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अब तो जागो जनप्रतिनिधि! मिलेनियम से मटियामेट हुई जा रही आपकी सिटी

वैसे तो पूरे प्रदेश में स्थानीय शहरी निकाय विभाग के कर्मचारी हड़ताल पर हैं। हड़ताल के कारण सभी शहरों की स्थिति बिगड़...

Dainik Bhaskar

May 23, 2018, 02:05 AM IST
अब तो जागो जनप्रतिनिधि! मिलेनियम से मटियामेट हुई जा रही आपकी सिटी
वैसे तो पूरे प्रदेश में स्थानीय शहरी निकाय विभाग के कर्मचारी हड़ताल पर हैं। हड़ताल के कारण सभी शहरों की स्थिति बिगड़ रही है। मगर, गुड़गांव की स्थिति अधिक बदतर होती जा रही है। वह भी केवल 2200 कर्मचारियों की हड़ताल से। कर्मचारियों के हठ के आगे प्रशासन बौना साबित हो रहा है। हड़तालियों के विरोध को देखते हुए मंगलवार को पुलिस सहायता ली गई, फिर भी कूड़ा उठवाने में सफल नहीं हो पाए अधिकारी।

हड़तालियों के आगे बोना साबित हो रहा पूरा तंत्र

बीते 9 मई से चल रही इस हड़ताल में कर्मचारियों को भले ही कुछ मिले या ना मिले, निजी एजेंसियां चांदी कूंट रही है। नगर निगम क्षेत्र में नियमित और निगम के पे रोल पर नियुक्त 2200 कर्मचारी पूरी तरह से हड़ताल पर हैं। सरकार की तरफ से कोई सकारात्मक संकेत नहीं मिलने से वे अब आरपार की लड़ाई लड़ रहे हैं। दूसरी तरफ, निजी एजेंसियों के कुल 1963 कर्मी तैनात हैं, जिसके लिए एजेंसियां बिल बना रही हैं। इसके अलावा प्रतिदिन 40-50 ट्रैक्टर ट्रॉली के भी बिल बन रहे हैं। ऊपर से ईको ग्रीन एजेंसी डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन के लिए प्रतिदिन 9 से 10 लाख रुपए का बिल बना रही है, इसके बावजूद जगह-जगह कूड़े के ढेर से मिलेनियम सिटी मटियामेट शहर बन गया है। शहर से कूड़ा उठ नहीं रहा और बिल जमकर बन रह है। इन हड़ताली कर्मियों के आगे पूरा तंत्र विफल साबित हो रहा है। खत्तों से कूड़ा उठाने वाली जेसीबी मशीन और डंपर भी गायब हैं। खत्तों पर ऐसा जाहिर हो रहा है जैसे आस-पास के शहरों से भी कूड़ा गुड़गांव आ रहा है।

इधर, सोहना में भी सफाई व्यवस्था चरमराई

सोहना कस्बे में सफाई व्यवस्था चौपट है। सफाईकर्मियों के दो सप्ताह से हड़ताल पर होने के कारण कस्बे में गंदगी के ढेर लगे हैं। अधिकारियों ने सरकार द्वारा एस्मा लगाने के बावजूद आंदोलनरत कर्मचारियों पर कार्रवाई नहीं की। कस्बे के बाजारों में भी बुरा हाल है। लोग गंदगी होने के कारण बाजार नहीं जा रहे हैं। सोहना नगरपरिषद के कार्यकारी अधिकारी विजय कुमार पोसवाल ने कहा कि सफाई कर्मचारियों व ठेकेदार को नोटिस दिया है। सफाई का काम जल्द शुरू नहीं करने पर उनके खिलाफ आपराधिक केस दर्ज कराया जाएगा।

‘आप’ ने की फजीहत, कूड़े के ढेर में लगाए जनप्रतिनिधियों के होर्डिंग्स

मंगलवार को आप नेता महेश यादव की टीम ने तो पुराने शहर में घंटेश्वर मंदिर के पास बने कूड़े के ढेर पर मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर, केंद्रीय राज्यमंत्री राव इंद्रजीत, पीडब्ल्यूडी मंत्री राव नरबीर सिंह और विधायक उमेश अग्रवाल के फोटो होर्डिंग लगाकर जनप्रतिनिधियों की फजीहत की। इस तरह से प्रदर्शन कर आप नेताओं ने मांग की है कि सरकार हड़ताली कर्मचारियों को बातचीत के लिए बुलाए और उनकी मांगों को स्वीकार करे, जिससे कूड़े से अटे हरियाणा को राहत मिल सके।

हर महीने 10 करोड़ खर्च फिर भी विफल

नगर निगम ने गत वित्त वर्ष की तुलना में चालू वित्त वर्ष में सफाई के लिए बजट में 26 फीसदी की बढ़ोतरी की। पिछले वर्ष सफाई पर हर महीने औसतन जहां 8.32 करोड़ रुपए खर्च होते थे, वहीं चालू वित्त वर्ष में हर महीने 10 करोड़ रुपए खर्च किए जा रहे हैं, इसके बावजूद स्थिति बदतर होती जा रही है।

हड़तालियों के पक्ष में विपक्ष

हड़ताल को लेकर राजनीति में भी दो खेमे बन गए हैं। एक ओर प्रदेश सरकार और सत्तारूढ़ दल भाजपा हड़तालियों की उपेक्षा कर रही है, वहीं विपक्षी दल समर्थन कर रहे हैं। विधायक और मंत्री भी हड़तालियों से दूरी बनाए हैं। इधर, इनेलो, कांग्रेस, बसपा और आम आदमी पार्टी हड़तालियों के पक्ष में हैं। दलों के नेता धरने पर बैठ रहे हैं।

एनएचएम कर्मचारी आज कर सकते हैं हड़ताल, कई सेवाएं रहेंगी प्रभावित

गुड़गांव |
सरकार द्वारा एंबुलेंस कंट्रोल रूम को केंद्रीयकृत करने के विरोध में एनएचएम कर्मचारी बुधवार को काम नहीं करेंगे। इससे एंबुलेंस सेवा सहित कई अन्य सुविधाएं भी ठप हो सकती हैं। एनएचएम कर्मचारियों की मांग है कि सरकार इस फैसले को वापस ले, अन्यथा वह 31 मई को हड़ताल करने पर मजबूर होंगे। वहीं मंगलवार को भी इसके विरोध में एनएचएम कर्मचारियों ने काले बिल्ले लगाकर काम किया। हरियाणा एनएचएम कर्मचारी संघ के प्रदेश महासचिव हरीराज ने बताया कि सरकार एंबुलेंस सेवा को केंद्रीयकृत कर इसे ठेके पर देना चाहती है। निजीकरण के नाम पर सरकार कर्मचारियों के हाथ काट रही है। जिससे सभी एनएचएम कर्मचारियों में रोष है। उन्होंने कहा कि अगर सरकार द्वारा कर्मचारियों की मांगों पर सकारात्मक कार्यवाही नहीं की जाती है तो 31 मई से पूरे प्रदेश के एनएचएम कर्मचारी सभी तरह की सेवाएं 2 दिन के लिए बंद कर हड़ताल करेंगे। हड़ताल होने से लाजिमी है कि इसका सबसे ज्यादा असर मरीजों पर ही पड़ेगा।

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