। अधिकारियों की मानें तो ये तथ्य 6585 मरीजों के मोबाइल नंबर जांचने के बाद सामने आए हैं।


रैंकिंग के आधार पर तय होंगे मानक : अधिकारियों के अनुसार अस्पताल की रैंकिंग के आधार पर ये तय हो सकेगा कि कौन से जिले का अस्पताल कितना बेहतर है और कौन सा अस्पताल सबसे बदहाल। रैंकिंग को लेकर गुड़गांव के नागरिक अस्पताल को प्रथम सम्मान मिला था, जिसके बाद सम्मान के तौर पर अस्पताल को पुरस्कार भी दिए गए थे।