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‘सुदामा के चावल’ में राजनीतिक व्यवस्था पर कटाक्ष

साप्ताहिक सांस्कृतिक संध्या कार्यक्रम के तहत शनिवार की शाम को रंगभूमि ओपन एयर थिएटर में हरियाणा इंस्टीट्यूट ऑफ...

Danik Bhaskar | Jul 02, 2018, 02:10 AM IST
साप्ताहिक सांस्कृतिक संध्या कार्यक्रम के तहत शनिवार की शाम को रंगभूमि ओपन एयर थिएटर में हरियाणा इंस्टीट्यूट ऑफ परफॉर्मिंग आर्ट के कलाकारों द्वारा हास्य-व्यंग्य नाटक ‘सुदामा के चावल’ का मंचन किया। नाटक के माध्यम से कलाकारों ने दर्शाया कि श्रीकृष्ण और सुदामा की दोस्ती काफी गहरी थी और भगवान श्रीकृष्ण से जब सुदामा मिलने गए, तो उन्होंने उनका बहुत ही आदर-मान किया और उन्हें काफी भेंट दीं। मगर, आज की परिस्थिति में देखा जाए, तो अगर हमारे बचपन का मित्र किसी बड़े पद पर आसीन हो जाता है या मंत्री बन जाता है, तो क्या हम उससे उतनी ही आसानी से मिल पाएंगे, जितनी आसानी से सुदामा भगवान श्रीकृष्ण से मिल पाए थे। नाटक के माध्यम से कलाकारों ने राजनीतिक व्यवस्था, भ्रष्टाचार, अपराध आदि पर करारा कटाक्ष किया।

प्रख्यात व्यंग्यकार हरीशंकर परसाई द्वारा लिखित इस नाटक का निर्देशन हरियाणा के प्रसिद्ध रंगकर्मी विश्व दीपक त्रिखा द्वारा किया गया, जबकि मंच का सफल संचालन शिक्षाविद अनिल जेटली ने किया। कार्यक्रम से पूर्व आयोजित ओपन माइक सेशन के दौरान कार्यक्रम देखने आई सुनीता खंडेलवाल ने अपनी कविता के माध्यम से राजनीतिक व्यवस्था पर करारा तंज कसा। इस मौके पर पूर्व कार्यकारी अभियंता सीआर बिश्नोई, शिक्षाविद अर्जुन वशिष्ठ, फिल्म एवं टीवी कलाकारा मोहनकांत ने कलाकारों का स्वागत एवं अभिनंदन किया। नाटक में राजीव भारद्वाज, अंकित कुमार, प्रिंस मिश्रा, अमितेश राज, अभिषेक किशोर, राज शर्मा, राजीव कुमार, पराग हुड्डा, कोमल शर्मा, नैना राय, सिमरन, सोनम चौहान, मनीष सिंह तथा राज ने अभिनय किया। संगीत संचालन कमल कश्यप ने, लाइट संचालन शेख सोहेल ने, मेकअप अमित आर्य ने तथा सहायक निर्देशन गौतम कुमार सिंह ने किया।

ओपन एयर थिएटर में हरियाणा इंस्टीट्यूट ऑफ परफॉर्मिंग आर्ट के कलाकारों ने हास्य-व्यंग्य नाटक का मंचन किया

गुड़गांव. नाटक ‘सुदामा के चावल’ का मंचन करते कलाकार।