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जेल भरो आंदोलन के तहत 15 जून को आशा वर्कर्स देंगी अपनी गिरफ्तारी

स्वास्थ्य विभाग के सहयोगी आशा वर्कर्स सरकार की वायदाखिलाफी को लेकर हड़ताल पर हैं। सोमवार को 5वें दिन भी उनकी...

Danik Bhaskar | Jun 12, 2018, 02:10 AM IST
स्वास्थ्य विभाग के सहयोगी आशा वर्कर्स सरकार की वायदाखिलाफी को लेकर हड़ताल पर हैं। सोमवार को 5वें दिन भी उनकी हड़ताल जारी रही। बड़ी संख्या में आशा वर्कर्स यूनियन के बैनर तले मिनी सचिवालय पर एकत्रित हुई और धरने पर बैठ गई। आशा वर्कर्स के हड़ताल पर रहने के कारण स्वास्थ्य विभाग की योजनाओं का लाभ विशेषकर महिलाओं व बच्चों को नहीं मिल पा रहा है। प्रदेश सरकार भी आशा वर्कर्स यूनियन से मामले को सुलझाने के प्रति गंभीर दिखाई नहीं दे रही है, जिससे आशा वर्कर्स में रोष व्याप्त होता जा रहा है। यूनियन की जिलाध्यक्ष मीरा देवी ने बताया कि प्रदेश में चरणबद्ध आंदोलन शुरु करने का निर्णय गत दिवस रोहतक में आयोजित की गई बैठक में लिया गया है। उन्होंने धरने पर बैठी आशा वर्कर्स को संबोधित करते हुए कहा कि 14 जून तक मिनी सचिवालय पर धरना प्रदर्शन कर हड़ताल जारी रखी जाएगी। 15 जून को गुड़गांव में आशा वर्कर्स जेल भरो आंदोलन के तहत अपनी गिरफ्तारियां देंगी। प्रदेश के अन्य जिला मुख्यालयों पर भी आशा वर्कर्स की गिरफ्तारियां देने का कार्यक्रम बनाया गया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार जब तक गत फरवरी में सरकार के साथ हुए समझौते को लागू नहीं कर देती, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। श्रमिक संगठन सीटू के कामरेड सतबीर सिंह, एसएल प्रजापति, विनोद भारद्वाज, भारती देवी, वीना मालिक, जगमती सांगवान ने आशा वर्कर्स को आश्वस्त किया कि सरकार को उनकी लंबित पड़ी मांगों को लागू करवाने के लिए मजबूर कर दिया जाएगा, लेकिन वे संगठित रहें। एक फरवरी को हुए समझौते को लागू करने के लिए ग्राम पंचायतों से आशा वर्कर्स यूनियन ने प्रस्ताव पारित कर उनके हस्ताक्षर कराए हैं। इस प्रस्ताव को भी 15 जून को जिला प्रशासन को सौंपा जाएगा, जिसमें मांग की गई है कि समझौते को तुरंत लागू कराया जाए, ताकि आशा वर्कर्स, महिलाओं व बच्चों से जुड़ी कल्याणकारी योजनाओं व कार्यक्रमों में सहयोग दे सकें। आशा वर्कर्स समझौते लागू कराने को लेकर जबरदस्त नारेबाजी कर रही थी।

गुड़गांव. लघु सचिवालय के सामने मांगों को लेकर प्रदर्शन करतीं आशा वर्कर्स।