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खेल महाकुंभ के विजेता खिलाड़ियों को 9 माह बाद भी पुरस्कार राशि का इंतजार

खेल महाकुंभ खत्म हुए नौ महीने हो चुके हैं, लेकिन अब तक खिलाड़ियों को पुरस्कार राशि का इंतजार है। अक्टूबर-नवंबर में...

Danik Bhaskar | Jun 15, 2018, 02:00 AM IST
खेल महाकुंभ खत्म हुए नौ महीने हो चुके हैं, लेकिन अब तक खिलाड़ियों को पुरस्कार राशि का इंतजार है। अक्टूबर-नवंबर में सभी जिलों में खेल-महाकुंभ का आयोजन किया गया था। जिला स्तरीय और प्रदेश स्तरीय प्रतियोगिताओं में विजेता रहे खिलाड़ियों को पुरस्कार राशि अभी तक नहीं दी गई है। हालांकि खेल विभाग के अधिकारी अपने स्तर पर यह कहकर पल्ला झाड़ रहे हैं कि खिलाड़ियों के खाते में सीधे राशि आनी है, लेकिन आईएफएससी कोड व खाते नहीं होने से यह राशि नहीं मिली है। इससे पहले वर्ष 2016 में हुए एक करोड़ के दंगल में भी पहलवानों को इनाम राशि के लिए काफी चक्कर लगाने पड़े थे। वहीं अब खेल विभाग के ज्वाइंट डायरेक्टर ने इस बारे में रिपोर्ट मांगी है। गत वर्ष अक्टूबर महीने में खेल महाकुंभ में तीरंदाजी, एथलेटिक्स, बैडमिंटन, बॉक्सिंग, बास्केटबॉल, तलवारबाजी, फुटबॉल, जिम्नास्टिक, हैड बॉल, हॉकी, जूडो, स्विमिंग, कबड्डी, शूटिंग, टेबल टेनिस, ताइक्वांडो, टेनिस, वॉलीबॉल सहित कुल 22 खेलों का आयोजन किया गया था। इसमें जिला स्तर पर गुड़गांव के पांच हजार से अधिक खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया था।

इतनी तय थी जिला स्तर की पुरस्कार राशि

जिला स्तर के खेलों में पहले स्थान के व्यक्तिगत खिलाड़ी को 2 हजार रुपए और टीम इवेंट के प्रथम स्थान पर आने वाले प्रत्येक खिलाड़ी को 1500 रुपए, दूसरा स्थान आने पर व्यक्तिगत वर्ग के खिलाड़ी को 1500 रुपए, टीम वर्ग के प्रत्येक खिलाड़ी को एक हजार रुपए, जबकि वहीं तीसरा स्थान आने पर व्यक्तिगत खिलाड़ी को एक हजार रुपए और टीम वर्ग के प्रत्येक खिलाड़ी को 750 रुपए पुरस्कार राशि तय की गई थी।

2000 खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया था

खेल विभाग से मिली जानकारी के अनुसार अक्टूबर 2017 में विभिन्न खेलों की प्रतियोगिता कराई थी। इसमें गुड़गांव के दो हजार खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया था। इसमें प्रथम और द्वितीय विजेता खिलाड़ियों को 1500 से 2000 रुपए तक मिलने थे। मगर 500 से अधिक खिलाड़ियों को विभाग ने नौ माह से अधिक समय बाद भी पुरस्कार नहीं दिया है।