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भाजपा कार्यालय निर्माण में बाधा डालने के आरोप में हो रही गिरफ्तारी से ग्रामीण आहत, सीपी से गुहार

स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत सिलोखरा गांव के विकास कराने की मांग को लेकर एक ओर जहां स्थानीय लोग एक साल से आंदोलन...

Bhaskar News Network | Last Modified - Jun 28, 2018, 02:05 AM IST

स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत सिलोखरा गांव के विकास कराने की मांग को लेकर एक ओर जहां स्थानीय लोग एक साल से आंदोलन कर रहे हैं, वहीं गांव में भाजपा कार्यालय निर्माण में अवरोध पैदा करने के आरोप में पुलिस द्वारा गिरफ्तारी की जा रही है। इस कारण ग्रामीणों में खलबली मची हुई है। इस गिरफ्तारी के विरोध में गुड़गांव बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों और अधिवक्ताओं का प्रतिनिधिमंडल बुधवार को पुलिस कमिश्नर से मिला और गिरफ्तारी के मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। पुलिस कमिश्नर ने आश्वस्त किया कि शीघ्र ही इस मामले की जांच कराई जाएगी। पुलिस कमिश्नर से मिले प्रतिनिधि मंडल में गुड़गांव बार एसोसिएशन के अध्यक्ष अजय चौधरी सेक्रेटरी हेमंत शर्मा, पूर्व सेक्रेटरी सुमन दहिया, कांग्रेस लीगल सेल के नवीन शर्मा, विजय भारद्वाज, शैलेंद्र बहल, कुलराज कटारिया, संदीप अनेजा आशीष, भगत सिंह, मोहित शर्मा व अजय गुलिया शामिल थे।

सभी ने पुलिस कमिश्नर से मुलाकात के दौरान प्रश्न किया कि साल भर से शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन कर रहे सिलोखरा के नागरिकों को क्यों गिरफ्तार किया जा रहा है? इस मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए। पुलिस आयुक्त ने मौके पर ही डीसीपी ईस्ट को इस मामले की जांच करने की जिम्मेदारी सौंपी। उधर, गिरफ्तारी से आक्रोशित सिलोखरा सहित आसपास के नागरिकों की बैठक हुई जिसमें ग्रामीणों ने कहा कि सिलोखरा गांव के विकास को दरकिनार कर भाजपा कार्यालय का निर्माण कराना और इसके लिए गैरकानूनी तरीके से लोगों को गिरफ्तार करना अन्याय है। सभा में उपस्थित नागरिकों ने एक स्वर से कहा कि अगर गिरफ्तार किए गए सिलोखरा के नागरिकों को तत्काल रिहा कर उन पर लगाया गया झूठा मुकदमा वापस नहीं लिया गया तो, 360 गांवों को साथ लेकर लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन जारी रखा जाएगा। वरिष्ठ अधिवक्ता डॉ मुकेश शर्मा ने कहा कि गांव की पंचायती जमीन पर विकास कार्य कराने की मांग को लेकर यहां के नागरिक पिछले साल भर से शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन कर रहे हैं। गांव के नागरिकों ने उस समय भी किसी तरह की उग्रता का परिचय नहीं दिया। जब गांव के विकास को रोककर बलपूर्वक भाजपा कार्यालय का शिलान्यास करने का प्रयास किया गया, फिर क्यों रात को गांव के निर्दोष नागरिकों को गिरफ्तार किया गया।

ग्रामीण बोले, पुलिस ने सरकार के इशारे पर की दमनात्मक कार्रवाई

गांव के नागरिकों ने कहा कि यह मामला पूरी तरह से राजनीति से प्रेरित है और पुलिस ने सरकार के इशारे पर इस तरह दमनात्मक कार्रवाई की है। सभा में उपस्थित समस्त नागरिकों ने भाजपा कार्यालय के निर्माण में भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए इसकी की सीबीआई जांच कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि भाजपा द्वारा कार्यालय के लिए जमीन तो सिर्फ 10 करोड़ की लागत में खरीदी गई है, जबकि कार्यालय निर्माण का ठेका संबंधित बिल्डर को 100 करोड़ में सौंपा गया है। भाजपा के पास यह पैसा कहां से आया और गांव के विकास को रोककर इस तरह से अनैतिक रूप से कार्यालय का निर्माण क्यों कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पुलिस प्रशासन द्वारा सिलोखरा के दिन नागरिकों को गिरफ्तार किया गया है, उनकी उम्र 60 से 70 साल के बीच है। इतने बुजुर्ग नागरिक कार्यालय के निर्माण में कैसे बाधा उत्पन्न कर सकते हैं। इसका सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि जिन नागरिकों को इस आरोप में गिरफ्तार किया गया है, वह ना तो बिल्डर को जानते हैं और ना ही वे निर्माण स्थल पर गए हैं।

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