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कोच के सी-सर्टिफिकेट के अभाव में नेशनल टूर्नामेंट से बाहर हुई हरियाणा फुटबॉल टीम

उड़ीसा में खेले जा रहे अंडर-14 नेशनल फुटबॉल टूर्नामेंट से हरियाणा की टीम को अयोग्य घोषित कर बाहर का रास्ता दिखा दिया...

Danik Bhaskar | Jul 04, 2018, 02:10 AM IST
उड़ीसा में खेले जा रहे अंडर-14 नेशनल फुटबॉल टूर्नामेंट से हरियाणा की टीम को अयोग्य घोषित कर बाहर का रास्ता दिखा दिया गया है। वहीं टीम के बाहर होने से खिलाड़ी व उनके परिजन नाखुश हैं। गुड़गांव की अकेली खिलाड़ी पारुल के पिता सहीपाल का कहना है कि एसोसिएशन के पदाधिकारियोंं की गलती का खामियाजा खिलाड़ियों पर भारी पड़ गया है। एसोसिएशन के पदाधिकारियो को पता ही नहीं था कि कोच व खिलाड़ियों के दस्तावेज डेढ़ महीने पहले भेजे जाने थे। ऐसे में टीम को बाहर होना पड़ा है।

नेशनल टूर्नामेंट के लिए हरियाणा टीम में गुड़गांव की पारुल भी शामिल है। 14 साल की पारुल इससे पहले भी नेशनल टूर्नामेंट का हिस्सा बन चुकी है और कड़ी मेहनत के बाद उसने एक बार फिर से टीम में जगह बनाई थी। पारुल के पिता सहीपाल ने बताया कि टीम नेशनल टूर्नामेंट में एक भी मैच नहीं खेल पाई है, इसमें पूरी गलती एसोसिएशन की है। मंगलवार को हरियाणा की टीम का मैच तमिलनाडु के साथ होना था, लेकिन दोनों ही मैचों में हरियाणा की टीम की ओर से प्रशिक्षक के डॉक्यूमेंट्स पूरे न होने के कारण टीम को पूरे टूर्नामेंट से ही बाहर कर दिया गया।

ऐसे में हरियाणा टीम के खिलाड़ियों की मेहनत पर एसोसिएशन की गलती के कारण पानी फिर गया। सहीपाल ने बताया कि पारुल से बात करने पर पता चला कि अब वे बुधवार की रात को वापस ट्रेन से लौटेंगे। उन्होंने बिना नियमों को जाने ही टीम को नेशनल टूर्नामेंट में टीम को भेज दिया।

इस प्रक्रिया के कारण खिलाड़ियों का मनोबल गिरा है। खिलाड़ियों को नेशनल में खेलने के लिए मन में एक अलग ही जज्बा होता है, जो एसोसिएशन एक छोटी सी गलती के कारण खिलाड़ियों को काफी दुख हुआ है।

स्टेट फुटबॉल एसोसिएशन के सेक्रेटरी ललित चौधरी का कहना है कि हरियाणा की टीम वापस आ रही है, लेकिन अगली बार ऐसा न हो इसे लेकर पूरा ध्यान दिया जाएगा। अगस्त में जूनियर नेशनल होने वाला है, ऐसे में हमारी टीम को टूर्नामेंट में कोई दिक्कत न हो इसे ध्यान रखते हुए कोच को टीम के साथ भेजा जाएगा।