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बच्ची के अंतिम संस्कार से इनकार, बाजार बंद कर धरना शुरू, तनाव को देखते हुए पुलिस फोर्स तैनात

राजनीतिक, सामाजिक एवं व्यापारिक संगठनों के साथ-साथ आम आदमी भी इस घटना से बेहद आहत दिखा।

Danik Bhaskar | Dec 10, 2017, 07:10 AM IST

उकलाना/हिसार. उकलाना में मासूम के साथ दरिंदगी के बाद हत्या से लोगों में आक्रोश फूट पड़ा। शनिवार को राजनीतिक, सामाजिक एवं व्यापारिक संगठनों के साथ-साथ आम आदमी भी इस घटना से बेहद आहत दिखा। विरोध में उकलाना का बाजार सुबह ही बंद हो गया। लोगों ने 5 साल की मासूम को श्रद्धांजलि देते हुए उकलाना की सड़कों पर विरोध प्रदर्शन करते पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। शाम को जैसे ही शव पहुंचा लोग पीड़ित परिवार की झोपड़ी के सामने एकत्रित हो गए और शव का अंतिम संस्कार करने से इनकार कर दिया। इसके बाद लोग टैंट लगाकर धरने पर बैठ गए। प्रशासन की ओर से एसडीएम पृथ्वी सिंह ने धरने पर बैठे लोगों के सामने पीड़ित परिवार को 8 लाख रुपए का मुआवजा एवं परिवार के दो सदस्यों को डीसी रेट पर नौकरी की पेशकश की लेकिन परिवार ने इससे इनकार कर दिया। परिवार की ओर से 50 लाख रुपए का मुआवजा, पक्का मकान और परिवार के सदस्य को पक्की नौकरी दिए जाने की मांग रखी।

बाजार कराया गया बंद

उकलाना में मासूम की हत्या से गुस्साए लोग सड़कों पर आ गए। इसके बाद राजनीतिक एवं सामाजिक संगठनों ने बाजार को खुलने नहीं दिया। कुछ दुकानें खुलीं भी तो उन्हें भी लोगों ने बंद करा दिया। घटना के विरोध में दिन भर अधिकांश बाजार बंद रहा।

देर रात धरने पर बैठे

पोस्टमार्टम के बाद बालिका का शव जैसे मंडी में पहुंचा। राजनीतिक एवं सामाजिक संगठनों के लोग झोपड़ी के सामने एकत्रित हो गए। देर रात झोपड़ी के सामने टैंट लगाकर स्थाई धरना शुरू कर दिया। इस दौरान इनेलो नेता एवं विधायक अनूप धाणक, जिलाध्यक्ष राजेंद्र लितानी, इनेलो महिला विंग की पूर्व प्रदेशअध्यक्ष शीला भ्याण, कांग्रेस के नेता पूर्व विधायक नरेश सेलवाल के अलावा अन्य संगठनों को लोग शामिल थे।

दरिंदगी करने वालों को मिले कड़ी सजा

पीड़ित परिवार की आर्थिक स्थिति दयनीय है। परिवार के अधिकांश सदस्य कचरे से बोतल, प्लास्टिक एवं चुगने का काम करते हैं। बालिका का पिता मजदूरी के लिए गुरुग्राम गया है। परिवार के सदस्यों ने सरकार से न्याय की गुहार की है। पीड़ित परिवार के सदस्यों का कहना था कि उन्हें इंसाफ चाहिए। बेटी के साथ जघन्य वारदात को अंजाम देने वाले जल्द पकड़े जाने चाहिए। उन्हें एसी सजा मिले ताकि इस तरह की वारदात किसी के साथ न हो।

मासूम निर्भया को कैंडल जलाकर दी श्रद्धांजलि

जब 5 साल की मासूम निर्भया का शव उनकी झोपड़ी में रखा हुआ था वहां पर मौजूद सैकड़ों लोगों की आंखें नम थीं। इस दौरान हर किसी की आंख में मासूम के प्रति हुई इतनी दरिंदगी को लेकर गहरा रोष था। मौके पर जुटे लोंगों ने खासकर युवाओं की एक टीम ने एकजुट होकर कैंडल जलाकर निर्भया को श्रद्धांजलि दी और उसके दोषियों को बहुत जल्द सजा दिलवाये जाने का विश्वास दिलाया।

जांच के एंगल

- पुलिस की टीमों की शक की सुंई झुग्गी एवं झोपड़ियों को आसपास घूम रही है। यहां तर्क हैं कि इन झोपड़ियों में किसी बाहर के व्यक्ति की घुसने की उम्मीद कम है।
- बच्ची अपनी मां एवं बहनों के साथ बीच में सोई थी। एेसे में उसे कोई कैसे उठा ले गया। उठाया भी तो परिवार के किसी सदस्य को भनक तक नहीं लगी। इसलिए कोई परिचित ही झोपड़ी में दाखिल हो सकता है।
- इस संभावना से भी इनकार नहीं किया जा सकता कि बच्ची टायलेट के बाहर आई हो और मौका पाते ही उसे कोई उठा ले गया।
-पुलिस की टीमों ने कई लोगों की कॉल डिटेल भी निकलवाई है। इसके अलावा डंप भी उठवाया गया ताकि इस बात का पता लगाया जा सके। उस समय कोई फोन पर तो बात नहीं कर रहा था।