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बारिश ने स्मॉग से दिलाया छुटकारा, तापमान 2.5 डिग्री लुढ़का

गुरुवार को हुई बरसात से जहां बीते एक सप्ताह से वातावरण में छाए स्मॉग से छुटकारा मिला वहीं मौसम में भी ठंडक घुल गई।

Danik Bhaskar | Nov 17, 2017, 08:04 AM IST

भिवानी। गुरुवार को हुई बरसात से जहां बीते एक सप्ताह से वातावरण में छाए स्मॉग से छुटकारा मिला वहीं मौसम में भी ठंडक घुल गई। बरसात से फसलों को भी फायदा हुआ है। गुरुवार को जिले में दो से सात एमएम बरसात दर्ज की गई। शहर के तापमान में तीन दिन से लगातार उतार चढ़ाव जारी है। मंगलवार को अधिकतम तापमान 24.4 था। वहीं बुधवार को इसमें बढ़ोतरी होने से 28.5 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। जो गुरुवार सुबह आई बरसात के कारण अधिकतम तापमान 2.5 डिग्री लुढ़ककर 26.0 डिग्री पर पहुंचा। बरसात चल रही हवा के कारण स्मॉग का स्तर पहले की अपेक्षा निल हो गया है।


मौसम विशेषज्ञों के अनुसार अभी बारिश की संभावना बनी है। एक सप्ताह से आसमान में धुंध और स्मॉग छाया हुआ था। स्मॉग के कारण सांस लेने दिक्कत हो रही थी। गुरुवार अल सुबह बूंदाबांदी 11 बजे के बाद हुई बरसात से आसमान से जहां स्मॉग बरसात के साथ जमीन पर गई वहीं बरसात के बाद मौसम में ठंडक गई। बरसात के बाद गुरुवार को अधिकतम तापमान 26 डिग्री न्यूनतम तापमान 15 डिग्री दर्ज किया गया। अधिकतम तापमान दो डिग्री से अधिक लुढ़क जाने पर इस मौसम की पहली ठंडक अनुभव की गई। हालांकि सामान्य तापमान 27 11 डिग्री है।
लगभग पूरी हो चुकी है सरसों की बिजाई
आजहुई बरसात से सभी प्रकार की फसलों को फायदा होगा। इस समय सरसों की बिजाई लगभग पूरी हो चुकी है तथा गेहूं चना की बिजाई चल रही है। बरसात से सरसों की फसल को काफी लाभ पहुंचेगा। इसी प्रकार गेहूं चने की फसल की जो बिजाई पूरी हो ली है उसमें लाभ पहुंचेगा और जो बिजाई की जानी है उसमें बिजाई के लिए लाभ मिलेगा। कृषि विशेषज्ञ एवं कृषि विभाग के उपनिदेशक डॉ. प्रताप सभ्रवाल ने बताया कि यह बरसात फसलों पर सोने पर सुहागे के समान है।
बर्फबारी से बढ़ेगी ठंड
जम्मू-कश्मीरके पहाड़ी क्षेत्रों में अब बर्फबारी की शुरूआत हो चुकी है। इसके अतिरिक्त लगातार धुंध रहने से नमी की मात्रा भी बढ़ गई है। गुरुवार को शहर में दोपहर के समय अच्छी बरसात हुई। इससे पारा अब लगातार गिरेगा जिससे ठंड में वृद्धि होगी।


सूखे पत्तों में नहीं लगा सकते आग
नेशनलग्रीन ट्रिब्यूनल ने आदेशानुसार पेड़ों के सूखे पत्तों में आग लगाने की मनाही की गई है। क्योंकि पेड़ों के पत्ते जलाने से भी प्रदूषण फैलता है। निर्देशानुसार अगर कोई व्यक्ति या कोई संस्थान सूखे पत्तों को जलाता है तो उस पर आर्थिक जुर्माना किया जाना चाहिए। इसके साथ-साथ कचरे के ढेरों, प्लास्टिक, टायर, ट्यूब या कोई अन्य ऐसा सामान जिसके जलाने से पर्यावरण प्रदूषित होता है, प्रदूषण की श्रेणी में ही आता है।


डीसी डॉ. अंशज सिंह ने नगरपरिषद को आदेश जारी कर स्मॉग को देखते हुए शहर के उन रास्तों पर पानी का छिड़काव करना शुरू करवाने के निर्देश दिए थे। जहां पर वाहनों के चलने से धूल उठ रही है। इस पर नगरपरिषद ने शहर के पुराना बस स्टैंड से चिड़िया घर रोड, पुराना बस स्टैंड से हांसी गेट,घंटाघर, स्टेडियम रोड हांसी रोड पर पानी का छिड़काव करवाया गया। वहीं स्मॉग प्रभाव कम करने को मंगलवार को शहर में अनेक स्थानों पर कृत्रिम बरसात भी करवाई गई थी।