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गांव में युवाओं के लिए रोजगार मेला, अपना खुद का होगा क्लीनिक,

यह है फतेहाबाद जिले के गांव ढिंगसरा की पंचायत। पिछले कुछ दिनों से यहां कुछ विशेष प्रयास चल रहे हैं।

संजय आहूजा | Last Modified - Jan 08, 2018, 07:05 AM IST

गांव में युवाओं के लिए रोजगार मेला, अपना खुद का होगा क्लीनिक,

फतेहाबाद.यह है फतेहाबाद जिले के गांव ढिंगसरा की पंचायत। पिछले कुछ दिनों से यहां कुछ विशेष प्रयास चल रहे हैं। यह पंचायत अपने गांव के युवाओं के लिए गांव में ही रोजगार मेले का आयोजन कर रही है। कुछ युवाओं को रोजगार मुहैया भी करवाए गए हैं। ग्रामीणों के लिए अच्छा क्लीनिक, स्वास्थ्य बीमा, गांव की किसी भी बेटी की शादी पर आर्थिक सहयोग की योजना तैयार हो रही है। यह प्रयास शुरू हुआ है पढ़े लिखी पंचायत की व्यवस्था के तहत विजेता बने सरपंच अशोक जाखड़ की ओर से उठाए गए कदमों से।

पीएचडी कर रहे गांव के सरपंच अशोक जाखड़ बताते हैं कि हमने कई राज्यों के विभिन्न विभागों, उद्योगों व आधुनिक सिस्टम की जानकारी लेकर गांव में यह प्रक्रिया शुरू की है।

सरपंच का दावा है कि 17 जनवरी 2018 को जब उन्हें सरपंच बने हुए दो साल हो जाएंगे, उस मौके पर उन सभी सेवाओं व सुविधाओं को गांव के लोगों को समर्पित कर दिया जाएगा। अशोक बताते हैं कि पहले जॉब मेले में 170 युवाओं ने आवेदन किया था। उसमें से 12 को राेजगार मिल गया है।

टोल फ्री नंबर: पंचायत की ओर से टोल फ्री नंबर 180010225856 जारी किया गया है। इसे सरपंच हेल्प डेस्क नाम दिया गया है। इसे एक-दो दिन में ट्रांयल के तौर पर शुरू कर दिया जागा। इसमें पटवारी, ग्राम सचिव, पंच, सरपंच आदि से संबंधित जानकारी लेने व शिकायत के लिए अलग-अलग नंबर पर ऑप्शन दिया जाएगा। आधार नंबर के आधार पर शिकायत दर्ज की जाएगी। झूठी शिकायत करने वालों पर कार्रवाई होगी।

रोजगार मेला: गांव में रोजगार मेला शुरू किया गया है। अब तक 12 लोगों को प्राइवेट जॉब दिलाई गई है। आवेदकों को पहले गांव में कुछ समय तक प्रैक्टिस कराई जाती है। टीचिंग, हेल्थ व अन्य सेक्टर से जुड़े युवाओं से पहले गांव में ही सेवाएं ली जाती हैं।

आउटसाइडर पर कंट्रोल: पंचायत गांव में बाहर से आने वाले लाेगों, खासकर फेरी लगाने वालों का एंट्री पास बनवाएगी। ताकि किसी तरह की घटना होने पर उन्हें पुलिस जांच में शामिल किया जा सके। भीख मांगने वालों पर पूरी तरह से पाबंदी रहेगी।

स्वास्थ्य बीमा:पंचायत प्राइवेट अस्पतालों के साथ संपर्क रखा जाएगा। इसके लिए हेल्थ बीमा सिस्टम शुरू होगा। हर नागरिक का एक हजार रुपये में एक लाख का स्वास्थ्य बीमा कराया जाएगा। ताकि कोई बड़ी बीमारी होने पर बड़े अस्पतालों में उनका आसानी से ऑपरेशन या उपचार हो सके।

गांव का अपना क्लीनिक: गांव में एक विशेष क्लीनिक खोला गया है। जिसका नाम डॉक्टर ऑन योर डोर होगा। यहां पर छोटी-मोटी बिमारी के साथ-साथ ब्लड व शुगर जांच नियमित करने का सिस्टम शुरू किया जाएगा।

पारिवारिक बीमा: पहले चरण में केवल जॉब मेले में आवेदन करने वाले को ही बीमा का लाभ मिलेगा। एक साल बाद परिवार के अन्य सदस्यों को। वहीं 5 साल के बाद उस परिवार की लड़की की शादी पर 21 हजार रुपये का सहयोग दिया जाएगा।

अपनी वेबसाइट: सरपंच ने ढिंगसरा सरपंच के नाम अपनी वेबसाइट भी बनाई है। इस वेबसाइट में गांव से जुड़ी हर जानकारी, डाटा फीड किया गया है। इसके जरिए किसी तरह की जानकारी व सुझाव इस पर दर्ज कराए जा सकते हैं।

इन्हें मिल चुकी है नौकरी

- दिनेश कुमार गांव ढिंगसरा ने बताया कि वह बी टेक हैं। उन्होंने पंचायत की ओर से शुरू किए गए जॉब मेले में आवेदन किया था। उसके बाद उन्हें प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के तहत एक संस्थान में होम एप्लासेंस विषय बनाने का काम मिला है।
- रविंद्र द्यातड ने बताया कि वह एमए बीएड हैं। उन्हें पंचायत जॉब मेले के जरिए प्रधानमंत्री कौशल विकास के तहत एक संस्थान में प्रिंसिपल के तौर पर जॉब मिली है।
- अंजू डूडी ने बताया कि वह भी एमए बीएड हैं, उन्हें जॉब मेले के जरिए सिलाई-कढाई ट्रेनर की नौकरी मिली है।
50 एकड़ जमीन पर आधुनिक खेती
गांव में 50 किसानों का एक समूह बनाया जा रहा है। इनमें से सभी किसानों की एक-एक एकड़ जमीन पर किसी तरह कोई पारंपारिक फसल की बिजाई नहीं की जाएगी। यानिकी 50 एकड़ जमीन पर हर सीजन में बागवानी, इलायची व अन्य तरह के पदार्थों की खेती की जाएगी। यदि नुकसान हुआ तो पंचायत भुगतेगी, फायदा हुआ किसानों को बांट दिया जाएगा।
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