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20 दिन में 770 में से 380 बच्चों को ही मिला दाखिला

134 ए के तहत आर्थिक रूप से गरीब बच्चों का दाखिला निजी स्कूलों में नहीं हो पा रहा है। इसे लेकर जिला प्रशासन भी गंभीर...

Danik Bhaskar | May 08, 2018, 02:05 AM IST
134 ए के तहत आर्थिक रूप से गरीब बच्चों का दाखिला निजी स्कूलों में नहीं हो पा रहा है। इसे लेकर जिला प्रशासन भी गंभीर नहीं है। जिला प्रशासन ने अभिभावकों को सात मई तक बच्चों के दाखिला दिलाने के लिए कहा था। इस दौरान गुड़गांव जिले में 770 में मात्र 380 बच्चों को ही दाखिला मिल पाया है। सोमवार को अभिभावक डीईईओ से मिले। जिस पर उन्हें दो दिन में दाखिला कराने की बात कहीं। अब बच्चों के साथ सरकारी स्कूल के प्रिंसिपल दाखिला दिलाने जाएंगे। बीईईओ सुशील कुमार ने बताया कि ब्लॉक में अभी 100 बच्चों की कक्षा दूसरी से आठवीं तक दाखिला मिल सका है। उन्होंने बताया कि शेष बच्चों का जल्द ही दाखिला कराया जाएगा। उन्होंने बताया कि जिन स्कूलों ने दाखिल से इंकार किया है, इसकी जानकारी एडीसी को दी गई है। दूसरी अाेर नाैवीं से 12 वीं कक्षा में करीब 16 बच्चाें काे दाखिला मिल चुका है। दूसरी ओर अभिभावक एकता मंच के प्रधान रामफल के साथ कुछ अभिभावक डीईईओ रविन्द्र कुमार से मिले। अभिभावकों ने बच्चों के दाखिला न मिलने की बात दोहराई। रामफल ने बताया कि डीसी ने सात मई तक बच्चों के दाखिला कराने को कहा था लेकिन अभी तक नहीं हो सका है। इससे बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। दूसरी ओर अभिभावक भी बच्चों के भविष्य को लेकर चितिंत है।

एक स्कूल को नोटिस

बीईओ गुड़गांव कैप्टन इंदू बोकन ने बताया कि एसएन सिद्देश्वर स्कूल सेक्टर 9 में तीन बच्चों को नौवीं से 12वीं कक्षा में दाखिला होना है। उन्होंने बताया कि स्कूल पैरेंट्स को परेशान कर रहा है। स्कूल की ओर से अभिभावकों को बीईओ आफिस से लिस्ट लेकर आने के लिए कहा जा है। जिस पर बीईओ ने खुद प्रिंसिपल से बात की लेकिन प्रिंसिपल ने दाखिला नहीं दिया। बच्चों के अभिभावकों को लिस्ट लाने के लिए परेशान किया जा रहा है जबकि बीईओ आफिस से तीनों बच्चों की सूचना भेजी जा चुकी है। मामले को गंभीरता से लेते हुए बीईओ ने स्कूल को नोटिस देकर जवाब तलब किया है।

एक बच्चे का दाखिला नौवीं कक्षा में सेक्टर नौ स्थित एक निजी स्कूल में होना है। जब बच्चे का भाई बुलेट लेकर स्कूल में दाखिला कराने चला गया तो स्कूल ने उसकी आय पर एतराज जताया है। स्कूल का कहना है कि बच्चे के पैरेंट्स सवा लाख की बाइक से चलते है और जमीन है। ऐसे में यह गरीब श्रेणी में नहीं आते। दूसरी ओर ऐसे अभिभावक को तहसीलदार की ओर से आर्थिक रुप से गरीब होने का प्रमाण पत्र मिला है। ऐसे ही कई स्कूलों ने अभिभावकों के आय पर सवाल उठाया है। इस पर विभाग ने सभी स्कूलों से कहा कि इसकी जांच कराना विभागीय कार्य है। निजी स्कूल बच्चों को दाखिला दे।

मिशन एडमिशन

134 ए के तहत निजी स्कूलों में एडमिशन के लिए चयनित छात्र अभी भी भटक रहे हैं, अब दाखिले को सरकारी स्कूलों के प्रिंसिपल जाएंगे बच्चों के साथ

गुड़गांव. 134ए के तहत बच्चे के दाखिले के लिए इंतजार करते अभिभावक।