--Advertisement--

​आय से अधिक संपत्ति मामलों सहित भ्रष्टाचार के 248 केसों की जांच अभी तक पेंडिंग

धीमी जांच का फायदा उठा कई बाबू प्रमोशन पाकर ऊंचे पदों पर हुए आसीन।

Dainik Bhaskar

Jul 02, 2018, 11:07 AM IST
248 case of Corruption and black money pending without inquiry

हिसार। सीएलयू (चेंज ऑफ लैंड यूज) सीडी कांड, सरकारी नौकरी भर्ती में गड़बड़ी, रिश्वत और आय से अधिक संपत्ति के मामलों सहित भ्रष्टाचार के 248 मुकदमों में इन्क्वायरी एवं इन्वेस्टिगेशन पेंडिंग है। कई सालों से मुकदमों की जांच अधर में लटके होने का फायदा उठाकर सरकारी बाबू विभागों में प्रमोशन पाकर ऊंचे पद पर आसीन हो चुके हैं। वहीं, पूर्व विधायक व पूर्व मंत्री भी धीमी जांच प्रक्रिया का फायदा उठाकर बिजनेस और राजनीति कर रहे हैं। इन्हीं पेंडिंग केसों पर कड़ा संज्ञान लेते हुए विजिलेंस डीजीपी पीआर देव ने सभी जांच अधिकारियों के साथ बैठक की। उन्हें सख्त निर्देश दिए कि करप्शन के पेंडिंग केसों की जांच डेढ़ माह में खत्म होनी चाहिए। वर्ष 2015 से पहले के केसों की स्टेटस रिपोर्ट तलब की। इनमें फास्ट इन्क्वायरी एवं इन्वेस्टिगेशन करके कोर्ट प्रोसिंडिंग शुरू करने की हिदायत दी है। बता दें कि हिसार रेंज, गुड़गांव, रोहतक, अम्बाला में सबसे ज्यादा मुकदमों की जांच पेंडिंग है।

- हिसार विजिलेंस में एसपी कृतपाल सिंह ने बताया कि 2015 से पहले के सभी मामलों में पेंडिंग इन्क्वायरी निपटा दी है। जो रह गए हैं, उन पर काम जारी है। अभी 2015-2016 के करप्शन केसों की इनक्वायरी में तेजी लाने के लिए आईओ को निर्देश दिए हैं। हमारा प्रयास है कि भ्रष्टाचार केसों में समय पर जांच करके कोर्ट में चालान पेश कर आरोपियों को सजा दिलवाएं।

कहां कितने मुकदमों में जांच है पेंडिंग
- हिसार रेंज 59
- गुड़गांव 51
- करनाल 28
- फरीदाबाद 29
- रोहतक 45
- अम्बाला 36

इन मामलों की जांच नहीं हुई पूरी
- सीएलयू:
हरियाणा के चर्चित सीएलयू कांड की जांच अभी तक चल रही है। हिसार विजिलेंस के पास केस है। इसकी जांच डीएसपी कर रहे हैं। इसमें अभी इन्क्वायरी पूरी नहीं हुई है। इस मामले में करीब पांच साल पहले इनेलो ने सीडी जारी की थी। इनेलो ने सीडी जारी करके तत्कालीन हुड्डा सरकार में रहे मंत्री सीपीएस, विधायकों और पूर्व विधायक पर सीएलयू कराने और सर्व शिक्षा अभियान के तहत फाइल क्लियर कराने के नाम पर रिश्वत मांगने के आरोप लगाए थे।

- आय से अधिक संपत्ति: सिरसा में एक विभाग के अधिकारी पर आय से अधिक संपत्ति की इंक्वायरी विजिलेंस इंस्पेक्टर को सौंपी गई है। अभी तक जांच पूरी नहीं हो पाई है। इसका फायदा उठाकर अधिकारी अब विभाग के ऊंचे पद पर आसीन है। ऐसे ही कई मामलों में धीमी इन्क्वायरी के कारण विभाग में भ्रष्टाचार कर फंसे आरोपी गिरफ्तार नहीं होते हैं और प्रमोशन भी पा लेते हैं। बिजली निगम में कई बाबू एवं अधिकारी हैं, जोकि भ्रष्टाचार करके अभी तक गिरफ्तार नहीं हुए हैं।

विभागों का सहयोग नहीं
- स्टेट विजिलेंस ब्यूरो में इन्वेस्टिगेशन आॅफिसर्स (आईओ) की कमी और भ्रष्टाचार में फंसे अधिकारियों-कर्मचारियों का रिकॉर्ड सरकारी विभागों से समय पर नहीं मिलने के कारण 248 करप्शन केसों की इन्क्वायरी पेंडिंग है।
- हिसार रेंज में तीन डीएसपी और चार इंस्पेक्टर बतौर आईओ कार्यरत हैं। इनमें से एक छुट्टी पर चल रहा है, बाकी छह आईओ पर 59 मुकदमों की जांच है। इन्हीं हालातों से अन्य विजिलेंस यूनिट जूझ रही हैं।
- आईओ का स्तर इंस्पेक्टर व इससे ऊपर है, इनसे नीचे रैंक का कर्मी जांच नहीं कर सकता है। विजिलेंस की मानें तो आईओ की संख्या में करीब 50 फीसद और बढ़ोतरी होने से इन्क्वायरी में तेजी आएगी।
- वहीं, सरकारी विभाग भी रिकॉर्ड मुहैया न करवाकर भ्रष्ट अधिकारियों व कर्मचारियों को बचा रहे हैं। विजिलेंस द्वारा नोटिस देने के बावजूद विभाग रिकॉर्ड एवं आरोपी संबंधित दस्तावेज नहीं देते हैं। इसलिए इन्क्वायरी में देरी होती है।

X
248 case of Corruption and black money pending without inquiry
Bhaskar Whatsapp

Recommended

Click to listen..