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डिविजनल कमिश्नर ने एसडीएम से मांगी रिपोर्ट

गैरतपुर बास और रायसीना गांव की लगभग 65 एकड़ पंचायती जमीन पर बिल्डरों द्वारा अवैध कब्जा करने और इसे बेचने के मामले की...

Danik Bhaskar | Jun 17, 2018, 02:00 AM IST
गैरतपुर बास और रायसीना गांव की लगभग 65 एकड़ पंचायती जमीन पर बिल्डरों द्वारा अवैध कब्जा करने और इसे बेचने के मामले की सुनवाई करते हुए डिविजनल कमिश्नर डी सुरेश ने सोहना के एसडीएम को दोनों पक्षों के रिकॉर्ड की जांच करने का आदेश दिया है। उन्होंने एसडीएम को कहा कि इस मामले में जमीन की खरीद-फरोख्त संबंधी पूरी जानकारी उपलब्ध कराएं। इस मामले में शुक्रवार को जिले के अधिकारियों की टीम डिविजनल कमिश्नर के दरबार में हाजिर हुए। इस संबंध में लगभग एक सप्ताह पूर्व गुड़गांव निवासी आरएल नरूला ने डिविजनल कमिश्नर से शिकायत की थी। डिविजनल कमिश्नर ने सुनवाई के लिए 15 जून की तारीख निर्धारित की थी। बैठक में संबंधित अधिकारियों में डीआरओ गुड़गांव, एसडीएम सोहना, डीडीपीओ गुड़गांव, तहसीलदार सोहना और संबंधित गांव की जमीन की देखरेख करने वाले पटवारी भी तलब किए गए थे। शिकायतकर्ता रामलाल नरूला भी मौजूद रहे। साथ ही कई फार्म हाउस मालिक एवं जमीन मालिक पक्ष रखने पहुंचे थे।

कमिश्नर ने पूछे ये सवाल

लगभग 100 करोड़ की कीमत की जमीन पर अवैध कब्जे के मामले में डिविजनल कमिश्नर ने मौजूद अधिकारियों से पूछा कि दिल्ली टावर्स एंड आदर्श कंपनी जो अंसल बंधुओं की है, की कुल कितनी जमीन थी? उन्होंने कुल कितनी जमीन बेची? क्या उक्त कंपनी द्वारा बेची गई जमीन रायसीना गांव की सीमा में है या फिर गांव गैरतपुर बास की सीमा में भी अतिक्रमण किया है? अगर पंचायती जमीन है तो इस पर अवैध कब्जा और अवैध निर्माण को अभी क्यों नहीं रोका गया? उन्होंने अधिकारियों से इन सवालों के जवाब मांगे और निर्देश दिया कि दोनों गांवों की जमीनों के रिकॉर्ड एवं उक्त कंपनी के रिकॉर्ड को खंगालकर इसकी रिपोर्ट अगली बैठक में प्रस्तुत करें।