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संस्था में विवाद के चलते सम्मेलन में नहीं आएंगे अन्ना

सिविल सोसायटी के तीन फरवरी के किसान सम्मेलन में सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे शिरकत नहीं करेंगे। अन्ना की तरफ...

Danik Bhaskar | Feb 01, 2018, 03:20 AM IST
सिविल सोसायटी के तीन फरवरी के किसान सम्मेलन में सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे शिरकत नहीं करेंगे। अन्ना की तरफ से उनकी टीम के सदस्य दलबीर सिंह मोर को यह सूचना दी गई। अन्ना के न आने के पीछे हालांकि उनका स्वास्थ्य खराब होना कारण बताया गया है। मगर असली वजह आयोजकों द्वारा टीम अन्ना की तरफ से रखी गई तमाम शर्तों को पूरा न करना और संस्था के नामकरण को लेकर चला विवाद है।

सोसायटी द्वारा किसान नेता मांगे राम मलिक की जन्म शताब्दी पर किसान सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है। सम्मेलन में मुख्य वक्ता के रूप में सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे को बुलाया गया। अन्ना के आगमन के मद्देनजर आयोजकों द्वारा शहर में बड़ी संख्या में होर्डिंग्स और पोस्टर लगवाए गए। रिक्शाओं पर लाउडस्पीकर लगवाकर प्रचार शुरू कर दिया। बुधवार सवेरे टीम अन्ना के सदस्य दलबीर सिंह मोर को अन्ना के कार्यालय से ई-मेल आया। इसमें कहा गया कि स्वास्थ्य खराब होने के कारण अन्ना हजारे हांसी नहीं आ सकेंगे।

किसान नेता मांगे राम मलिक की जन्म शताब्दी पर तीन फरवरी को होना है किसान सम्मेलन

ऐसे दिया अन्ना हजारे को न्यौता

किसान सम्मेलन के आयोजकों की अन्ना हजारे से मुलाकात उनकी टीम के सदस्य दलबीर सिंह मोर के माध्यम से हुई। मोर के पास सेवानिवृत्त कर्मचारी संघ के प्रधान केएल ग्रोवर यह मांग लेकर पहुंचे। आयोजकों को गैरराजनीतिक बताया गया। जिस पर अन्ना ने सम्मेलन में आने के लिए सहमति प्रदान कर दी। बाद में पड़ताल में जानकारी मिली कि आयोजन समिति के अधिकांश सदस्य किसी न किसी राजनीतिक दल से जुड़े हैं।

प्रधान की तरफ से शर्तों का नहीं दिया गया पूरा हलफनामा

सम्मेलन में आने को लेकर टीम अन्ना की तरफ से शर्तें रखी गई। कहा गया कि कोई राजनीतिक व्यक्ति सम्मेलन के दौरान अन्ना के साथ मंच साझा नहीं करेगा। जो व्यक्ति मंच पर बैठना चाहेगा, उसे एक हलफनामा देना होगा कि उसका किसी राजनीतिक दल से कोई संबंध नहीं है। मगर प्रधान की तरफ से पूरा हलफनामा नहीं दिया गया। हलफनामा को अटेस्टेड भी नहीं करवाया गया।

संस्था को लेकर है आपस में विवाद

सिविल सोसायटी संस्था को लेकर भी विवाद चल रहा है। अधिवक्ता साहिल कामरा सोसायटी को अपनी संस्था बता रहे हैं। उनका कहना है कि संस्था को उन्होंने पंजीकृत भी करवा रखा है। राजेश कासनिया की तरफ से गलत प्रचार किया जा रहा है।

सवेरे ई-मेल से आई सूचना: मोर