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बस स्टैंड पर नहीं रुकेगा बरसाती पानी, प्रशासन ने तलाशा विकल्प

बरसात के दिनों में बस स्टैंड पर अब जलभराव की समस्या नहीं होगी। बस स्टैंड पर पानी की निकासी के लिए सीवरेज की लाइन को...

Danik Bhaskar | Apr 02, 2018, 03:20 AM IST
बरसात के दिनों में बस स्टैंड पर अब जलभराव की समस्या नहीं होगी। बस स्टैंड पर पानी की निकासी के लिए सीवरेज की लाइन को हाईवे से गुजर रही मेन सीवरेज लाइन के साथ जोड़ने का काम शुरू हो गया है।

जलभराव की समस्या से निजात पाने के लिए हरियाणा रोडवेज द्वारा यह कदम उठाया गया है। इसके लिए वर्कशॉप में 12 बाय 12 फुट का गहरा गड्ढा बनाया गया है। जिसमें पूरे बस स्टैंड का गंदा पानी एकत्रित किया जाएगा। गंदे पानी को एकत्रित करके बाहर जा रही सीवरेज लाईन में डाला जाएगा। साथ ही बस स्टैंड के शौचालयों की लाईन को भी इससे जोड़ा गया है। जिससे शौचालय भी अब सुचारू रूप से चलेंगे। यह सारा कार्य रोडवेज द्वारा कराया जाएगा। बता दें कि बस स्टैंड का लेवल हाईवे से डेढ़ फुट नीचा है। जिसके चलते बस स्टैंड पर पिछले कई वर्षों से जलभराव की समस्या है। ऐसे में विभाग द्वारा इसके लिए यह नया विकल्प तैयार किया गया।

बस स्टैंड पर जमा होने वाले पानी की समस्या के समाधान के लिए शुरू किया गया कार्य।

73 लाख रुपए मंजूर

बस स्टैंड के सुधार के लिए 73 लाख रुपये को मंजूरी मिल गई है। इसके तहत बस स्टैंड की बिल्डिंग की मरम्मत, रंग रोगन, शौचालय की सुविधा, पिछली बाउंड्री वाल ऊंची करना जैसे कई काम होंगे। साथ ही हाईवे के दोनों मेन गेट लगाए जाएंगे। यह सारा कार्य लोक निर्माण विभाग द्वारा करवाया जाएगा। इसके लिए पैसा विभाग को सौंप दिया गया है।

1982 में हुआ था उद्घाटन

नए बस स्टैंड का उद्घाटन तत्कालीन मुख्यमंत्री भजन लाल द्वारा 22 जनवरी 1982 को किया गया था। बस स्टैंड की बिल्डिंग 36 वर्ष पुरानी हो चुकी है। अधिकारियों के अनुसार अब बिल्डिंग को मरम्मत की जरूरत है।

पहले भी जारी हुई थी राशि

कई वर्ष पहले बस स्टैंड के मरम्मत कार्य के लिए 73 लाख रुपये जारी हुए थे। यह रकम लोक निर्माण विभाग को सौंपी गई। विभाग सर्वे कर डेढ़ करोड़ रुपये की लागत बताई गई थी। ढाई माह पहले टीएम जितेंद्र यादव की अगुवाई में तीन सदस्य कमेटी बनाई गई। कमेटी द्वारा बस स्टैंड का मुआयना किया गया और मरम्मत के जरूरी कार्यों की एक नई लिस्ट बनाई गई। रोडवेज द्वारा अब यह लिस्ट फिर से लोक निर्माण विभाग को सौंपी गई। अब इस कार्य को मंजूरी मिल चुकी है।