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15 साल पहले टीचर ने डांटा था- वक्त बर्बाद मत करो, तब बुरा लगा था पर सीख भी मिली

जीजेयू के नजदीक हिसार-दिल्ली हाई-वे पर गवर्नमेंट पॉलीटेक्नीक कॉलेज। गेट में घुसते ही म्यूजिक की आवाज सुनाई दी।

Dainik Bhaskar

Nov 17, 2017, 07:59 AM IST
150 participants from Alumni Meet at Govt Polytechnique College

हिसार. जीजेयू के नजदीक हिसार-दिल्ली हाई-वे पर गवर्नमेंट पॉलीटेक्नीक कॉलेज। गेट में घुसते ही म्यूजिक की आवाज सुनाई दी। कैंपस में आम दिनों से ज्यादा चहल-पहल दिखी। मेन गेट के पार्क के साथ ही पंडाल सजा था। मंच पर रंगारंग प्रस्तुतियां चल रही थीं। मौका था गुुरुवार को कॉलेज में आयोजित पहली स्टेक होल्डर्स एलुमिनाई मीट का। इसमें साल 2000 से लेकर 2012 तक पास आउट हुए 150 से ज्यादा पूर्व स्टूडेंट्स शामिल हुए। 


यह कार्यक्रम सुबह दस से लेकर शाम पांच बजे तक चला। कॉलेज के स्टूडेंट्स ने नृत्य और गायन की प्रस्तुति दी, वहीं एंटरप्रेन्योर और बड़े पदों पर आसीन पूर्व स्टूडेंट्स ने कॉलेज के युवा स्टूडेंट्स के साथ अपने अनुभव साझा किए। कॉलेज के प्रिंसिपल एमएल गोदारा, मेकेनिकल विभाग के एचओडी अशोक सिरोहा समेत कॉलेज का स्टाफ शामिल रहा।

 

पॉलीटेक्नीक कॉलेज में इस तरह का पहला कार्यक्रम था। जिसमें कॉलेज के कामयाब पूर्व स्टूडेंट्स को आमंत्रित किया गया। यह कार्यक्रम कॉलेज को एक्रिडिटेशन दिलवाने के लिए आयोजित किया गया। कॉलेज की तरफ से जल्द तीन विभागों की रिपोर्ट नेशनल एजुकेशन बोर्ड को भेजी जाएगी।

ताकि कॉलेज काे मिल सके एक्रीडेशन

 

मैं आज पंद्रह सालों के बाद यहां लौटकर आया हूं। एक बार एक टीचर ने मुझे क्लास के टाइम बाहर घूमते देखा था, उन्होंने मुझे बुरी तरह डांटा और कहा था कि ये वक्त बीत गया तो दोबारा नहीं आएगा। उस समय उनका इस तरह डांटना बुरा लगा था। मगर आज लगता है कि उन्होंने सही कहा था। उनकी  एक डांट ने मेरी जिंदगी काे बदल दिया। आज मैं एंटरप्रन्योर हूं। पानीपत में अपनी टैक्सटाइल बाइंग एजेंसी खोली हुई है। एजेंसी में 50 और लोग काम कर रहे हैं।
रामगोपाल, संचालक, टेक्सटाइल बाइंग एजेंसी, पानीपत, वर्ष 2002 में पॉलीटेक्नीक कॉलेज से पासआउट।

 

टीचर्स ने दिखाया रास्ता तो मिला मुकाम

कॉलेज से सूचना मिलते ही मैं ओडिसा से बाई एयर छात्र मिलन समारोह में आई। मैं इतनी एक्साइटेड थी कि बिजी होते हुए भी सिर्फ आधे घंटे के लिए माैजूदा छात्रों और टीचर्स से मिलने के लिए कॉलेज पहुंची। हरियाणा वासी बाहर जाने से कतराते हैं। जबकि प्रदेश से बाहर जाने पर ही जल्दी सफलता मिलती है। अगर मैं लड़की होते हुए सिटी से बाहर निकलकर जॉब कर सकती हूं तो अन्य लोग क्यों नहीं कर सकते।
अंकिता, असिस्टेंट मैनेजर, नेशनल टेक्सटाइल टेक्नॉलॉजी कॉर्पोरेशन, ओडिसा। वर्ष 2012 में कॉलेज से टेक्सटाइल टेक्नोलॉजी डिपार्टमेंट से पास आउट।

 

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