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टीचर्स और लोगों की कोशिश से बदला सरकारी स्कूल का नजारा, बनाया हरा-भरा पार्क

स्कूल के अध्यापकों की लग्न व मेहनत ने स्कूल की फिज़ां ही बदल कर रख दी है।

Danik Bhaskar | Jan 17, 2018, 05:38 AM IST

डबवाली. जो स्कूल बारिश आने पर पानी से लबालब भर जाता था और इस कारण स्कूल में कई बार छुट्टी करनी पड़ती थी उस स्कूल का प्रांगण आज हरे-भरे पार्क में बदल चुका है। जलभराव तो दूर अब स्कूल में कहीं भी कचरा दिखाई नहीं देता। बच्चे कागज का एक टुकड़ा भी इधर-उधर फेंकने की बजाय कक्षा के बाहर रखे डस्टबिन में डालते हैं। यह नजारा किसी प्राइवेट स्कूल की नहीं बल्कि गांव जगमालवाली के राजकीय हाई स्कूल का है। स्कूल के अध्यापकों की लग्न व मेहनत ने स्कूल की फिज़ां ही बदल कर रख दी है।


वर्ष 2014 तक स्कूल के हालात यह थे कि लेवल काफी नीचा होने के कारण मामूली बरसात में ही स्कूल पानी से लबालब हो जाता और फिर 5 दिन तक हालात नहीं बदलते। राजपुरा स्कूल से पदोन्नत होकर आए मुख्याध्यापक सुखवंत सिंह चीमा ने अध्यापकों के साथ मिलकर समस्या का समाधान करने की ठान ली। तत्कालीन सरपंच जग्गा सिंह से बात की जिसके बाद करीब 150 ट्राली मिट्टी डालकर स्कूल का लेवल ऊंचा करवा दिया। जलभराव की समस्या हल होने के बाद स्कूल के सौंदर्यीकरण की दिशा में कार्य शुरू किया। करीब 150 गुणा 100 फीट क्षेत्र में घास लगवाई, जन्मदिन मनाओ-पौधे लगाओ मुहिम चलाकर बच्चों से स्कूल प्रांगण में पौधे लगवाए व जगह-जगह सुंदर गमले लगाए गए।

अध्यापकों की लग्न देखकर मौजूदा सरपंच गुरमीत कौर व एसएमसी प्रधान धर्मेंद्र सिंह ने भी भरपूर सहयोग दिया। सबके प्रयासों से स्कूल भवन व गेट पर पेंट करवा दिया है। प्रत्येक कक्षा के बाहर कचरा डालने के लिए डस्टबिन व स्वच्छ पानी के लिए कैंपर रखे हैं। मिड-डे मील के लिए अध्यापकों ने अपनी जेब से पैसे लगाकर शेड बनवा दिया है। परीक्षा परिणाम में सुधार के लिए अध्यापकों ने बच्चों को मेहनत से पढ़ाई करवाई तो सकारात्मक परिणाम सामने आए।