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गवर्नमेंट स्कूल सुविधानुसार लागू कर सकेंगे इंग्लिश सिलेबस

जिले के गवर्नमेंट स्कूल अपनी सुविधानुसार स्कूल में इंग्लिश का सिलेबस लागू कर सकेंगे। इसके लिए उन्हें शिक्षा...

Bhaskar News Network | Last Modified - May 24, 2018, 02:00 AM IST

जिले के गवर्नमेंट स्कूल अपनी सुविधानुसार स्कूल में इंग्लिश का सिलेबस लागू कर सकेंगे। इसके लिए उन्हें शिक्षा निदेशालय में पहले सूची भेजनी होगी कि वह किन विषयों को अंग्रेजी में पढ़ाना चाहते हैं। इसके बाद निदेशालय उन विषयों की किताबें इंग्लिश में पब्लिश कराकर भेजेगा।

गवर्नमेंट स्कूलों में पढ़ाई के गिरते स्तर को उठाने के लिए शिक्षा निदेशालय ने कुछ विषयों को इंग्लिश में पढ़ाने की योजना बनाई है। जिससे गवर्नमेंट स्कूलों के स्टूडेंट्स को कालेज में पहुंचकर कोई परेशानी न हो। इस योजना के तहत पहले चरण में नौवीं कक्षा में सांइस और गणित को अंग्रेजी में पढ़ाया जाएगा। पहले चरण में इस योजना के लिए गुड़गांव औैर फरीदाबाद के 110 स्कूलों का चयन किया गया है। वहीं जिन स्कूलों में स्टाफ पूरा होगा। उन स्कूलों में साइंस और गणित इंग्लिश में होंगे।

खुद भी लागू कर सकेंगे इंग्लिश में सिलेबस

शिक्षा निदेशालय की ओर से जारी निर्देश के अनुसार स्कूल अगर अपने स्टूडेंट्स को इंग्लिश में किताबें पढ़ाना चाहते हैं तो इसके लिए उन्हें किसी से अनुमति लेने की जरूरत नहीं होगी। वह उन विषयों की सूची बनाकर शिक्षा विभाग में भेजेंगे। शिक्षा विभाग निदेशालय से इंग्लिश में उन किताबों को पब्लिश कराकर स्कूलों को सौंप देगा।

पहले ही 20 गवर्नमेंट स्कूल पढ़ा रहे हैं

शिक्षा विभाग के अनुसार निदेशालय का निर्देश जारी होने से पहले ही 20 गवर्नममेंट स्कूल इंग्लिश में कुछ विषयों को पढ़ा रहे हैं। स्कूलों का उद्देश्य स्टूडेंट्स के भीतर से इंग्लिश को लेकर बनी हुई हिचकिचाहट को निकालना है। ताकि वे सीबीएसई स्टूडेंट्स के बराबरी कर सकें। हर साल बोर्ड परीक्षा परिणाम में इंग्लिश विषय में गवर्नमेंट स्कूलों के सबसे अधिक स्टूडेंट्स फेल होते हैं।

कोई भी स्कूल अपनी सुविधानुसार इंग्लिश में पढ़ाए जाने वाले विषयों की सूची शिक्षा विभाग को सौंप सकता है। उनकी मांग के अनुसार किताबें उपलब्ध करा दी जाएंगी। -सतेंद्र कौर, जिला शिक्षा अधिकारी

गवर्नमेंट स्कूल सीबीएसई स्टूडेंट्स को टक्कर दें, इसलिए यह निर्णय लिया गया है। नौवीं में गणित, साइंस और इंग्लिश में कराने को पहले की आदेश हैं। -प्रमोद कुमार, इंचार्ज, एकेडमिक सेल, शिक्षा निदेशालय

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