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लोगों में खौफ

शहर के लोगों को बंदरों से जल्द निजात मिलने वाली है। नगर परिषद प्रशासन ने बंदर पकड़ने की दिशा में कदम उठाया है।...

Dainik Bhaskar

Feb 01, 2018, 03:20 AM IST
लोगों में खौफ
शहर के लोगों को बंदरों से जल्द निजात मिलने वाली है। नगर परिषद प्रशासन ने बंदर पकड़ने की दिशा में कदम उठाया है। परिषद की पिछली बैठक में रखे गए शहर के पशुमुक्त कराने के अभियान के तहत बंदरों को भी पकड़ा जाएगा। शहर के 11 इलाकों में पिछले तीन महीने में बंदरों ने 35 लोगों को घायल कर दिया है। इसलिए लोगों में डर का माहौल बना हुआ है।

पिछले कुछ समय से परिषद प्रशासन शहर के आवारा पशुओं से मुक्त कराने में प्रयास में था कि अचानक बंदरों की संख्या में कहीं अधिक बढ़ोतरी हो गई। बंदर कहां से आए, फिलहाल परिषद प्रशासन कारण नहीं जान पाया है। कयास लगाए जा रहे हैं कि आसपास के किसी शहर से पकड़ कर बंदरों को यहां छोड़ा गया है। कारण यह है कि पहले बंदरों की संख्या बहुत कम थी, लेकिन पिछले कुछ समय से झुंड के झुंड शहर में घूम रहे हैं।

हालात को देखते हुए परिषद प्रशासन बंदरों की धरपकड़ के लिए ठेका देने का फैसला किया है। ठेका परिषद की बैठक में पारित आवारा पशुओं को पकड़ने के लिए आए प्रस्ताव के तहत किया जाएगा। प्रस्ताव के तहत परिषद प्रशासन ने हालांकि गायों और नंदियों को पकड़ने का अभियान शुरू कर दिया, लेकिन बंदरों की तरफ कोई ध्यान नहीं दिया गया। अब शहर के लोगों की बढ़ती शिकायतों को देखते हुए परिषद प्रशासन ने बंदरों को पकड़ने के लिए कदम उठाने का फैसला है। काम जल्द शुरू किया जाएगा।

शहर के 11 इलाकों में है बंदरों का आतंक, पिछले तीन महीने में 35 लोगों को कर चुके हैं घायल, अब नगर परिषद चलाएगी अभियान

नगर परिषद ने 2014 में भी बंदर पकड़ो अभियान चलाया था, मथुरा की एक फर्म को दिया था ‌ठेका

नगर परिषद द्वारा 2014 में भी बंदर पकड़ो अभियान चलाया गया था। मथुरा की एक फर्म को बंदर पकड़ने का ठेका दिया गया। अभियान के दौरान तीन सौ से अधिक बंदर पकड़े गए। मगर परिषद द्वारा समय पर भुगतान न करने पर ठेकेदार ने काम बीच में छोड़ दिया। हालांकि तब बंदरों की संख्या काफी कम हो गई।

कार्रवाई के लिए उच्च अधिकारियों को भेजा:ईओ

बंदर पकड़ने के लिए ठेका देने की कार्रवाई को अगली कार्रवाई के लिए भेजा गया है। मंजूरी मिलते ही अभियान शुरू कर दिया जाएगा। आवारा पशुओं की धरपकड़ का अभियान भी चलता रहेगा। ऐसे पशुओं को पकड़ कर पुराना बस स्टैंड के पास पुरानी मार्केट कमेटी परिसर में बाड़ा में रखा जा रहा है।’’ -जितेंद्र सिंह, ईओ।

इन इलाकों में बंदरों का अधिक आतंक

शहर में रूप नगर कॉलोनी, ओल्ड कोर्ट कॉलोनी, विकास नगर, सिसाय पुल, उत्तम नगर, सुभाष नगर, माडल टाउन, बोगा राम कालोनी, बाबा बंदा बहादुर कालोनी, गांधी कॉलोनी सहित कई क्षेत्रों में बंदरों का उत्पात रोज होता है। कई बार बच्चे व बुजुर्ग इनका शिकार बन चुके हैं।

साढ़े चार सौ पशुओं को भी पहुंचाया बाड़ा में

आवारा पशुओं को पकड़ने के अभियान के दौरान नगर परिषद द्वारा अब तक करीब साढ़े चार सौ पशुओं को बाड़ा में पहुंचाया जा सका है। परिषद द्वारा अभियान के बीच में बंद कर दिया गया, जिसके चलते अनेक पशु बाहर ही रह गए। कारण बाड़े में जगह कम होना बताया गया है।

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