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बजट में Rs.2,290 करोड़ आय व Rs.1,884 करोड़ व्यय का प्रावधान, निगम की आय पर पार्षदों ने उठाए सवाल

नगर निगम गुड़गांव की बजट बैठक शनिवार को निगम कार्यालय में हुई। मेयर मधु आजाद की अध्यक्षता में कुछ संशोधनों के साथ...

Dainik Bhaskar

Apr 08, 2018, 03:05 AM IST
बजट में Rs.2,290 करोड़ आय व Rs.1,884 करोड़ व्यय का प्रावधान, निगम की आय पर पार्षदों ने उठाए सवाल
नगर निगम गुड़गांव की बजट बैठक शनिवार को निगम कार्यालय में हुई। मेयर मधु आजाद की अध्यक्षता में कुछ संशोधनों के साथ वित्त वर्ष 2018-19 के अनुमानित बजट को स्वीकृति दी गई। इस बार बजट में 2,290 करोड़ रुपए की आय व 1,884 करोड़ रुपए के व्यय का प्रावधान किया गया है। पार्षदों से सवाल उठाते हुए कहा कि इनकम को बढ़ा-चढ़ाकर दिखाया है। पार्षद आरएस राठी ने कहा कि निगम को निर्धारित 1,884 करोड़ रुपए आय नहीं होने वाली। अधिकारी सदन को गुमराह करने का प्रयास कर रहे हैं। वास्तव में आय 1000 करोड़ से ऊपर नहीं हो सकती। बढ़ी हुई आमदनी दिखाकर उसी अनुपात में खर्चा दिखाने से निगम को घाटा होगा। राठी ने कहा क निगम की 2017-18 में सभी स्रोतों से आमदनी 1,623 करोड़ रुपए हुई है जबकि प्रॉपर्टी टैक्स, स्टांप डयूटी, एक्साइज डयूटी इत्यादि स्रोतों में पैसा 2008 से 2017 तक के एरियर (बैकलॉग) से इकट्ठा किए हैं। ऐसे में 18-19 में उतनी ही आमदनी प्रोजेक्ट करना बजट को जबरन बढ़ाकर दिखाना है। इस पर मेयर मधु ने कहा कि बजट पर पहले भी चर्चा हुई थी। आयुक्त ने पार्षदों कोे इनकम के बारे में जानकारी दी और कहा कि संशोधन किया जाएगा। बजट में करीब 66 फीसदी विकास कार्य पर खर्च करने के साथ सफाई का बजट भी पिछले साल से बढ़ाया गया है।

पार्षदों को नहीं सुना: हेमंत सेन

वार्ड 28 पार्षद हेमंत सेन ने कहा कि बजट में कई खामियां थीं। इनमें संशोधन की मांग की गई है। इसके लिए सात दिन का वक्त मांगा गया। इसके बावजूद पार्षदों की मांगों को दरकिनार कर बजट जारी किया गया। अधिकारियों के निजी कार्यों से अचानक बजट मीटिंग की डेट बदल दी जाती है। इसके कारण बैठक में 9 पार्षद नहीं आ सके, क्योंकि सभी को बजट बैठक 9 अप्रैल को होने की जानकारी थी। बैठक से मीडिया को बाहर रखना अधिकारियों का फैसला है, जबकि पार्षद चाहते थे कि मीडिया प्रतिनिधि मौजूद रहें। अधिकारियों का कहना है कि जगह नहीं होने के कारण मीडिया को रोका, जबकि 9 पार्षदों की जगह पर 9 मीडिया संस्थानों के प्रतिनिधियों को आसानी से प्रवेश दिया जा सकता था। अधिकारियों ने मीडिया को बजट से सोची समझी साजिश के तहत दूर रखा है।

करीब 15 पार्षद के लिए पहला बजट था

मेयर मधु आजाद ने अपना यह पहला बजट पेश किया। इसके अलावा निगम में करीब 15 पार्षद नए हैं। उन्हें भी बजट की खास जानकारी नहीं थी, जिससे बजट पर मत नहीं दे सके। पार्षद कुलदीप बोहरा ने कहा कि हम लोग पहली बार बजट सत्र में शामिल हुए हैं। ऐसे में कई बातें सीखने को मिली हैं। यहां पर कमी समझ में आई, उसकी आवाज उठाई गई। बैठक में सीनियर डिप्टी मेयर प्रमिला कबलाना, डिप्टी मेयर सुनीता यादव, नगर निगम आयुक्त यशपाल यादव, निगम पार्षद मिथलेश, शकुंतला यादव, रविन्द्र यादव, वीरेंद्र राज यादव, अनूप सिंह, योगेन्द्र सारवान, नवीन, ब्रह्म यादव, संजय कुमार, सीमा पाहुजा, मधु बत्रा, अश्विनी शर्मा, कपिल दुआ, सुनीता यादव आदि मौजूद रहे।

पार्षदों के सवाल पर निगम अफसर नहीं दे सके ठोस जवाब, कहा संशोधन होगा

पार्षद का कहना है कि अधिकारियों ने बजट सही तरीके से तैयार नहीं किया। पिछले साल 342 करोड़ रुपए प्रॉपटी टैक्स से आय दिखाई गई, जबकि वास्तविक आय 150 करोड़ थी। ऐसे में साल 2018-19 में 250 करोड़ रुपए कैसे वसूल किया जा सकता है। विज्ञापन में पिछले साल 16 करोड़ आय हुई थी। साल 2018-19 में 100 करोड़ आने का अनुमान है। इस पर पार्षद राठी का कहना है कि निगम की कोई स्पष्ट पॉलिसी नहीं है। स्टांप डयूटी, कराधान डयूटी, ब्याज से आय, किराए आय में गड़बड़ी है। अन्य आय को भी पिछले साल 72 करोड़ रुपए दिखाया गया है लेकिन इस बार 232 करोड़ का अनुमान है, जो संभव नहीं है। पार्षद के सवालों पर दूसरे निगम पार्षदों ने भी सवाल उठाया। इस पर मेयर व आयुक्त ने कहा कि इसमें संशोधन किया जाएगा। इसके बाद सरकार को भेजा जाएगा।

पार्षद के सवाल पर निगम अफसर नहीं दे सके ठोस जवाब, कहा संशोधन होगा

मेडिकल कॉलेज के लिए बजट में प्रावधान: मेयर मधु आजाद ने सदन को बताया कि बजट में शिक्षा और स्वास्थ्य का ध्यान रखा गया है। सेक्टर-102 में बनने वाले मेडिकल कॉलेज के लिए भी बजट में प्रावधान किया है। मेडिकल कॉलेज गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण, नगर निगम व श्रीमाता शीतला देवी पूजा स्थल बोर्ड द्वारा बनाया जाएगा। साथ ही सभी वार्डों में डिस्पेंसरी बनाने की दिशा में काम किया जाएगा।

वार्डों में बनेंगे नागरिक सुविधा केंद्र : नगर निगम आयुक्त यशपाल यादव ने बताया कि सभी वार्डों में नागरिक सुविधा केंद्र बनाने व वाई-फाई की सुविधा देने के लिए भी बजट में प्रावधान किया है। साथ ही निगम का अपना कार्यालय भवन बनाने, पेपरलैस प्रक्रिया करने के लिए ई-ऑफिस की स्थापना आदि काम भी इस वर्ष किए जाएंगे।

गुड़गांव. बैठक में मौजूद मेयर मधु आजाद और निगम के अफसर।

जल संरक्षण पर जोर

ग्रीनरी को बढ़ावा देने और जल संरक्षण एवं वॉटर हार्वेस्टिंग की दिशा में काम किए जाएंगे। इसके लिए बजट में प्रावधान किया गया है। सड़कों की ग्रीन बेल्टों का रख-रखाव किया जाएगा, ताकि शहर में हरियाली बढ़े और वातावरण शुद्ध हो।

मूलभूत सुविधाओं पर ध्यान: बजट में इंफ्रास्ट्रक्चर पर विशेष ध्यान रहेगा। इनमें रोड एवं ब्रिज, सीवरेज ट्रीटमैंट प्लांट, पेयजल आपूर्ति आदि शामिल हैं। आयुक्त ने सदन को आश्वस्त किया कि वे इस प्रकार की प्रक्रिया तैयार कर रहे हैं कि सभी कार्यों में निगम पार्षदों और नागरिकों की भागीदारी सुनिश्चित हो। पेयजल आपूर्ति और सीवरेज सिस्टम को मास्टर प्लान तैयार हो रहा है।

भास्कर ने 26 मार्च को 2490 करोड़ आय और Rs.1760 करोड़ खर्च के प्रस्ताव के अनुमानित बजट की खबर प्रकाशित की थी ।

वर्ष 2018-19 का बजट

आय 2,290 करोड़ रुपए

खर्चा 1,884 करोड़ रुपए

नए ढंग से एस्टीमेट बनेगा: एस्टीमेट तैयार करने का तरीका भी बदला जा रहा है। इसके तहत कार्यकारी अभियंता कार्य को करने का निर्णय लेगा व असिस्टेंट इंजीनियर और जूनियर इंजीनियर एस्टीमेट तैयार करने से पहले मौके पर निरीक्षण करेंगे। निगम पार्षदों तथा सिटीजन मॉनिटरिंग कमेटी की भागीदारी भी रहेगी।

प्रॉपर्टी मालिकों को मोबाइल पर मिलेगा हाउस टैक्स का बिल,टैक्स प्रक्रिया होगी पेपरलैस

गुड़गांव| नगर निगम प्रॉपर्टी टैक्स प्रक्रिया को और भी अधिक सरल बनाने जा रहा है। इसके तहत प्रॉपर्टी मालिकों को हाउस टैक्स का बिल मोबाइल पर भेजा जाएगा। इसके अलावा प्रॉपर्टी में छोटी-मोटी गलतियों को वह खुद ही ऑन लाइन ठीक कर सकेंगे। नगर निगम आयुक्त यशपाल यादव की अध्यक्षता में बैठक शनिवार को हुई। जिसमें नगर निगम की जीआईएस लैब के प्रतिनिधियों ने बताया कि प्रॉपर्टी टैक्स प्रणाली पूरी तरह से जल्द ही पेपरलैस हो जाएगी। नागरिक अपने प्रॉपर्टी टैक्स से संबंधित रिकार्ड में सुधार कर पाएंगे। उन्हें छोटे-छोटे सुधार के लिए नगर निगम कार्यालय में नहीं आना होगा। प्रॉपर्टी मालिक के नाम, मोबाइल नंबर, प्रॉपर्टी एड्रेस आदि में सुधार का अधिकार नागरिकों के पास होगा। नागरिक ऐसे सुधार करके ऑनलाइन आवेदन संबंधित दस्तावेजों के साथ सबमिट कर पाएंगे, जो जोनल टैक्सेशन ऑफिसर द्वारा स्वीकृति के बाद आटोमैटिक ठीक हो जाएंगे। लोगों द्वारा आवेदन के समय उनके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर ओटीपी प्राप्त होगा ताकि कोई एक-दूसरे के रिकार्ड में छेड़खानी ना कर पाए। लोगों को इस बारे में जानकारी देने के लिए एक वीडियो निगम की वेबसाइट पर दिया जाएगा। आने वाले समय में प्रॉपर्टी टैक्स प्रक्रिया पेपरलैस होगी।

बादशाहपुर ड्रेन पर 6.5 किमी लंबा साइकिल ट्रैक बनेगा

गुड़गांव|नगर निगम बादशाहपुर ड्रेन पर करीब 6.5 किलोमीटर लंबा साइकिल ट्रैक बनाने की योजना पर काम कर रहा है। इस पर करीब 5 करोड़ रुपए लागत आएगी। निगमायुक्त यशपाल यादव ने शनिवार को विभिन्न बैंकों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक में बादशाहपुर ड्रेन एरिया के सौंदर्यीकरण पर चर्चा की। उन्होंने बताया कि पहले चरण में सोहना रोड से राष्ट्रीय राजमार्ग-8 तक बादशाहपुर ड्रेन के 6.5 किलोमीटर हिस्से के सौंदर्यीकरण की योजना है। इसके तहत बॉक्स ड्रेन के ऊपर ग्रीनरी को बढ़ावा देने, लैंड स्केपिंग, साइकिल ट्रैक, केयोस्क, पार्किंग आदि बनाए जाएंगे। इससे एक ओर जहां लोगों को मॉर्निंग वॉक, साइकिलिंग के लिए बेहतर स्थान मिलेगा। वहीं राहगीरी जैसे आयोजन भी हो सकेंगे। निगमायुक्त ने बैंक प्रतिनिधियों से आह्वान किया कि सीएसआर फंड के तहत इस काम को करने में योगदान दें। बैंक प्रतिनिधियों ने निगमायुक्त को आश्वस्त किया कि वे उच्च अधिकारियों को इस बारे में अवगत कराएंगे।

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